सावन के महीने में उत्तर भारत की सड़कों का नजारा पूरी तरह बदल चुका है। खासकर बात करें व्यस्ततम माने जाने वाले दिल्ली-मेरठ मार्ग की, तो यह अब वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से शिवभक्तों यानी कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के सैलाब से पूरा हाईवे भगवामय हो गया है।
मनमोहक झांकियां और उमड़ती भीड़
हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। शिवभक्त अपने साथ बेहद आकर्षक और मनमोहक झांकियां लेकर चल रहे हैं। इन अद्भुत दृश्यों को अपनी आंखों से देखने के लिए स्थानीय लोगों में भी गजब का क्रेज देखने को मिल रहा है। शाम ढलते ही यानी करीब 7 बजे से रात के 12 बजे तक सड़कों के दोनों किनारों पर भारी भीड़ जुट रही है।
विशेष तौर पर गोविंदपुरी से लेकर सीकरी पेट्रोल पंप तक का इलाका पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। यहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शिवभक्तों का जोरदार स्वागत किया जा रहा है, जो आपसी भाईचारे और आस्था का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है।
प्रशासन और पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
भीड़ इतनी जबरदस्त है कि यातायात को नियंत्रित करने में स्थानीय पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। पिछले महज 24 घंटों के भीतर एक लाख से अधिक कांवड़िये अपने-अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ चुके हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने मुख्य सड़कों से बैरिकेडिंग हटाकर ट्रैफिक डायवर्जन को और सख्त कर दिया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।
डाक कांवड़ का बढ़ा प्रवाह
जैसे-जैसे सावन का आखिरी पड़ाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे 'डाक कांवड़' की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है।
- हरियाणा और दिल्ली जाने वाली डाक कांवड़ मुख्य रूप से गंगनहर पटरी से गुजर रही हैं।
- ये शिवभक्त पाइपलाइन मार्ग से होते हुए लोनी की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।
- रविवार को सैकड़ों की संख्या में डाक कांवड़ इस रूट से गुजरीं।
- गंगनहर पटरी पर अब पैदल चलने वाले कांवड़ियों की तुलना में वाहन सवार डाक कांवड़िए अधिक नजर आ रहे हैं।
प्रशासन का अनुमान है कि आने वाले घंटों में डाक कांवड़ियों का दबाव दिल्ली-मेरठ मार्ग पर और अधिक बढ़ेगा। इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या दिल्ली-मेरठ मार्ग पर आम वाहनों की एंट्री बंद है?
Ans: हां, कांवड़ यात्रा के भारी दबाव और सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली-मेरठ मार्ग को फिलहाल आम वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर इसे पूरी तरह से कांवड़ियों के लिए समर्पित कर दिया गया है।
Q2: डाक कांवड़ किस रूट से निकल रही हैं?
Ans: हरियाणा और दिल्ली जाने वाली डाक कांवड़ मुख्य रूप से गंगनहर पटरी और पाइपलाइन मार्ग से होते हुए लोनी की ओर बढ़ रही हैं।
Q3: रूट पर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
Ans: भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाई है, जगह-जगह पुलिस बल तैनात है और यातायात को पूरी तरह डायवर्ट किया गया है।