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स्थानीय भाषा में भाषण की शुरुआत कर पीएम मोदी ने पंजाब की संस्कृति का मान बढ़ाया।

स्थानीय भाषा में भाषण की शुरुआत कर पीएम मोदी ने पंजाब की संस्कृति का मान बढ़ाया।

जब जालंधर में गूंजी पीएम मोदी की पंजाबी: 'सत श्री अकाल' कहते ही झूम उठा पूरा मैदान!

जालंधर: पंजाब की सियासी और सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जालंधर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में एक ऐसा पल आया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया। राजनीति और रैलियों के शोर-शराबे के बीच, जब देश के प्रधानमंत्री ने मंच संभालते ही ठेठ पंजाबी अंदाज में लोगों का अभिवादन किया, तो पूरा पंडाल तालियों और 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों से गूंज उठा।

​दिल छू गया पीएम मोदी का पंजाबी अंदाज़

​पीएम मोदी जब भी किसी राज्य में जाते हैं, वहां की संस्कृति और भाषा के रंग में रंग जाते हैं। जालंधर की इस रैली में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

  • अभिवादन की शुरुआत: माइक संभालते ही पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर बेहद गर्मजोशी के साथ कहा— "जालंधर दे मेरे प्यारे भइयो ते भैनो, तहानूं सारेया नूं मेरी तरफों सत श्री अकाल!"
  • कनेक्ट का जादू: यह केवल कुछ शब्द नहीं थे, बल्कि पंजाब की मिट्टी और उसकी समृद्ध विरासत के प्रति एक गहरा सम्मान था। जैसे ही ये शब्द मंच से गूंजे, रैली में मौजूद युवाओं और बुजुर्गों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया।
"भाषा सिर्फ संवाद का जरिया नहीं होती, यह दिलों को जोड़ने का पुल होती है। पीएम मोदी ने पंजाबी में बोलकर सीधे पंजाबियों के दिलों में जगह बनाई।"

​सिर्फ भाषा नहीं, पंजाब से जुड़ाव की भी बात की

  • ​अपने संबोधन में पीएम मोदी ने न सिर्फ पंजाबी भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि पंजाब के गौरवशाली इतिहास, गुरुओं की धरती के बलिदान और यहां के किसानों की मेहनत को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का दिल है और इस धरती की खुशहाली के बिना देश की तरक्की अधूरी है।


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