क्या अपने ही खून से सगा रिश्ता इस हद तक दुश्मनी में बदल सकता है कि कोई पोता अपने ही बुजुर्ग दादा की जान का प्यासा बन जाए? राजस्थान के पाली जिले से एक ऐसी ही दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया है। देसूरी थाना क्षेत्र के गुड़ा भोपसिंह गांव में एक नदी के पास मिले 90 वर्षीय बुजुर्ग के शव मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर जो पर्दाफाश किया है, उसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज कत्ल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना ही पोता निकला है।
खून के रिश्ते का खूनी अंत: क्या था पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 12 अगस्त को हुई, जब पुलिस को गुड़ा भोपसिंह के पास एक नदी में एक अज्ञात बुजुर्ग का शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही देसूरी थाना पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर एमओबी (মোবাইল ऑर्थोपेडिक ब्यूरो) टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। मृतक की शिनाख्त करीब 90 वर्षीय अमरसिंह राजपूत के रूप में हुई, जो इसी गांव के रहने वाले थे।
प्राथमिक जांच में ही यह साफ हो गया था कि बुजुर्ग की हत्या किसी अन्य स्थान पर बेहद शातिर तरीके से की गई है और साक्ष्य छुपाने के इरादे से उनके शव को नदी में फेंका गया है। पुलिस ने जब इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय पूछताछ का सहारा लिया, तो परत दर परत ऐसे खुलासे हुए जिन्होंने सबको हैरान कर दिया।
बहन की लव मैरिज और पिता की मौत का बदला
बाली वृताधिकारी (DSP) पारस चौधरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने जब कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू की, तो मृतक के परिवार के ही एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) की गतिविधियां बेहद संदिग्ध पाई गईं। जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और सख्त अंदाज में उससे पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला, वह दिल दहला देने वाला था।
जांच में सामने आया कि आरोपी पोता अपने परिवार की कुछ पुरानी बातों और हालिया घटनाओं को लेकर अंदर ही अंदर सुलग रहा था:
- उसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था, और उसे लगता था कि दादाजी की तरफ से उसे वह मानसिक संबल या संवेदना नहीं मिली जिसकी उसे तलाश थी।
- घर में उसकी बहन ने अपनी मर्जी से यानी 'लव मैरिज' कर ली थी, जिससे बुजुर्ग दादा अमरसिंह बेहद नाराज थे।
- दादा की इस नाराजगी और पारिवारिक कलह से पोता इस कदर आहत और गुस्सा था कि उसने अपने ही दादा को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
इंटरनेट पर सर्च किया हत्या का तरीका
अपराध की दुनिया में आजकल के युवा किस हद तक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, इसका एक और भयानक उदाहरण इस केस में देखने को मिला। पुलिस के अनुसार, इस नाबालिग ने वारदात को अंजाम देने से पहले इंटरनेट पर सर्च किया था कि हत्या कैसे की जाए और सबूत कैसे मिटाए जाएं।
साजिश के तहत, पोते ने अपने दोस्त घाणेराव निवासी पूरण मेघवाल (20) को इसमें शामिल किया। इसके अलावा, खेत की रखवाली करने वाले सायरा थाना क्षेत्र के रहने वाले खरताराम भील (50) ने भी इस साजिश में उनका साथ दिया।
चाकू और स्क्रूड्राइवर से किए ताबड़तोड़ वार
पुलिस की शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, 10-11 अगस्त की दरमियानी रात जब बुजुर्ग अमरसिंह घर पर सो रहे थे, तभी इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने बुजुर्ग के शरीर पर चाकू और स्क्रूड्राइवर से 3-4 गंभीर वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कत्ल के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शातिर चाल चली। उन्होंने बुजुर्ग के शव को एक बोरे में भरा और रात के वक्त स्कूटी पर लादकर घर से महज 200 मीटर दूर नदी में फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो। हैरानी की बात यह है कि 11 अगस्त को बुजुर्ग के गायब रहने के बावजूद परिजनों ने कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई थी, जिससे परिवार के भीतर चल रही साजिश की बू पहले ही आने लगी थी।
टेक्निकल सर्विलांस और कॉल हिस्ट्री बनी पुलिस का मुख्य हथियार
अंधे कत्ल का खुलासा करने में पाली पुलिस की तकनीकी टीम ने शानदार काम किया। मृतक के घर से गायब होने से लेकर शव मिलने तक के बीच की कॉल डिटेल्स (CDR), आरोपियों की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और घटनास्थल के आसपास मिले डिजिटल सबूतों ने इस पूरे केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग को बाल कल्याण नियमों के तहत संरक्षण में ले लिया गया है।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से पूरा गुड़ा भोपसिंह गांव और आसपास का इलाका सन्न है। हर कोई यही सोच रहा है कि आज की युवा पीढ़ी गुस्से और अहंकार में किस हद तक गिर सकती है कि वह अपने ही बुजुर्गों की जान लेने से भी नहीं हिचकिचा रही।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: राजस्थान के किस जिले में 90 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया है?
Ans: यह सनसनीखेज मामला पाली जिले के देसूरी थाना क्षेत्र के गुड़ा भोपसिंह गांव का है, जहां 90 वर्षीय अमरसिंह की हत्या कर दी गई थी।
Q2: इस बुजुर्ग की हत्या का मास्टरमाइंड कौन निकला?
Ans: पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या का मास्टरमाइंड मृतक का अपना ही पोता (नाबालिग) था, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
Q3: हत्या के पीछे मुख्य वजह क्या थी?
Ans: पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पोता अपनी बहन की लव मैरिज से दादा की नाराजगी और पिता की मौत के बाद कथित रूप से मिलने वाली उपेक्षा से बेहद नाराज था, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
Q4: पुलिस ने इस मामले का खुलासा कैसे किया?
Ans: पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, और संदिग्धों से मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया।