रसोई के स्वाद को बढ़ाने वाले मसाले ही जब सेहत के लिए दुश्मन बन जाएं, तो चिंता होना लाजिमी है। उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले लोकप्रिय ब्रांड के मसालों पर गाज गिरी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की हालिया जांच में मानकों की अनदेखी पाए जाने के बाद मशहूर 'राजेश मसाले' के उत्पादों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने इनकी खरीद-फरोख्त पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
कड़े एक्शन के तहत बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभाग की रूटीन सैंपलिंग और जांच के दौरान राजेश ब्रांड के मिक्स मसाला और सब्जी मसाला के सैंपल गुणवत्ता के पैमानों पर खरे नहीं उतरे। लैब रिपोर्ट में इन मसालों को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश के बाजारों में अब इस ब्रांड के इन चुनिंदा मसालों की ब्रिक्री पूरी तरह अवैध मानी जाएगी। दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे तुरंत प्रभाव से अपने स्टॉक को हटा लें ताकि आम जनता तक यह खतरनाक उत्पाद न पहुंच सकें।
विभाग के इस निर्देश के बाद थोक और खुदरा व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल है। बाजार में पहले से मौजूद स्टॉक को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना हर विक्रेता के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
बाजार से असुरक्षित बैच री-कॉल करने के सख्त आदेश
सिर्फ बिक्री रोकना ही प्रशासन का मकसद नहीं है, बल्कि जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पहले से बिक चुके या दुकानों पर रखे सामान को वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कंपनी और संबंधित वितሪकों (Distributors) को आदेश दिया है कि वे बाजार से असुरक्षित बैच के सभी पैकेटों को तुरंत 'री-कॉल' करें। यानी इन्हें बाजार से वापस लिया जाएगा ताकि कोई भी नागरिक अनजाने में इनका सेवन न करे।
आम जनता के लिए जरूरी चेतावनी
- यदि आपके घर में भी राजेश ब्रांड का मिक्स मसाला या सब्जी मसाला रखा है, तो इस्तेमाल करने से पहले उसके बैच नंबर की जांच अवश्य कर लें।
- संदिग्ध या प्रतिबंधित बैच के मसालों का सेवन करने से बचें, क्योंकि यह पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
- यदि आपके पास ऐसा कोई पैकेट है, तो उसे तुरंत अपने नजदीकी दुकानदार या विक्रेता के पास वापस लौटाएं।
चंदौली में साईं नमकीन इंडस्ट्रीज पर बड़ी छापेमारी
इस पूरे मामले की कड़ियां केवल मसालों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि खाद्य विभाग ने अपनी सख्त कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अन्य ठिकानों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित 'साईं नमकीन इंडस्ट्रीज' पर औचक छापेमारी की गई है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने फैक्ट्री के भीतर चल रही निर्माण प्रक्रिया और साफ-सफाई के स्तर की बारीकी से जांच की।
चंदौली स्थित इस नमकीन फैक्ट्री से भी अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला में भेजा गया है। लैब से आने वाली रिपोर्ट के आधार पर इस इकाई के खिलाफ भी आगे की कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। शुरुआती दौर में मिल रही जानकारियों के अनुसार, निर्माण इकाइयों में मानकों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की आगे की रणनीति
त्योहारों और आम दिनों में भी खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी गश्त और निरीक्षण बढ़ा दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रदेशभर की मंडियों, गोदामों और फैक्ट्रियों पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि आम आदमी की थाली तक पहुंचने वाला भोजन पूरी तरह से शुद्ध और सुरक्षित हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त प्रशासनिक कार्रवाइयों से खाद्य कारोबारियों में एक कड़ा संदेश जाएगा और वे गुणवत्ता से समझौता करने से बचेंगे। फिलहाल, राजेश मसालों पर लगी रोक और चंदौली में हुई छापेमारी ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम जो पैकबंद खाद्य पदार्थ खा रहे हैं, वे कितने सुरक्षित हैं। इस मामले में आगे आने वाले अपडेट्स पर हमारी लगातार नजर बनी हुई है।