मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां महज 200 रुपए के स्टांप की एंट्री को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि एक वेंडर की जान पर बन आई। मामूली सी बात पर दबंगई दिखाते हुए आरोपी ने स्टांप वेंडर पर सरेआम फायरिंग कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था और लगातार अपनी ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार, ग्वालियर पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया तंत्र के आधार पर उत्तर प्रदेश के अयोध्या (फैजाबाद) से आरोपी को धर दबोचा है।
महज 200 रुपए की एंट्री बना खूनी संघर्ष की वजह
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना ग्वालियर के एक व्यस्त इलाके में हुई। पीड़ित स्टांप वेंडर अपने नियमित कामकाज में व्यस्त था। इसी दौरान आरोपी एजाज उर्फ अयाज खान वहां पहुंचा और 200 रुपए के एक स्टांप पेपर की एंट्री को लेकर वेंडर से बहस शुरू कर दी। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने गुस्से में आपा खो दिया।
विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी कमर से देसी कट्टा निकाला और वेंडर पर सीधा फायर झोंक दिया। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में वेंडर बाल-बाल बच गया, लेकिन इस गोलीबारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग की घटना ने स्थानीय कारोबारियों और आम नागरिकों में भारी डर का माहौल पैदा कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था।
पुलिस की विशेष टीम का गठन और टेक्निकल सर्विलांस
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर जिला पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला माना। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अपराध शाखा (Crime Branch) और स्थानीय थाने की संयुक्त टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए।
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस ने रूट के तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगालकर आरोपी के भागने के रास्तों की पहचान की।
- ह्यूमन इंटेलिजेंस: मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया ताकि आरोपी के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके।
- मोबाइल सर्विलांस: तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस लगातार आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स पर नजर बनाए हुए थी।
अयोध्या के होटल से दबोचा गया शातिर आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता सुराग मिला कि ग्वालियर में फायरिंग करने के बाद आरोपी एजाज उर्फ अयाज खान उत्तर प्रदेश की तरफ भागा है। पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत उत्तर प्रदेश के लिए प्रस्थान किया। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्वालियर पुलिस ने अयोध्या (फैजाबाद) के एक होटल में दबिश दी।
होटल के कमरे में छिपे बैठे आरोपी को पुलिस ने संभलने का मौका तक नहीं दिया और दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं, जिसका इस्तेमाल उसने ग्वालियर में फायरिंग के दौरान किया था।
कानून व्यवस्था पर सवाल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस घटना के बाद शहर के व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, पुलिस द्वारा इतनी तेजी से उत्तर प्रदेश के अयोध्या से आरोपी की गिरफ्तारी करना पुलिस महकमे की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। आम जनता ने भी पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
ग्वालियर पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर ग्वालियर पहुंच चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या वह किसी अन्य बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307), आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि जरा-जरा सी बात पर बंदूक उठाने वाले अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म करने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी। ग्वालियर पुलिस का संदेश साफ है कि शहर की शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे देश के किसी भी कोने में जाकर क्यों न छिप जाएं।