उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर मेरठ इन दिनों एक अजीब और दहला देने वाले खौफ के साए में जी रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस इलाके में अपराध का ग्राफ एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। मामला मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र का है, जहां महज तीस दिनों के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याओं ने स्थानीय लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। हालांकि, स्थानीय पुलिस और एसओजी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से दो मामलों की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है और आरोपियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया है। लेकिन, तीसरी हत्या आज भी पुलिस के लिए एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है, जिसने महकमे के बड़े अधिकारियों की भी नींद उड़ा रखी है।
महज एक महीने का अंतराल और तीन लाशें
किसी भी शांत इलाके में एक महीने के भीतर तीन मर्डर हो जाना सामान्य घटना नहीं माना जा सकता। हस्तिनापुर क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान लगातार मिले शवों ने न सिर्फ आम जनता को डरा दिया है, बल्कि कानून व्यवस्था की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर नई सुबह के साथ इलाके में किसी अनहोनी की आशंका बढ़ती जा रही थी। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या इन वार्रदातों के पीछे कोई एक ही शातिर गिरोह है, या फिर ये अलग-अलग निजी रंजिशों के नतीजे हैं।
घटनाओं के बाद से ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। पुलिस अधिकारियों ने ताबड़तोड़ कई टीमों का गठन किया और सुराग तलाशने शुरू किए। तकनीकी सर्विलांस, मुखबिरों का नेटवर्क और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए मामलों की तह तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
दो मामलों में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
पुलिस के लिए राहत की बात यह रही कि शुरुआती दो हत्याओं के मामलों में तफ्तीश सही दिशा में आगे बढ़ी। पुलिस ने कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए हत्या के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब कर दिया।
- पहला मामला: आपसी रंजिश और पुरानी खुन्नस से जुड़ा पाया गया, जिसमें आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
- दूसरा मामला: पारिवारिक विवाद और उग्र आवेश का परिणाम निकला। इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इन दोनों मामलों के खुलासे के बाद पुलिस अधिकारियों ने चैन की सांस जरूर ली थी, लेकिन उनकी यह राहत ज्यादा लंबी नहीं टिक सकी।
तीसरी हत्या ने बढ़ाई पुलिस की टेंशन
दो मामलों के खुलासे के बाद भी तीसरी घटना पुलिस के लिए एक ऐसी चुनौती बन गई है, जिसका जवाब ढूंढने में खाकी के पसीने छूट रहे हैं। तीसरी हत्या का तरीका, घटनास्थल की परिस्थिति और साक्ष्यों का अभाव इस मामले को बेहद जटिल बना रहा है।
हत्यारे इतने शातिर निकले कि उन्होंने वारदात को अंजाम देने के बाद सबूतों को मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस के हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है जो सीधे तौर पर कातिल तक पहुंच सके। यही वजह है कि मेरठ पुलिस की कई विशेष टीमें अब दिन-रात इसी तीसरी गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और डर का माहौल
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद हस्तिनापुर के स्थानीय बाशिंदों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही तीसरी हत्या का खुलासा नहीं हुआ और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिली, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। व्यापारियों और आम नागरिकों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि इलाके में सुरक्षा का अहसास फिर से कायम हो सके।
प्रशासन का कड़ा रुख
इस पूरे घटनाक्रम पर उच्च अधिकारियों की पैनी नजर है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीसरे मामले में भी बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिन पर तेजी से काम चल रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प और अहम होगा कि मेरठ पुलिस इस उलझी हुई तीसरी कड़ी को कब तक सुलझा पाती है और क्या वाकई हस्तिनापुर का यह इलाका पूरी तरह सुरक्षित हो पाता है या नहीं। कानून और व्यवस्था की इस परीक्षा में खाकी की साख दांव पर लगी हुई है।