क्रिकेट के मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश करने वाले हमारे चहेते खिलाड़ी जब मैदान से बाहर होते हैं, तो उनकी भी अपनी कुछ निजी आस्थाएं और विश्वास होते हैं। मैदान की चमक-धमक और भारी दबाव के बीच मानसिक शांति पाने के लिए कई भारतीय क्रिकेटर आध्यात्म का सहारा लेते हैं। आज के इस विशेष लेख में हम बात करेंगे कि टीम इंडिया के कौन से स्टार खिलाड़ी किस देवी-देवता के परम भक्त हैं और उनकी जिंदगी में धार्मिक आस्था का क्या महत्व है।
विराट कोहली और महादेव से उनका खास कनेक्शन
भारतीय क्रिकेट टीम के रन मशीन विराट कोहली किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और फिटनेस के लिए पूरी दुनिया में मशहूर विराट मैदान पर जितने आक्रामक दिखते हैं, निजी जीवन में वे उतने ही आध्यात्मिक हैं। विराट कोहली भगवान शिव के अनन्य भक्तों में गिने जाते हैं।
इस बात का प्रमाण उनके शरीर पर बने टैटू और उनकी जीवनशैली से मिलता है। विराट के बाएं हाथ पर भगवान शिव का एक बेहद खूबसूरत टैटू बना हुआ है, जिसमें भोलेनाथ अपने निवास कैलाश पर्वत पर ध्यान की मुद्रा में बैठे हुए नजर आते हैं। इसके अलावा भी उनके शरीर पर अध्यात्म और भगवान शिव से जुड़े कई अन्य प्रतीक उकेरे गए हैं। विराट अक्सर यह मानते हैं कि महादेव की भक्ति से उन्हें जीवन में स्थिरता और आंतरिक शांति मिलती है।अभिषेक शर्मा का अनोखा सेलिब्रेशन और शिव भक्ति
युवा विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने हाल के दिनों में अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है। मैदान पर उनकी तूफानी पारियां तो चर्चा का विषय रहती ही हैं, लेकिन उनका भगवान शिव के प्रति समर्पण भी किसी से छिपा नहीं है।
अभिषेक शर्मा ने जब अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 मुकाबले में शानदार 108 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली थी, तो उनका सेलिब्रेशन स्टाइल सोशल मीडिया पर छा गया था। शतक पूरा करने के बाद उन्होंने मैदान पर ही ध्यान (मेडिटेशन) की मुद्रा में बैठकर जश्न मनाया था, जो बिल्कुल भगवान शिव के ध्यानात्मक स्वरूप की याद दिलाता था। इसके अलावा, अभिषेक सोशल मीडिया पर अक्सर अलग-अलग शिव मंदिरों में दर्शन करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहते हैं, जिससे उनकी गहरी धार्मिक आस्था साफ झलकती है।
मयंक यादव: रफ्तार के सौदागर और बांके बिहारी के भक्त
अपनी अपनी तूफानी गेंदबाजी से दुनिया भर के बल्लेबाजों को खौफ में डालने वाले युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की कहानी बेहद दिलचस्प है। मयंक भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्तों में से एक माने जाते हैं।
उनके परिवार और करीबी सूत्रों के मुताबिक, भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन होने के बाद मयंक की जीवनशैली में काफी बदलाव आया है। पहले वह मांसाहारी हुआ करते थे, लेकिन मुरलीधर की भक्ति में ऐसा मन रमा कि उन्होंने पूरी तरह से शाकाहारी जीवन अपना लिया। मयंक के पिता भी कई बार मीडिया के सामने यह बात कह चुके हैं कि उनके बेटे की आस्था भगवान कृष्ण में अटूट है और यही उनकी मानसिक मजबूती का राज भी है।
क्रिकेट के भगवान सचिन और रोहित की गणपति में अटूट आस्था
'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की भगवान गणेश के प्रति अटूट आस्था जगजाहिर है। सचिन ने खुद कई साल पहले एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान कोई भी बड़ा मैच खेलने से पहले मुंबई के प्रसिद्ध शिवाजी पार्क स्थित गणेश मंदिर में दर्शन करने जरूर जाते थे। बप्पा का आशीर्वाद उनके लिए हमेशा से सफलता की कुंजी रहा है।
वहीं, मौजूदा भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का नाम भी भगवान गणपति और दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी से गहराई से जुड़ा हुआ है। रोहित जब भी समय पाते हैं, अपने परिवार के साथ भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं।गौतम गंभीर और अन्य दिग्गजों का आध्यात्मिक झुकाव
भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी बेबाक राय के साथ-साथ अपनी धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर देश के अलग-अलग कोनों में स्थित प्राचीन मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते हैं और ईश्वरीय शक्ति में पूरा विश्वास रखते हैं। पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज सुरेश रैना भी महादेव के बड़े भक्तों में गिने जाते हैं और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
निष्कर्ष
क्रिकेट और धर्म का रिश्ता भारत में हमेशा से बहुत गहरा रहा है। मैदान का दबाव, असफलता का डर और जीत की उम्मीद—इन सबके बीच आध्यात्म खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने का काम करता है। चाहे विराट और अभिषेक की शिव भक्ति हो या मयंक का कृष्ण प्रेम, यह साफ दिखाता है कि ये खिलाड़ी जितनी शिद्दत से मैदान पर पसीना बहाते हैं, उतनी ही श्रद्धा से अपने आराध्य को भी याद रखते हैं।