उत्तर प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद हरेंद्र मलिक ने राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोला है। राजभर की ओर से लगातार समाजवादी पार्टी के खिलाफ दिए जा रहे बयानों पर पलटवार करते हुए हरेंद्र मलिक ने न सिर्फ उनके राजनीतिक इतिहास को याद दिलाया, बल्कि यह तक कह दिया कि राजभर वही बोलते हैं जो भारतीय जनता पार्टी की स्क्रिप्ट में लिखा होता है।
2022 के चुनाव का जिक्र कर राजभर पर कसा तंज
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए ओम प्रकाश राजभर के बयानों को आड़े हाथों लिया। मलिक ने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान भी राजभर के बयानों का रुख क्या था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजभर के ये मौजूदा बयान समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित होने के बजाय शुभ संकेत साबित हो सकते हैं।
हरेंद्र मलिक ने कहा, 'राजभर जी को शायद अपने ही पुराने बयानों का ठीक से स्मरण नहीं है। चुनाव के ठीक पहले वे किस तरह के तेवर में थे और किसके खिलाफ क्या बोलते थे, यह जनता भूली नहीं है। उनके बयानों से किसे फायदा और किसे नुकसान होता है, यह इतिहास गवाह है।' सपा सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
'सहयोगी दल पढ़ते हैं बीजेपी की स्क्रिप्ट'
राजभर और एनडीए के अन्य घटक दलों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हरेंद्र मलिक ने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं की मजबूरी होती है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी जो राजनीतिक स्क्रिप्ट तैयार करती है, सहयोगी दलों के नेता ठीक उसी भाषा और लहजे में अपनी बात रखते हैं।
सपा सांसद ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी ओम प्रकाश राजभर के बयानों को कोई खास तवज्जो नहीं देती है और न ही राज्य की आम जनता इन बातों को गंभीरता से लेती है। उन्होंने सलाह दी कि राजभर को दूसरों की पार्टी पर टिप्पणी करने के बजाय अपना घर संभालने की ज्यादा जरूरत है।
मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े पोस्टरों पर आक्रामक तेवर
हाल ही में मुजफ्फरनगर में सामने आए दंगों से जुड़े पोस्टरों के मामले पर भी हरेंद्र मलिक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए।
- तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल: मलिक ने कहा कि पोस्टर लगाने वाले चेहरों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज, वाहनों के नंबर और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद ली जानी चाहिए।
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि इस साजिश में जो भी लोग शामिल पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
सरकार पर बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर बोलते हुए हरेंद्र मलिक ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दे रही है।
मलिक ने कहा कि आज राज्य का युवा, किसान और आम नागरिक महंगाई, सस्ती दवाओं, बेहतर शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। किसानों की कई मांगें अब भी लंबित हैं और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले अन्नदाताओं के परिवारों को आज तक उचित मदद का इंतजार है। ऐसे जनहित के सवालों से सरकार का ध्यान पूरी तरह भटक चुका है।
भाईचारा बनाए रखने की अपील
लेख के अंत में सपा सांसद ने समाज के सभी वर्गों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए समाज को बांटने की जो कोशिशें की जा रही हैं, वे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। जब तक प्रदेश और देश में आपसी भाईचारा कायम नहीं रहेगा, तब तक आम नागरिकों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। पुराने और दबे हुए विवादों को हवा देने के बजाय सभी को मिलकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।