त्योहारों के इस सीजन में घर लौटने की जद्दोजहद में जुटे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रूट पर यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली रूट पर चलने वाली विशेष ट्रेनों के फेरों में इजाफा कर दिया गया है, जिससे अब कानपुर समेत कई बड़े स्टेशनों के यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अक्टूबर और नवंबर के इस त्योहारी दौर में सफर को सुगम बनाने के लिए रेलवे ने अपनी तैयारियों को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया है।
सप्ताह में अब तीन दिन दौड़ेगी दिल्ली-हावड़ा स्पेशल ट्रेन
अक्सर त्योहारी सीजन में ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों के लिए सिरदर्द बन जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने ट्रेन संख्या 04052 और 04051 (नई दिल्ली-हावड़ा-नई दिल्ली त्योहार विशेष ट्रेन) की आवृत्ति (Frequency) को बढ़ाने का फैसला किया है। पहले जहां यह ट्रेन हफ्ते में सिर्फ एक दिन संचालित होती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर सप्ताह में तीन दिन कर दिया गया है।
इस बदलाव से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली इन गाड़ियों से हजारों यात्रियों का आवागमन आसान हो जाएगा। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में यह स्पेशल ट्रेनें कुल 24 फेरे लगाएंगी, जिससे सिंतबर के अंत से ही शुरू होने वाली त्योहारी भागदौड़ में यात्रियों को बर्थ पाने के अधिक विकल्प मिलेंगे।
नई समय सारणी और संचालन के दिन
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने दोनों दिशाओं की ट्रेनों के नए दिनों का ऐलान कर दिया है:
- गाड़ी संख्या 04052 (नई दिल्ली-हावड़ा त्योहार विशेष ट्रेन): यह ट्रेन पहले केवल शुक्रवार को चलती थी। अब यह हर सप्ताह शुक्रवार, रविवार और मंगलवार को नई दिल्ली से रवाना होगी। अक्टूबर महीने में यह 6, 9, 11, 13, 16, 18, 20, 23, 25, 27 और 31 तारीख को पटरियों पर दौड़ेगी। इसके बाद नवंबर माह में इसकी सेवाएं 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27 और 29 तारीख को उपलब्ध रहेंगी।
- गाड़ी संख्या 04051 (हावड़ा-नई दिल्ली त्योहार विशेष ट्रेन): वापसी की दिशा में यह ट्रेन पहले रविवार को चलती थी, लेकिन अब यह रविवार, मंगलवार और गुरुवार को चलाई जाएगी। अक्टूबर में यह हावड़ा से 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27 और 29 तारीख को छूटेगी। नवंबर में इसका संचालन 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15, 17, 19, 22, 24 और 26 तारीख को होगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों के भारी दबाव को देखते हुए इसे 1 दिसंबर को भी एक अतिरिक्त फेरे के रूप में चलाया जाएगा।
कानपुर-बेंगलुरु रूट पर भी बढ़ाई गई क्षमता
सिर्फ दिल्ली-हावड़ा मार्ग ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उत्तर मध्य रेलवे ने प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) के दबाव को कम करने के लिए कानपुर सेंट्रल और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन में बड़ा बदलाव किया है।
- रेलवे प्रशासन ने इस रूट की ट्रेन में अस्थाई रूप से एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ने का निर्णय लिया है:गाड़ी संख्या 04131 (कानपुर सेंट्रल से बेंगलुरु): इस ट्रेन में 4 अक्टूबर को विशेष रूप से एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ा जाएगा।
- गाड़ी संख्या 04132 (बेंगलुरु से कानपुर सेंट्रल): वापसी की यात्रा के दौरान इस ट्रेन में 7 अक्टूबर को अतिरिक्त कोच की सुविधा मिलेगी।
इस अस्थायी बढ़ोतरी के बाद ट्रेन में कुल कोचों की संख्या 23 से बढ़कर 24 हो जाएगी। हालांकि यह वृद्धि कुछ चुनिंदा तारीखों के लिए है, लेकिन इससे सैकड़ों वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को अपनी यात्रा कंफर्म करने में बड़ी राहत मिलेगी।
त्योहारी सीजन में रेलवे की खास नजर
दिवाली और छठ जैसे महापर्वों पर उत्तर भारत में ट्रेनों की स्थिति किसी युद्ध के मैदान जैसी हो जाती है। प्लेटफॉर्म्स पर भारी भीड़ और ट्रेनों में पैर रखने की जगह न होना आम बात है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी प्रमुख जोनल मुख्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दें।
कानपुर सेंट्रल जंक्शन, जो कि उत्तर भारत का एक प्रमुख ट्रांजिट जंक्शन है, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीमों को भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा पूछताछ काउंटर और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों पर भी यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप भी इस त्योहारी सीजन में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो रेलवे ने कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखने की अपील की है:
- अपनी यात्रा की योजना समय से बनाएं और रेलवे के आधिकारिक ऐप (UTS या IRCTC) के जरिए ही टिकट बुक करें।
- विशेष ट्रेनों के समय में बदलाव की संभावनाओं को देखते हुए यात्रा से ठीक पहले ट्रेन का शेड्यूल जरूर जांच लें।
- स्टेशन पर प्रवेश करते समय किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।
- अतिरिक्त कोच जोड़े जाने के बाद अपनी बोगी की स्थिति (Coach Position) रेलवे डिस्प्ले बोर्ड पर अवश्य देख लें।
रेलवे के इनेक कदमों से साफ है कि प्रशासन इस बार यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि आप भी समय पर अपने घर पहुंचना चाहते हैं, तो इन बढ़ी हुई फेरों वाली ट्रेनों का लाभ उठाकर आज ही अपनी सीट रिजर्व कर सकते हैं।