हवा में उड़ते हुए विमान के कॉकपिट के अंदर जब अचानक मौत का साया मंडराने लगे और कोई रास्ता नजर न आए, तब एक सेकेंड का फैसला भी जिंदगी और मौत के बीच का फर्क तय कर सकता है। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर हाल ही में दुबई से इजराइल के तेल् अवीव जा रही फ्लाइदुबई की फ्लाइट FZ1073 में देखने को मिला। इस विमान में करीब 170 लोग सवार थे, जिनकी सांसें उस वक्त थम गईं जब कॉकपिट के भीतर एक पायलट ने ही विमान को क्रैश करने की खतरनाक साजिश रच डाली। इस पूरी सनसनीखेज घटना ने पूरी दुनिया की एयरलाइन इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है।
क्या है पूरा मामला? फ्लाइट FZ1073 की क्रोनोलॉजी
फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, बोइंग 737 मैक्स 8 विमान ने दुबई से तेल् अवीव के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के करीब दो घंटे पंद्रह मिनट बाद, जब विमान आसमान में ऊंचाई पर था, तभी कॉकपिट के अंदर भयानक तनाव पैदा हो गया। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, विमान के सह-पायलट (Co-pilot) ने अचानक कैप्टन पर धारधार हथियार से हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
हमले के तुरंत बाद विमान ने महज एक मिनट के भीतर अपनी आधी ऊंचाई खो दी। विमान 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे यानी लगभग 16,600 फीट की खतरनाक गहराई तक गोता लगाने लगा। विमान के ट्रांसपोंडर ने तुरंत एमरजेंसी कोड '7700' (जनरल इमरजेंसी) और फिर '7500' (गैरकानूनी हस्तक्षेप यानी हाईजैकिंग) सिग्नल भेजना शुरू कर दिया। संभावित हाईजैकिंग के डर से इजराइल ने तुरंत अपने फाइटर जेट्स को आसमान में तैनात कर दिया।
भारतीय कैप्टन समित मच्छर बने असली हीरो
इस खौफनाक घटना के केंद्र में एक भारतीय नागरिक और फ्लाइदुबई के कैप्टन समित मच्छर (Smit Machchhar) रहे हैं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन समित ने गजब की मानसिक दृढ़ता और साहस का परिचय दिया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जानकारी दी कि घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हहारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया ताकि अन्य क्रू मेंबर और यात्री अंदर आ सकें।
कैप्टन समित की इस सूझबूझ के चलते विमान में मौजूद यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी क्रू मेंबर्स को अंदर आने का मौका मिल गया। एक यात्री और अन्य क्रू सदस्यों ने तुरंत हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया और उसे काबू में कर लिया। इसके बाद ऑन-ड्यूटी फ्लाइदुबई क्रू ने विमान को सुरक्षित संभाला और सऊदी अरब के ताबूक (Tabuk) एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट कर दिया, जहां विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
पीएम नरेंद्र मोदी और वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया
इस साहसिक कार्य के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन समित मच्छर की जमकर तारीफ की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "कैप्टन समित मच्छर एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे के सामने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असीम साहस और अटूट संकल्प दिखाया।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने, नई ताकत और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूँ।"
उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से इस घटना पर चर्चा की है। ट्रम्प ने कहा कि हमलावर पायलट शायद किसी बड़ी मानसिक स्थिति से गुजर रहा था या फिर किसी आतंकवादी मानसिकता से प्रेरित था, जिसने विमान को डुबाने की कोशिश की थी, लेकिन समय रहते यात्रियों और क्रू ने स्थिति संभाल ली।
इजराइली पीएम नेतन्याहू के बयान और जांच के दायरे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि आरोपी सह-पायलट के सटीक बैकग्राउंड के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि उसके मन में इजराइलियों के प्रति गहरी नफरत थी। ईरान की संलिप्तता के सवाल पर नेतन्याहू ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
नेतन्याहू ने बताया, "हमलावर पायलट की इस समय सऊदी अरब में जांच चल रही है। मुझे लगता है कि उसे बाद में यूएई ले जाया जाएगा जहां से वह आया था या जहां से उसने उड़ान भरी थी। हम इस जांच पर पूरी नजर रखेंगे और संभवतः इसमें शामिल भी होंगे।"
यात्रियों की जुबानी: मौत को बहुत करीब से देखा
विमान में सवार यात्रियों ने उस भयानक पल को याद करते हुए बताया कि जब विमान अचानक नीचे गोता लगाने लगा, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई थी। एक यात्री ने अपने बयान में कहा, "हम विमान हाईजैकिंग के बीच में थे। उस वक्त हमने आतंकवादियों/हमलावर को काबू में कर लिया था और लैंडिंग की तैयारी कर रहे थे... हमें मदद की जरूरत थी।"
एक अन्य यात्री ने बताया कि कैसे उन्होंने और अन्य लोगों ने मिलकर खून से लथपथ कॉकपिट के दरवाजे के पास जाकर हमलावर को खींचा और उसे पूरी तरह से बेबस कर दिया। विमान के ताबूक में लैंड करने के बाद भारी संख्या में सऊदी सुरक्षा बलों ने विमान को घेर लिया था, और राहत की बात यह रही कि पायलट के अलावा सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल, घायल कैप्टन समित मच्छर की सर्जरी सऊदी अरब में सफलतापूर्वक हो चुकी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फ्लाइदुबई एयरलाइन और अंतरराष्ट्रीय विमानन एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि आखिर एक ट्रेंड पायलट इस हद तक कैसे गिर सकता है कि वह अपने ही विमान और सैकड़ों मासूमों की जान दांव पर लगा दे। यह घटना एविएशन हिस्ट्री की सबसे हैरान करने वाली घटनाओं में दर्ज हो गई है, जहां एक भारतीय पायलट की बहादुरी ने एक बड़े नरसंहार को होने से बचा लिया।