राजधानी दिल्ली के संवेदनशील और राजनीतिक रूप से बेहद हलचल वाले इलाके जंतर-मंतर रोड पर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संभावित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इस फैसले के बाद से ही दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में पहरा कड़ा कर दिया है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बनी रहे।
क्यों उठानी पड़ी प्रशासन को यह सख्ती?
हाल ही में राजनीतिक दलों और विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक (INDIA Block) के सांसदों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ किए गए तीखे प्रदर्शनों के बाद से ही सियासी पारा काफी चढ़ा हुआ है। चुनाव प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों में तीखा रोष देखा जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते आज भी जंतर-मंतर पर विभिन्न राजनीतिक संगठनों और समूहों द्वारा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाने की आशंका जताई जा रही थी।
खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टालने के लिए यह precautionary measure (ऐहतियाती कदम) उठाया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजधानी में शांति और व्यवस्था बनी रहे तथा आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
BNSS धारा 163 के तहत क्या हैं पाबंदियां?
पुराने कानूनों में बदलाव के बाद अब नए प्रावधानों के तहत लागू की गई BNSS धारा 163 (पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा 144 के समान) के तहत निम्नलिखित सख्त नियम लागू होते हैं:
- भीड़ इकट्ठा करने पर रोक: जंतर-मंतर और उसके आसपास के निर्दिष्ट क्षेत्रों में पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
- मार्च और रैलियों पर रोक: बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस, धरना, प्रदर्शन या रैली निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- हथियार ले जाने पर पाابंदी: इलाके में किसी भी तरह के लाठी-डंडे, हथियार या विस्फोटक सामग्री ले जाने पर सख्त मनाही है।
- नारेबाजी और लाउडस्पीकर: सार्वजनिक शांति भंग करने वाले नारों या अनधिकृत लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
जंतर-मंतर पर छावनी में बदला इलाका
आज सुबह से ही जंतर-मंतर रोड और उससे जुड़ी सड़कों पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की तैनाती देखी जा सकती है। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई है और हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति तथा वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है, हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एहतियात के तौर पर किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
स्थानीय पुलिस थाना अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का पूरा सहयोग करें।राजनीतिक हलचल और आगे के हालात
देश की राजनीति में इन दिनों चुनाव आयोग की भूमिका और निष्पक्षता को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं। दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसियां किसी भी राजनीतिक तनाव को शहर की सुरक्षा के लिए चुनौती नहीं बनने देना चाहती हैं। आने वाले कुछ घंटों में स्थिति किस करवट बैठती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
प्रशासन की यह सख्ती यह साफ दर्शाती है कि राजधानी में कानून और व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। जंतर-मंतर पर तैनात सुरक्षाकर्मी हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।