देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से अपनी तबाही और तेज हवाओं के लिए चर्चा में बना चक्रवात अर्नब अब आखिरकार कमजोर पड़ गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान की तीव्रता में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राहत की सांस ली जा सकती है। हालांकि, इस सिस्टम के कमजोर होने के बावजूद इसका असर थमा नहीं है। नमी से भरी हवाओं और मानसूनी गतिविधियों के चलते आज देश के कुल 22 राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।
चक्रवात अर्नब का कमजोर पड़ना: क्या कहते हैं आंकड़े?
बीते कुछ दिनों से लगातार तटीय इलाकों में हलचल मचाने वाला चक्रवात अर्नब अब डिप्रेशन में बदल चुका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र की सतह का तापमान अनुकूल न मिलने और भूमि से टकराने के बाद इसकी ऊर्जा तेजी से क्षीण हुई है। यही कारण है कि अब यह सिस्टम खतरनाक श्रेणी से बाहर आ गया है।
बावजूद इसके, हवाओं का रुख और बादलों का डेरा अभी भी कई इलाकों में बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही चक्रवात का मुख्य केंद्र अब शांत हो रहा हो, लेकिन इसके अवशेषी बादलों (Remnant Clouds) की वजह से देश के एक बड़े हिस्से में व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।
आज किन 22 राज्यों में रहेगा बारिश का साया?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज यानी 25 सितंबर 2026 को देश के लगभग आधे से अधिक राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। आइए जानते हैं कि किन-किन क्षेत्रों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है:
- दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
- पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, असम, मेघालय और त्रिपुरा में बादलों की आवाजाही के साथ कई स्थानों पर झमाझम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
- मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
- उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बादलों के बरसने के आसार हैं।
किसानों और आम जनता के लिए राहत और चेतावनी
एक तरफ जहां इस बारिश से देश के कई हिस्सों में सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, बशर्ते हवा की गति बहुत ज्यादा तेज न हो।
हालांकि, जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र की ओर रुख न करें, क्योंकि अभी भी तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें उग्र हो सकती हैं।
आगामी 48 घंटों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि चक्रवात अर्नब के पूरी तरह से शांत होने में अभी दो से तीन दिन का समय और लग सकता है। इसके बाद देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। यानी आने वाले दिनों में ठंड की आहट भी धीरे-धीरे महसूस होने लगेगी, क्योंकि मानसूनी विदाई और इन चक्रवाती गतिविधियों के बाद मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।
यदि आप भी आज यात्रा करने की सोच रहे हैं या किसी ऐसे राज्य में रहते हैं जहां भारी बारिश का अनुमान है, तो घर से निकलने से पहले मौसम विभाग की ताजा अपडेट जरूर जांच लें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।