जिंदगी की रफ्तार कब और किस मोड़ पर थम जाए, इसके बारे में कुछ भी कहना नामुमकिन है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बाइक पर सवार होकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे एक पूर्व ग्राम प्रधान को अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया। सड़क चलते अचानक हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं।
दुर्गा मंदिर के पास हुआ अचानक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना चंदौली जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर-9, दुर्गा मंदिर के पास घटी। मृतक की पहचान फुटिया गांव के पूर्व प्रधान त्रिभुवन दुबे के रूप में हुई है। चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, त्रिभुवन दुबे अपनी मोटरसाइकिल से सामान्य गति से छत्रपुरा की तरफ जा रहे थे। रास्ते में सब कुछ बिल्कुल सामान्य था, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होने वाला है।
ड्राइविंग करते वक्त अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। दर्द इतना तीव्र था कि वह खुद को संभाल नहीं सके। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपनी बाइक को सड़क किनारे रोकने की कोशिश की। हालांकि, जैसे ही उन्होंने बाइक रोकी और जमीन पर पैर रखने लगे, वह अचानक बेसुध होकर सड़क पर ही गिर पड़े।
स्थानीय लोगों और साथियों की कोशिशें रहीं नाकाम
घटनास्थल पर उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे और आसपास के स्थानीय दुकानदार व राहगीर भी तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। जमीन पर गिरे पूर्व प्रधान को देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत उन्हें संभालने की कोशिश की। उनकी नब्ज टटोली गई और होश में लाने के प्रयास किए गए।
तत्काल मदद के रूप में आसपास के लोगों ने एक चारपाई का इंतजाम किया और उन्हें उस पर लिटाकर राहत देने की कोशिश की गई, ताकि उनकी सांसें सामान्य हो सकें। लेकिन, दिल का दौरा इतना भयंकर था कि मेडिकल सहायता मिलने से पहले ही उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब तक उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की जाती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर
इस आकस्मिक निधन की खबर जैसे ही फुटिया गांव और उनके समर्थकों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। घर-परिवार में रोना-पीटत और चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते घटनास्थल और उनके आवास पर स्थानीय ग्रामीणों, शुभचिंतकों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बता दें कि मृतक त्रिभुवन दुबे ब्राह्मण समाज के एक अत्यंत चर्चित और प्रतिष्ठित नेता सदानंद दुबे के छोटे भाई थे। उनके परिवार का समाज में एक गहरा प्रभाव और सम्मानजनक स्थान है। एक हंसमुख और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी पूर्व प्रधान की इस तरह अचानक हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं और खामोश قاتل
आज के दौर में साइलेंट हार्ट अटैक और अचानक सीने में उठने वाले दर्द के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और खानपान की गलत आदतों के कारण युवा और अधेड़ उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। चलते-फिरते, वाहन चलाते समय या काम करते वक्त इस तरह की दिल की बीमारियां लोगों की जिंदगी पल भर में छीन रही हैं।
फुटिया गांव के पूर्व प्रधान त्रिभुवन दुबे के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में हर कोई इस अनहोनी पर विश्वास नहीं कर पा रहा है। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच पूरा क्षेत्र इस समय गमगीन माहौल में डूबा हुआ है।