भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में एक ऐसा दौर भी रहा है जब शाम ढलते ही देश की तमाम गलियां सूनी हो जाती थीं और घरों के ड्राइंग रूम में टीवी के सामने कुर्सियां सज जाती थीं। उस स्वर्ण युग का पर्याय रहा आइकॉनिक धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जब एक बार फिर नए कलेवर में लौटा, तो पुरानी यादें ताजा होना लाजिमी था। हालांकि, किसी भी बेहतरीन कहानी का एक मुकाम होता है और अब इस सफर के भी विराम की आधिकारिक सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। अक्टूबर 2026 के इस महीने में टेलीविजन जगत से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जो इस शो के डाई-हार्ड फैंस को थोड़ा भावुक जरूर कर सकती है।
तुलसी वीरानी के सफर पर लगने जा रहा है पूर्ण विराम
प्राप्त जानकारियों और मीडिया गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, दर्शकों का चहेता यह धारावाहिक अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। मेकर्स ने शो की गिरती टीआरपी और कहानी को बेवजह लंबा खींचने की आलोचनाओं के बाद आखिरकार एक कड़ा और व्यावहारिक फैसला ले लिया है। इस आइकॉनिक फिक्शन ड्रामा के चाहنے वालों के लिए यह हफ्ता काफी हलचल भरा रहने वाला है, क्योंकि शो के परदे गिरने की तारीखें लगभग तय मानी जा रही हैं।
टेलीविजन इंडस्ट्री के गलियारों में चर्चा है कि इस बहुचर्चित धारावाहिक का आखिरी शेड्यूल अब बस कुछ ही दिनों का मेहमान है। सूत्र बताते हैं कि कलाकारों और क्रू मेंबर्स को इसके ऑफ-एयर होने की आधिकारिक सूचना दे दी गई है, जिससे सेट पर भी एक भावुक माहौल बना हुआ है।
कब शूट होगा आखिरी एपिसोड और कब होगा टेलीकास्ट?
तुलसी वीरानी और मिहिर विरानी के इस रीबूट सफर के अंत की तारीखों पर से पर्दा उठ चुका है:
- अंतिम शूटिंग (Last Shoot Date): मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शो की पूरी स्टार कास्ट और क्रू 10 अक्टूबर 2026 को अपना आखिरी शूट पूरा करेगी। यह दिन सेट पर सभी कलाकारों के लिए काफी जज्बाती होने वाला है।
- आखिरी टेलीकास्ट (Final Episode Telecast): दर्शकों को स्क्रीन पर अपनी पसंदीदा जोड़ी को आखिरी बार देखने का मौका 20 अक्टूबर 2026 को मिलेगा। इस दिन शो का आखिरी और फाइनल एपिसोड प्रसारित किया जाएगा।
रबड़ की तरह खिंचने लगी थी कहानी, फैंस में थी नाराजगी
जब यह शो नए सीजन के रूप में छोटे परदे पर उतरा था, तब उम्मीदें आसमान पर थीं। पुराने किरदारों की वापसी और नए चेहरों के साथ एक फ्रेश नैरेटिव की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, समय के साथ कहानी अपनी पुरानी घिसी-पिटी चाल पर लौट आई। नए किरदार दर्शकों के दिलों पर वो अमिट छाप छोड़ने में नाकामयाब रहे जो कभी मूल कलाकारों ने छोड़ी थी।
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ हफ्तों से यह बहस छिड़ी हुई थी कि मेकर्स कहानी को बिना किसी ठोस दिशा के रबड़ की तरह खींच रहे हैं। प्लॉट में आ रहे बार-बार के उतार-चढ़ाव और ड्रामे ने दर्शकों को बोर करना शुरू कर दिया था। इसी आलोचना और घटती व्यूअरशिप को ध्यान में रखते हुए चैनल और प्रोडक्शन हाउस ने शो को गरिमापूर्ण तरीके से समेटने का बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लिया है।
क्या होगी मिहिर और तुलसी की कहानी की हैप्पी एंडिंग?
चूंकि शो अब अपने अंतिम चरण में है, इसलिए मेकर्स ने इसकी कहानी को तेजी से समेटना शुरू कर दिया है। आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को एक के बाद एक कई बड़े खुलासे और भावनात्मक मोड़ देखने को मिलेंगे। मंदिरा की तमाम लाख कोशिशों और षड्यंत्रों के बावजूद, अनुपम की सूझबूझ और मदद से मिहिर की 'शांति निकेतन' में एक बार फिर शान से वापसी होने की प्रबल संभावना है।
वीरानी परिवार के मुखिया की घर वापसी के साथ ही, तुलसी और मिहिर के रिश्ते की यह लंबी दास्तान एक बेहद खूबसूरत और सुखी (Happy Ending) मोड़ पर आकर हमेशा के लिए थम जाएगी। फैंस लंबे समय से इसी सुखद अंत की उम्मीद कर रहे थे।
तृप्ति के काले कारनामों का होगा पर्दाफाश
महज प्रेम और पारिवारिक कलह ही नहीं, बल्कि इस अंत में एक बड़े रहस्य से भी पर्दा उठने की पूरी उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शो के क्लाइमेक्स में करण और नंदिनी के बेटे पार्थ की मौत के उस खौफनाक राज का सच सामने आएगा, जिसने कई साल पहले परिवार को झकझोर कर रख दिया था.
कहा जा रहा है कि फ्लैशबैक और खुलासों के जरिए यह बात सामने आएगी कि कैसे 10 साल पहले पार्थ चुपचाप 'अंबा भवन' की एक बड़ी डील करने वाला था, जिसे हथियाने की साजिश कोई और नहीं बल्कि तृप्ति रच रही थी। जब नंदिनी वहां वैष्णवी को बचाने के लिए पहुंचती है, तो तृप्ति मौके का फायदा उठाकर पीछे से पार्थ पर गोली चला देती है। इस घिनौने कृत्य का पूरा इल्ज़ाम शातिर तरीके से नंदिनी पर मढ़ दिया जाता है ताकि तुलसी और पूरा वीरानी परिवार अंदर से बिखर जाए। अब चूंकि शो खत्म हो रहा है, तो इस सच का सामने आना तय माना जा रहा है।
एक युग का अंत
भले ही यह दूसरा सीजन उस तरह का ऐतिहासिक जादुई असर न छोड़ पाया हो जैसा मूल शो ने दो दशक पहले किया था, फिर भी इसने भारतीय टेलीविजन के एक बहुत बड़े इमोशन को जिंदा रखा। 20 अक्टूबर को जब इसका आखिरी पर्दा गिरेगा, तो एक बार फिर टेलीविजन की दुनिया नम आंखों से इस ऐतिहासिक पन्ने को पलट देगी।