उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर से लापरवाही और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के सवायजपुर थाना क्षेत्र के रूपापुर इलाके में एक छोटी सी लापरवाही पल भर में एक हंसते-खेलते परिवार के लिए वज्रपात बन गई। लोहे की एक सीढ़ी को ले जाते वक्त वह अचानक ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गई, जिससे इसकी चपेट में आए दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस भयानक हादसे में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहा है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना बुधवार शाम की है। रूपापुर चौकी पुलिस की ओर से कुछ सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत और रख-रखाव का काम कराया जाना था। इसी कार्य के सिलसिले में इलाके में तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान, अजय (पुत्र रामदयाल, निवासी ग्राम मुंडेर) और सूरज (पुत्र टिल्ला, निवासी सवायजपुर) एक बड़े आकार की लोहे की सीढ़ी लेकर पेट्रोल पंप की तरफ से पुलिस चौकी की ओर जा रहे थे।
रास्ते में सड़क के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन गुजर रही थी। सड़क की ऊंचाई और लोहे की भारी-भरकम सीढ़ी के आकार के कारण दोनों को अंदाजा नहीं हुआ कि वे मौत के कितने करीब पहुंच रहे हैं। जैसे ही वे रूपापुर चौकी के पास पहुंचे, सीढ़ी का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से छू गया। हाई-टेंशन करंट प्रवाहित होने के कारण पलक झपकते ही दोनों उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने की पुष्टि
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बिना एक पल गंवाए दोनों घायलों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सवायजपुर पहुंचाया। अस्पताल में दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी, जिसे देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही डॉक्टरों ने अजय की स्थिति का जायजा लिया और उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल युवक सूरज का इलाज अभी भी डॉक्टरों की देखरेख में जारी है, जिसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
चिकित्सकों और प्रशासन का बयान
सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर पराग सक्सेना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों घायलों को जब अस्पताल लाया गया था, तब उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। विशेष तौर पर अजय करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस चुका था, जो लगभग 80 प्रतिशत तक जल चुका था। शरीर का अधिकांश हिस्सा जल जाने और अंदरूनी अंगों पर हाई-टेंशन करंट का घातक प्रभाव पड़ने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सुरक्षा के मोर्चे पर गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष और शोक व्याप्त है। लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थानों के ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन विद्युत लाइनें हमेशा से एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं। भारी-भरकम सामान, वाहन या सीढ़ी ले जाते समय इस तरह के हादसों की आशंका हमेशा बनी रहती है, लेकिन बिजली विभाग द्वारा सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।
- भारी वस्तुओं का परिवहन: लोहे या किसी भी धातु की लंबी सीढ़ी या सामान ले जाते समय हमेशा अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
- ओवरहेड लाइनें: खुले तारों और हाई-टेंशन लाइनों के नीचे से गुजरते वक्त रास्ते का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
- प्रशासनिक सतर्कता: इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग को संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अप्रत्याशित हादसे ने मुंडेर गांव के रहने वाले अजय के घर में मातम पसर दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से मामले की पूरी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
