आसमान की बुलन्दियों पर उड़ते विमान के कॉकपिट के भीतर जब सुरक्षा कवच टूटता है, तो यात्रियों की सांसें थम जाना लाजिमी है। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर हाल ही में दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या 1073 (Flight 1073) के दौरान सामने आया, जब आसमान में ही एक गंभीर साजिश रचने की कोशिश की गई। इस घटना के केंद्र में था विमान का को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी, जिसने फ्लाइट के दौरान अपने ही साथी को-पायलट स्मित मछार पर अचानक हमला बोल दिया। इस सनसनीखेज वाकये ने न सिर्फ विमानन जगत को हिलाकर रख दिया है, बल्कि एयरलाइन्स की सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
उड़ान का जुनूनी और को-पायलट हम्मामी का छिपा सच
शुरुआती जांच और सहकर्मियों के बयानों से जो बातें सामने आ रही हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। हमाम-अल-हम्मामी को विमानन और उड़ान भरने का बहुत अधिक जुनून था। बाहर से देखने पर वह एक सामान्य और पेशेवर पायलट नजर आता था, जो अपनी ड्यूटी को लेकर काफी गंभीर रहता था। लेकिन, इस जुनून के परदे के पीछे एक खतरनाक और暗 (अंधेरा) पहलू छिपा था, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, हम्मामी का यह अत्यधिक जुनून धीरे-धीरे किसी मानसिक विकार या चरमपंथी झुकाव में बदल रहा था या नहीं, इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। कॉकपिट जैसी बेहद संवेदनशील जगह पर इस तरह का हिंसक बर्ताव इस बात का प्रमाण है कि पेशेवर ट्रेनिंग के दौरान उसके मानसिक तनाव या वैचारिक भटकाव को पकड़ने में सिस्टम कहीं न कहीं असफल रहा।
ফ्लाइट 1073 के भीतर क्या हुआ था?
घटना वाले दिन दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई यह उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी। विमान हवा में था और सब कुछ ठीक लग रहा था। तभी अचानक को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी ने अपने साथी को-पायलट स्मित मछार पर अप्रत्याशित रूप से हमला कर दिया। उस वक्त कॉकपिट में जो कुछ भी हुआ, वह किसी बड़ी आपदा को न्यौता देने के लिए काफी था।
- अचानक हमला: स्मित मछार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, तभी हम्मामी ने उन पर शारीरिक हमला कर दिया।
- कॉकपिट की सुरक्षा: विमान के नियंत्रण को अपने हाथ में लेने या उसे नुकसान पहुंचाने की नीयत से यह कदम उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
- सूझबूझ से टला हादसा: स्मित मछार और क्रू सदस्यों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण स्थिति को किसी तरह संभाला गया और विमान को सुरक्षित उतरा गया।
चरमपंथी कनेक्शन और सुरक्षा एजेंसियों की सुई
इस घटना के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग हरकत میں आ गए हैं। जांच का दायरा अब केवल एक झगड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार संभावित चरमपंथी संगठनों या कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ने की आशंकाओं की भी जांच की जा रही है।
खुफिया सूत्र यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या हम्मामी किसी ऑनलाइन मॉड्यूल के संपर्क में था या उसे किसी ने इस तरह के कृत्य के लिए उकसाया था। उसके पिछले रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और व्यक्तिगत संपर्कों को खंगाला जा रहा है ताकि इस पूरी साजिश के पीछे की असली मानसिकता का पता चल सके।
एयरलाइन्स की सुरक्षा और स्क्रीनिंग प्रोसेस पर गंभीर सवाल
इस घटना ने एविएशन इंडस्ट्री के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या कमर्शियल एयरलाइन्स के पायलटों की भर्ती और उनकी मानसिक स्थिति की जांच (Psychological Screening) के तरीके नाकाफी साबित हो रहे हैं? एक ऐसा व्यक्ति जो कॉकपिट जैसी अति-संवेदनशील जगह पर बैठकर यात्रियों की जान खतरे में डाल सकता है, वह सुरक्षा जांच की परतों को भेदकर वहां तक कैसे पहुंच गया?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दुनिया भर की एयरलाइन्स को अपने पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण को और अधिक कड़ा करना होगा। सिर्फ शारीरिक फिटनेस और फ्लाइंग ऑवर्स के आधार पर फिटनेस देना अब सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
भले ही फ्लाईदुबई की इस उड़ान को सुरक्षित लैंड करा लिया गया हो और बड़ा हादसा टल गया हो, लेकिन इस घटना ने हवाई सफर करने वाले आम यात्रियों के मन में एक गहरा डर बैठा दिया है। लोग अब यह सोचने पर मजबूर हैं कि जिस पायलट के हाथों में उनकी जान है, वह अंदर से किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा है।
जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल जांच से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जो शायद एविएशन सेक्टर की सुरक्षा नीतियों हमेशा के लिए बदल कर रख दें।