देश की राजधानी दिल्ली की सूरत बदलने की दिशा में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को एक बेहद अहम अध्याय जुड़ा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत दिल्ली के नागरिकों को 1941 करोड़ रुपये की भारी-भरकम विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहर के ट्रैफिक कंजेशन को कम करना और आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इस मेगा पैकेज में सबसे बड़ा आकर्षण नौ साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बनकर तैयार हुआ बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन है, जिसने दिल्ली के लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत दी है।
बारापुला फेज-3: नौ साल का इंतजार हुआ खत्म
लगभग नौ साल की देरी और तमाम प्रशासनिक अड़चनों को पार करते हुए आखिरकार बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस करीब 10.9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को मौजूदा बारापुला नेटवर्क के साथ जोड़ दिया गया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए दक्षिणी दिल्ली और एम्स तक का सफर पहले के मुकाबले काफी सुगम और तेज हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर दिल्ली के ट्रैफिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां के बीच की दूरी अब बिना किसी बाधा के तय की जा सकेगी। खासकर उन通勤र्स के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें रोजाना ऑफिस या अन्य जरूरी कामों के लिए इन व्यस्त मार्गों से गुजरना पड़ता है।

सराय काले खां के सामने ट्रैफिक दबाव में आएगी भारी कमी
अभी तक की व्यवस्था के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली और एम्स की तरफ से आने वाले जिन वाहनों को गाजियाबाद या पूर्वी दिल्ली की ओर जाना होता था, उन्हें बारापुला फेज-1 और फेज-2 से निकलकर सराय काले खां बस अड्डे के सामने रिंग रोड के बेहद व्यस्त हिस्से से गुजरना पड़ता था। इस वजह से वहां अक्सर लंबा जाम लगा रहता था और लोगों का कीमती समय बर्बाद होता था।
नए कॉरिडोर का करीब 3.5 किलोमीटर लंबा हिस्सा सीधे मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। इसके शुरू होने के बाद अब पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को सराय काले खां के मुख्य चौराहे के चक्कर काटने या भारी ट्रैफिक में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे वाहन सीधे मयूर विहार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
परिवहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा के अनुसार, इस नए मार्ग के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद रिंग रोड के इस संवेदनशील हिस्से पर वाहनों के दबाव में सीधे तौर पर 30 से 35 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आने की उम्मीद है। गुरुवार से इसे आम जनता के लिए खोल दिए जाने की संभावना है।
रोजाना करीब 15,800 वाहनों को मिलेगा सीधा लाभ
करीब 10.9 किलोमीटर लंबे इस पूरे नेटवर्क में मोटर चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा और सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। इसके जरिए मयूर विहार फेज-1, सराय काले खां, दक्षिणी दिल्ली और एम्स के बीच का सफर अब मिनटों में तय किया जा सकेगा। इसके अलावा जहांगीरपुरी की तरफ जाने वाले वाहनों को भी एक वैकल्पिक और सीधा मार्ग मिल गया है।
एक शुरुआती आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, इस परियोजना के धरातल पर आने से रोजाना लगभग 15,800 वाहनों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे ईंधन की बचत तो होगी ही, साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी कमी आने की पूरी उम्मीद है।
अन्य बड़ी परियोजनाओं की भी रखी गई आधारशिला
सिर्फ बारापुला ही नहीं, बल्कि इस 1941 करोड़ रुपये के विकास पैकेज में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन किया गया, जिससे इस व्यस्त जंक्शन पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा, यातायात को और अधिक सुचारू बनाने के लिए:
- मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर की आधारशिला रखी गई है।
- लोनी रोड गोल चक्कर अंडरपास के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया गया है।
इन तमाम प्रोजेक्ट्स के पूरा हो जाने से राजधानी के आउटर और इनर रिंग रोड नेटवर्क पर वाहनों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगी।
सरकारों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच मजबूत तालमेल और बेहतरीन समन्वय के कारण ही राजधानी में नागरिक-केंद्रित बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों को अभूतपूर्व गति मिल रही है। उन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पहले राजनीतिक खींचतान की वजह से दिल्ली के विकास कार्यों को रोके रखा गया था, लेकिन अब जनता को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिलना शुरू हो गया है।
वहीं, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इन सभी परियोजनाओं को दिल्ली की कनेक्टिविटी के लिहाज से ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य दिल्लीवासियों को जाम मुक्त और आधुनिक परिवहन सुविधाएं मुहैया कराना है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी समेत कई अन्य गणमान्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
दिल्लीवासियों के लिए नया ट्रैफिक अनुभव
लंबे समय से अधूरी पड़ी इन परियोजनाओं के चालू होने से दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में एक नई जान फूंक दी गई है। खासकर पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे इन मार्गों पर ट्रैफिक पूरी तरह सामान्य होगा, दिल्ली की सड़कों पर रफ्तार का एक नया रूप देखने को मिलेगा।