मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले के सरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोड़बहरा गांव में एक अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। मृतक की पहचान भैयालाल सेन उर्फ लाला मिस्त्री के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
दुकान जाने कहकर निकले थे भैयालाल, फिर क्या हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैयालाल सोमवार रात को करीब 9 बजे अपने घर से यह कहकर निकले थे कि वे दुकान जा रहे हैं। आमतौर पर वे समय से घर लौट आते थे, लेकिन उस रात जब काफी देर तक वे वापस नहीं आए, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। परिवार के लोगों ने आसपास उनकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
रात करीब 1 बजे जब कुछ राहगीर झुरही-सरई मार्ग से गुजर रहे थे, तो उन्होंने गोड़बहरा के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़े देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि यह वही भैयालाल हैं। इस मनहूस खबर के मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
शरीर पर मिले करंट के निशान, हत्या की आशंका
इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर और संदिग्ध तब माना गया जब परिजनों ने भैयालाल के शरीर पर गहरे निशान देखे। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि भैयालाल की सामान्य मौत नहीं हुई है, बल्कि उन्हें सुनियोजित तरीके से करंट लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि शरीर पर मिले निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि किसी ने रंजिश के चलते उन्हें करंट का झटका दिया और बाद में सबूत मिटाने या दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया।
घटना के तुरंत बाद, रात करीब 1 बजे ही परिजनों ने पुलिस को इस अनहोनी की सूचना दे दी थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए परिजनों ने बताया कि पुलिस बल अगले दिन सुबह करीब 7 बजे मौके पर पहुंचा। पुलिस की इस कथित देरी से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क पर चक्काजाम
सुबह होते ही घटना की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। भैयालाल की संदिग्ध मौत और पुलिस की सुस्त कार्रवाई से नाराज परिजनों और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
नाराज भीड़ की मांग थी कि इस मामले को महज एक दुर्घटना न माना जाए, बल्कि इसे हत्या मानते हुए तुरंत प्रभाव से हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग पर अड़े रहे। मौके पर तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
पुलिस जांच और आगे के कदम
सरई थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उग्र ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत और घटनास्थल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (चाहे वह करंट लगने से हो या किसी अन्य वजह से) से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा। पुलिस का दावा है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस दर्दनाक घटना के बाद से गोड़बहरा गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई न्याय की मांग कर रहा है।