आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ रहे एक विमान के भीतर जब मौत का साया मंडराने लगे, तो वहां मौजूद लोगों के दिलों की धड़कनें क्या कहती होंगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। हाल ही में दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई (Flydubai) की एक फ्लाइट में कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया की हवाई सुरक्षा एजेंसियों को हिलाकर रख दिया है। कॉकपिट के भीतर दो पायलटों के बीच हुई खूनी झड़प और विमान को हाईजैक करने की नाकाम कोशिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आसमान में सुरक्षा के कितने कड़े पैमाने होने चाहिए।
कॉकपिट के भीतर खूनी संघर्ष और इमरजेंसी सिग्नल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की यह फ्लाइट दुबई से रवाना होकर इजरायल के तेल अवीव शहर की तरफ बढ़ रही थी। विमान जब जॉर्डन के वायुक्षेत्र (airspace) के ऊपर से गुजर रहा था, तब अचानक विमान से एक के बाद एक दो आपातकालीन सिग्नल (Emergency Signals) मिलने शुरू हुए। पहला सिग्नल सामान्य तकनीकी आपातकाल का था, लेकिन दूसरा सिग्नल सीधे तौर पर विमान के अपहरण यानी हाईजैक (Hijack Attempt) से जुड़ा हुआ था। इन सिग्नलों ने ग्राउंड कंट्रोल रूम और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए।
पड़ताल करने पर पता चला कि यह पूरा ड्रामा कॉकपिट के अंदर घटित हुआ था। विमान उड़ा रहे दो पायलटों के बीच अचानक किसी बात को लेकर तीखी नोकझोक शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि एक पायलट ने सनकी अंदाज में अपने ही साथी सह-पायलट पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से कॉकपिट में खून-खराबा मच गया और विमान का संतुलन बिगड़ने की कगार पर पहुंच गया।
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कड़ा रुख
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के नापाक मंसूबों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेतन्याहू ने कहा, "दुश्मन को पकड़ो और खत्म कर दो। इस खतरनाक साजिश के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और बेहद सख्त सजा दी जाएगी।" इजरायली प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह से इजरायली नागरिकों से भरे इस विमान को क्रैश करने या हाईजैक करने की साजिश रची गई थी, वह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय आतंकी षड्यंत्र भी हो सकता है जिसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए।
यात्रियों और क्रू मेंबर्स की बहादुरी से टला बड़ा हादसा
एक तरफ जहां कॉकपिट में जानलेवा हमला चल रहा था, वहीं विमान के भीतर बैठे यात्रियों की सूझबूझ और क्रू मेंबर्स (Cabin Crew) की बहादुरी ने एक बहुत बड़ी अनहोनी को होने से रोक लिया। जब यात्रियों को अहसास हुआ कि कुछ असामान्य घटित हो रहा है और विमान का नियंत्रण खतरे में है, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए असाधारण साहस का परिचय दिया।
क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने एकजुट होकर कॉकपिट की तरफ रुख किया और हमलावर पायलट पर काबू पा लिया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विशेष रूप से इन सभी नायकों की सराहना की है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "मैं फ्लाइट में मौजूद उन सभी साहसी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सलाम करता हूं जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए असाधारण सूझबूझ दिखाई। उनकी वजह से सैकड़ों बेकसूर लोगों की जानें बच सकीं।" विमान में उस दौरान कुल 180 यात्री सवार थे, जो इस घटना के बाद दहशत में आ गए थे, लेकिन सुरक्षित बचा लिए गए।
सऊदी अरब में आरोपी पायलट गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज घटना के बाद विमान को तुरंत सुरक्षित रूट पर डायवर्ट किया गया। सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से विमान को अंततः दुबई में सुरक्षित उतार (Safe Landing) लिया गया। विमान के जमीन पर उतरते ही स्थानीय सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की।
ताजा अपडेट के मुताबिक, चाकू से हमला करने वाले आरोपी पायलट को सऊदी अरब में गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी उससे कड़ी पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सनकी हरकत के पीछे उसकी क्या मानसिक स्थिति थी या क्या इसके पीछे किसी बड़े आतंकी संगठन का हाथ है। वहीं, दूसरी ओर इस खूनी संघर्ष में घायल हुए दूसरे पायलट को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
वैश्विक विमानन सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना ने दुनिया भर की एयरलाइंस और विमानन सुरक्षा (Aviation Security) के सामने एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि यदि कॉकपिट के अंदर ही सुरक्षाकर्मी या पायलट इस तरह की हिंसक वारदातों पर उतर आएं, तो यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी पृष्ठभूमि की जांच (Background Verification) को लेकर अब कड़े नियमों की मांग उठने लगी है।
इजरायल और मध्य पूर्व के मौजूदा तनावपूर्ण माहौल के बीच इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। खुफिया एजेंसियां यह खंगालने में जुटी हैं कि क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत मानसिक विचलन का मामला था या फिर इजरायल के खिलाफ किसी सुनियोजित हवाई हमले की साजिश का हिस्सा। आने वाले दिनों में इस जांच के और भी कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की उम्मीद है।