गुरुग्राम में गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार देर रात शहर के एक प्रमुख मॉल में पुलिस और महिला आयोग की संयुक्त टीमों ने अचानक धावा बोल दिया। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय और योजनाबद्ध तरीके से की गई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। रात के सन्नाटे में हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
रात 10 बजे से शुरू हुआ पांच घंटे का बड़ा ऑपरेशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई शुक्रवार रात 10 बजे शुरू हुई और शनिवार सुबह करीब 3 बजे तक यानी लगातार पांच घंटे तक चलती रही। गुरुग्राम के सेक्टर-90 स्थित चर्चित सफायर 90 मॉल में चल रहे स्पा सेंटरों पर संदिग्ध और गैर-कानूनी गतिविधियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह स्वतः संज्ञान लेते हुए बड़ा कदम उठाया गया है।
इस हाई-प्रोफाइल रेड में सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी-भरकम फौज शामिल थी। लगभग 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के इस विशाल दल ने मॉल को चारों तरफ से घेर लिया ताकि कोई भी मौके से भाग न सके। एसीपी मुख्यालय-1 अभिलक्ष जोशी की सीधी देखरेख में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। बता दें कि वे अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में भी नियुक्त हैं।
महिला आयोग की चेयरपर्सन खुद रहीं मौजूद
इस छापेमारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी खुद अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मौजूद थीं। इसके अलावा, कानून और प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की भी मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी। टीम में करीब 20 इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के तेज-तर्रार अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने एक साथ मॉल के सभी 18 स्पा सेंटरों पर धावा बोल दिया।
- छापेमारी का समय: रात 10:00 बजे से सुबह 3:00 बजे तक
- स्थान: सफायर 90 मॉल, सेक्टर-90, गुरुग्राम
- कुल स्पा सेंटर खंगाले गए: 18
- संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं: 8 स्पा सेंटर
18 में से 8 सेंटरों में मिलीं संदिग्ध गतिविधियां
एक साथ की गई इस ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि 18 में से 8 स्पा सेंटर ऐसे थे, जहां नियमों को ताक पर रखकर संदिग्ध और गैर-कानूनी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस टीमों ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल डेटा, भौतिक साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
साइबर और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इन जब्त किए गए सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इन स्पा सेंटरों के असली मालिकों, पर्दे के पीछे से इन्हें संचालित करने वाले लोगों, मैनेजरों और इस अवैध धंधे में मदद करने वाले हर एक शख्स की भूमिका को बेनकाब करना है।
मौके पर मिले 30 महिलाएं और 20 पुरुष
आधी रात को हुई इस अचानक रेड के दौरान स्पा सेंटरों के अंदर से लगभग 30 महिलाएं और 20 पुरुष मौजूद पाए गए। पुलिस अधिकारियों ने सभी को हिरासत में लेकर मौके पर ही पूछताछ शुरू कर दी। महिलाओं से उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों और उन्हें इस कार्य में धकेले जाने या अपनी मर्जी से काम करने के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यहां किसी प्रकार की मानव तस्करी या जबरन देह व्यापार का सिंडिकेट तो नहीं चल रहा था।
वहीं, दूसरी ओर वहां मौजूद पुरुषों की मौजूदगी के कारणों और उनकी संलिप्तता की भी पुलिस द्वारा गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इनमें से किन-किन लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर कानूनी मुकदमे दर्ज किए जाएं।
आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़े निर्देश
प्रारंभिक जांच और प्राथमिक कानूनी कार्रवाई एसीपी मुख्यालय-1 के विशेष पुलिस अधिकारी की निगरानी में पूरी कर ली गई है। इसके बाद के विस्तृत अनुसंधान (Detailed Investigation) की जिम्मेदारी थाना खेड़की दौला के प्रभारी को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के सबसे सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम प्रशासन के इस सख्त एक्शन के बाद से शहर के अन्य इलाकों में अवैध रूप से स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में गलत धंधे चलाने वालों में भारी दहशत का माहौल है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और अधिक तीव्र किया जाएगा ताकि शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर कोई आंच न आ सके।