झारखंड के चतरा जिला मुख्यालय से एक बेहद दहला देने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। जिला के केसरी चौक के पास गौरक्षणी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अदालत के आदेश पर एक जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक और पुलिस टीम के सामने ही एक महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। इस खौफनाक कदम से मौके पर चीख-पुकार मच गई। आग बुझाने और महिला की जान बचाने की कोशिश में चतरा सदर थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी (एसआई) भी गंभीर रूप से झुलस गए।
न्यायालय के आदेश पर पहुंची थी टीम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला दशकों पुराने एक भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है। केसरी चौक के समीप स्थित विवादित जमीन को लेकर कानूनी लड़ाई वर्ष 1988 से यानी करीब 38 सालों से न्यायालय में चल रही थी। हाल ही में अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए विजय अग्रवाल के पक्ष में अपना निर्णय दिया था। न्यायालय के इसी आदेश का पालन कराने और कानूनी रूप से जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने के लिए प्रशासनिक दंडाधिकारी (मैजिस्ट्रेट) की उपस्थिति में भारी पुलिस बल के साथ एक टीम बुधवार को मौके पर पहुंची थी।
जैसे ही पुलिस और प्रशासनिक अमले ने जमीन पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की, विरोधी पक्ष की ओर से इसका कड़ा विरोध किया जाने लगा। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और मौके पर हंगामा शुरू हो गया।
महिला ने अचानक उठाया खौफनाक कदम
कार्रवाई का विरोध कर रही रीना देवी नामक महिला अचानक आक्रामक हो गई। विरोध जताने के दौरान उसने पहले से लाई गई पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर छिड़ककर आग लगा ली। पलक झपकते ही महिला आग की लपटों से घिर गई। इस अचानक हुई घटना से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के होश उड़ गए।
वहां मौजूद पुलिस बल में शामिल सदर थाना के सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) प्रवीण सिंह ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना आग की लपटों के बीच घिरी महिला को बचाने की कोशिश की। महिला को बचाने के इस साहसिक प्रयास में एएसआई प्रवीण सिंह भी बुरी तरह झुलस गए।
अस्पताल में चल रहा है इलाज
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद झुलसी हुई महिला रीना देवी और उनके बेटे धीरज कुमार को तत्काल चतरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची) रेफर कर दिया। वहीं, आग बुझाने के दौरान झुलसे एएसआई प्रवीण सिंह का इलाज फिलहाल चतरा सदर अस्पताल में ही चल रहा है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस ने बरामद की हॉकी स्टिक
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह और एसडीपीओ सन्नी वर्धन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की है।
जांच के दौरान पुलिस ने मौके से तीन हॉकी स्टिक भी बरामद की हैं, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि शायद पहले से ही विरोध या हिंसा की तैयारी की गई थी। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पूर्व नियोजित था या गुस्से में उठाया गया अचानक कदम।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आगे की कार्रवाई
इस सनसनीखेज घटना के बाद से केसरी चौक और गौरक्षणी इलाके में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया है, और इस दौरान उसे बचाने की कोशिश में पुलिसकर्मी भी झुलसे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि वर्षों पुराने भूमि विवाद किस तरह अचानक विकराल रूप ले सकते हैं और इंसानी जिंदगियों को खतरे में डाल सकते हैं। फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।