उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक ऐसी समस्या सामने आई है जो आए दिन देश के कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की असलियत को बयां करती है। मामला नियमताबाद विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा चौरहट का है, जहां पुरानी बस्ती में स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे वाली गली में अवैध अतिक्रमण ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। इस रास्ते से गुजरने वाले स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों और विशेषकर सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अवैध अतिक्रमण बना जी का जंजाल
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, चौरहट पुरानी बस्ती की यह गली इलाके का एक महत्वपूर्ण रास्ता है, जो कई मोहल्लों को आपस में जोड़ता है। लेकिन पिछले कुछ समय से इस मार्ग पर लगातार अवैध अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। लोगों ने रास्ते की जमीन पर मनमाने तरीके से कब्जा करना शुरू कर दिया है, जिससे सड़क की चौड़ाई लगातार सिमटती जा रही है। स्थिति यह हो गई है कि अब इस रास्ते से दोपहिया वाहन का निकलना भी दूभर हो गया है, पैदल चलना तो दूर की बात है।
अतिक्रमणकारियों की इस मनमानी के कारण स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। कई बार लोगों ने मौखिक तौर पर इस बात का विरोध किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। रास्ते के दोनों ओर अवैध निर्माण, मलबे का ढेर और घरेलू सामान रख दिए जाने से यह पूरी गली अवरुद्ध हो गई है।
सुबह के वक्त स्कूली बच्चों की बढ़ती है मुसीबतें
इस समस्या का सबसे गंभीर पहलू यह है कि सुबह के व्यस्त समय में जब छोटे-छोटे मासूम बच्चे अपने कंधों पर बस्ते लादकर स्कूल के लिए निकलते हैं, तो उन्हें इस रास्ते से गुजरने में भारी जोखिम उठाना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह के वक्त स्कूल बसों और वैन तक पहुंचने के लिए बच्चों को इसी गली से होकर गुजरना होता है।
- रास्ता संकरा होने के कारण स्कूली बच्चों को कई बार कीचड़ और मलबे से होकर गुजरना पड़ता है।
- तेजी से आने वाले वाहनों से बच्चों के टकराने का खतरा हर वक्त बना रहता है।
- छोटी उम्र के बच्चों को स्कूल ले जाने वाले अभिभावक खासे चिंतित नजर आते हैं।
- गर्मी, सर्दी या बरसात—हर मौसम में यह समस्या बच्चों और उनके माता-पिता के लिए सिरदर्द बन जाती है।
अभिभावकों का यह भी कहना है कि कई बार बच्चे स्कूल जाने के चक्कर में इस तंग रास्ते पर फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की उम्मीदें प्रशासन से धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं।
स्थानीय निवासियों की व्यथा और प्रशासनिक चुप्पी
दुर्गा मंदिर के पीछे वाली इस गली के आसपास रहने वाले लोगों का जीवन इस अतिक्रमण के कारण अस्त-व्यस्त हो गया है। आपातकालीन स्थिति में यदि किसी के घर एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ी बुलानी पड़ जाए, तो उसका इस गली में प्रवेश करना असंभव है। यह स्थिति किसी बड़े खतरे को खुला निमंत्रण दे रही है।
मोहल्ले के प्रबुद्ध नागरिकों और बुजुर्गों ने कई बार इस संबंध में आपसी चर्चा की है और जल्द ही जिला प्रशासन तथा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से मिलकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस अवैध कब्जे को नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक विकट हो जाएगी।
आगे की कार्रवाई और समाधान की उम्मीद
जनता की यह समस्या अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। लोग उम्मीद जता रहे हैं कि चंदौली जिला प्रशासन और नियमताबाद ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी इस खबर का संज्ञान लेंगे। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि जल्द से जल्द इस रास्ते से अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर या प्रशासनिक बल की मदद से हटाया जाए, ताकि आम जनता और विशेष रूप से नौनिहालों को राहत मिल सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी हरकत में आता है और कब तक चौरहट के इन बाशिंदों को इस रोजाना की कलह और परेशानी से मुक्ति मिलती है।