आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ रहे एक व्यावसायिक विमान के भीतर जब बम की अफवाह या धमकी पहुंचती है, तो उस चंद लम्हों में सांसें थम जाती हैं। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर हाल ही में तब देखने को मिला, जब लखनऊ से बेंगलुरु के लिए रवाना हुई इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस सनसनीखेज सूचना के मिलते ही उत्तर प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आसमान से लेकर जमीन तक हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया और आनन-फानन में आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए।
आखिर क्या था पूरा मामला और कैसे मची खलबली?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की यह नियमित उड़ान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर कर्नाटक की टेक राजधानी बेंगलुरु के लिए रवाना हुई थी। विमान अभी अपने तय रास्ते पर हवा में ही था, तभी संबंधित एयरलाइंस और सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को एक अज्ञात माध्यम से फ्लाइट में विस्फोटक होने की धमकी मिली।
इस तरह की धमकियों को विमानन सुरक्षा में किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जाता है। जैसे ही यह संदेश एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचा, अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए तुरंत सभी सुरक्षा एजेंसियों को स्टैंडबाय पर रहने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और इमरजेंसी लैंडिंग
धमकी मिलने के बाद पायलट और एटीसी के बीच तुरंत संपर्क साधा गया। तय एसओपी (Standard Operating Procedure) के तहत विमान को सुरक्षित तरीके से जल्द से जल्द जमीन पर उतारने का फैसला लिया गया। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के उतरने से पहले ही तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
- आइसोलेशन बे (Isolation Bay): विमान के लैंड करते ही उसे तुरंत एक सुरक्षित आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां अन्य उड़ानों और यात्रियों से उसे दूर रखा जा सके।
- सुरक्षा बल तैनात: सीआईएसएफ (CISF), बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और श्वान दल (Dog Squad) मौके पर मुस्तैद थे।
- यात्रियों की सुरक्षित निकासी: विमान के रुकते ही सभी यात्रियों को అత్యंत सावधानी और बिना किसी पैनिक के विमान से नीचे उतारा गया।
यात्रियों की बेचैनी और एयरलाइन का आधिकारिक बयान
हवाई अड्डे पर उतरे यात्रियों के चेहरों पर साफ डर और चिंता देखी जा सकती थी। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने सभी को ढांढस बंधाया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी यात्री को कोई नुकसान न पहुंचे। इसके बाद विमान के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली गई। हर एक सीट, लगेज कंपार्टमेंट और कार्गो होल्ड को खंगाला गया।
इंडिगो एयरलाइंस की ओर से इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी कर बताया गया कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इस तरह की झूठी या गंभीर धमकियों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
लगातार मिल रही धमकियों से देश भर की एजेंसियां चिंतित
पिछले कुछ महीनों में भारतीय विमानन क्षेत्र को इस तरह की धमकियों का सामना बार-बार करना पड़ा है। हालांकि इनमें से अधिकांश धमकियां बाद में अफवाह या 'हॉक्स' (Hoax) साबित हुईं, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों को अपनी पूरी ताकत और संसाधनों को झोंकना पड़ता है। इस प्रकार की फर्जी धमकियां न केवल एयरलाइंस को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि यात्रियों को भी भारी मानसिक प्रताड़ना और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में शामिल असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
