इंदौर में अवैध मेडिकल कारोबार का बड़ा पर्दाफाश
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से मंगाई गई करीब 20 हजार गर्भपात किट (Abortion Kits) बरामद की गईं हैं। इतनी भारी मात्रा में इन किटों का मिलना शहर के मेडिकल और स्वास्थ्य तंत्र पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और मेडिकल माफिया की नींद उड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई थी। अधिकारियों को लंबे समय से इस बात की सूचना मिल रही थी कि शहर के कुछ इलाकों में प्रतिबंधित और बिना डॉक्टर की पर्ची के बिकने वाली दवाइयों और किटों का अवैध भंडारण किया जा रहा है। इसी इनपुट के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग और पुलिस की टीमों ने शहर के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी और इस सनसनीखेज खुलासे को अंजाम दिया।
धार कोठी क्षेत्र में हुई पहली बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई
इस पूरी छापेमारी अभियान की शुरुआत शहर के पॉश और व्यस्त माने जाने वाले धार कोठी क्षेत्र से हुई। जब प्रशासनिक अमला यहाँ एक प्रतिष्ठान पर पहुँचा, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। वहां बक्से के बक्से गर्भपात किटों से भरे पड़े थे। शुरुआती तौर पर जब इनकी गिनती शुरू की गई, तो इनकी संख्या हजारों में पहुंच गई।
इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों और संचालकों से जब वैध दस्तावेज और लाइसेंस मांगे गए, वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। न तो उनके पास इन दवाओं के थोक भंडारण का उचित लाइसेंस था और न ही यह रिकॉर्ड था कि ये किटें कहां से मंगाई गई हैं और इन्हें आगे कहां सप्लाई किया जाना था। इस भारी मात्रा में किटों के मिलने से यह साफ हो गया कि इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर अवैध मेडिकल प्रैक्टिसेज के लिए किया जा रहा था।
लसूड़िया मोरी इलाके में भी ताबड़तोड़ छापेमारी
धार कोठी के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी अगली कार्रवाई लसूड़िया मोरी क्षेत्र में अंजाम दी। यह इलाका पिछले कुछ सालों में तेजी से विकसित हुआ है और यहाँ कई कमर्शियल कॉम्प्लेक्स व गोदाम बने हुए हैं। लसूड़िया मोरी में स्थित एक अन्य ठिकाने पर जब छापा मारा गया, तो यहाँ भी गर्भपात किटों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
यहाँ भी स्थिति बिल्कुल वैसी ही थी—लाखों रुपये कीमत की ये किटें बिना किसी सुरक्षा मानक और बिना किसी आधिकारिक निगरानी के डंप की गई थीं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ही जगहों से कुल मिलाकर लगभग 20 हजार किटें जब्त की गई हैं। बाजार में इनकी कीमत और अवैध कमाई का अंदाजा लगाना अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती आकलन के अनुसार यह मामला करोड़ों के अवैध कारोबार से जुड़ा हो सकता है.
इतनी बड़ी मात्रा में किट मंगाने पर क्यों उठे सवाल?
सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात किट इंदौर क्यों मंगाई गईं? चिकित्सा जगत के नियमों के अनुसार, एमटीपी (Medical Termination of Pregnancy) किटें बेहद संवेदनशील श्रेणी में आती हैं। इनका उपयोग केवल और केवल रजिस्टर्ड गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) की देखरेख में और अस्पताल या अधिकृत क्लीनिक में ही किया जा सकता है। खुले बाजार में इनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी: बिना डॉक्टर के पर्चे के इन किटों का सेवन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
- अवैध क्लीनिकों को सप्लाई: अंदेशा जताया जा रहा है कि इन किटों को शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चल रहे अवैध झोलाछाप डॉक्टरों और क्लीनिकों को सप्लाई किया जाना था।
- भ्रूण लिंग परीक्षण का एंगल: इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि इन किटों का इस्तेमाल अवैध गर्भपात के जरिए लिंग परीक्षण से जुड़े मामलों को छिपाने के लिए किया जा रहा हो।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई
छापेमारी के बाद अब जब्त की गई सभी किटों को सील कर दिया गया है और उन्हें परीक्षण के लिए लेबोरेटरी भेजा जा रहा है। इसके साथ ही, जिन गोदामों और प्रतिष्ठानों से ये बरामदगी हुई है, उनके मालिकों और संचालकों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
प्रशासन अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है कि इस अवैध नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है और ये किटें किस फार्मा कंपनी या डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए इंदौर तक पहुंचाई गईं। इस मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
आम जनता और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए चेतावनी
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अवैध मेडिकल उत्पादों का बाजार में आना समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। कई बार महिलाएं बिना डॉक्टरी सलाह के इन किटों का इस्तेमाल कर लेती हैं, जिसके गंभीर साइड इफेक्ट्स होते हैं और कई बार अत्यधिक रक्तस्राव (Hemorrhage) के कारण महिलाओं की जान तक चली जाती है।
प्रशासन ने शहर की जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए केवल योग्य और रजिस्टर्ड डॉक्टरों की ही सलाह लें और इस तरह के अवैध मेडिकल उत्पादों से दूर रहें। इंदौर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि किस तरह से नियमों को ताक पर रखकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।