मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो कानून के रखवालों की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करता है। इंदौर के व्यस्त इलाके में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने पुलिसकर्मी पर ताबड़तोड़ चाकू से हमले कर दिए। इस हमले में जवान को शरीर पर कई गंभीर घाव आए, लेकिन इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और खून से लथपथ हालत में ही आरोपी को धर दबोचा। घायल हेड कॉन्स्टेबल की इस दिलेरी की चर्चा अब पूरे शहर में हो रही है।
इमली बाजार चौराहे पर अचानक भड़का खूनी संघर्ष
यह सनसनीखेज घटना इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त इमली बाजार चौराहे पर घटी। दोपहर के समय जब बाजार में आम दिनों की तरह चहल-पहल थी, तभी एक सनकी बदमाश ने ऐसा तांडव मचाया कि हर कोई सन्न रह गया। आरोपी की पहचान शुभम जाटव के रूप में हुई है, जिसके सिर पर खून सवार था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने इलाके में स्थित एक दुकान से अचानक चाकू उठाया और वहां मौजूद एक स्थानीय व्यापारी पर हमले का प्रयास किया।
इस बीच वहां से गुजर रहे हेड कॉन्स्टेबल पवन सिसोदिया की नजर इस भयानक मंजर पर पड़ी। एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी होने के नाते उन्होंने बिना एक पल गंवाए आगे बढ़कर आरोपी को रोकने की कोशिश की। लेकिन आरोपी शुभम ने व्यापारी को छोड़ने के बजाय अपना पूरा गुस्सा खाकी पर उतार दिया और हेड कॉन्स्टेबल पर अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया।
शरीर पर किए गए चाकू के 8 ताबड़तोड़ वार
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी शुभम जाटव ने हेड कॉन्स्टेबल पवन सिसोदिया पर एक के बाद एक करीब 8 बार चाकू से खतरनाक वार किए। हमलावर ने इतनी बेरहमी से प्रहार किए कि जवान की गर्दन, हाथ, पैर और जांघ समेत शरीर के कई संवेदनशील हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से खून बहने लगा और स्थिति बेहद नाजुक हो गई।
सामान्य तौर पर इतने गहरे जख्मों के बाद कोई भी व्यक्ति सुद-बुद खो बैठता है, लेकिन पवन सिसोदिया ने जिस मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया, वह हर किसी को हैरान करने के लिए काफी है। लहूलुहान होने के बावजूद उन्होंने आरोपी को वहां से भागने का मौका नहीं दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने पूरी ताकत बटोरी और हमलावर को कसकर दबोच लिया।
घायल अवस्था में आरोपी को थाने लेकर पहुंचे जांबाज
शारीरिक रूप से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हेड कॉन्स्टेबल का हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने हार मानने के बजाय आरोपी शुभम जाटव को खुद काबू में किया और उसे पैदल ही खींचते हुए सदर बाजार थाने ले आए। जब खून से लथपथ हेड कॉन्स्टेबल आरोपी को लेकर थाने के गेट के अंदर दाखिल हुए, तो वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी एक पल के लिए दंग रह गए।
तुरंत एक्शन लेते हुए थाने के स्टाफ ने घायल हेड कॉन्स्टेबल को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर आरोपी शुभम जाटव को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना के वक्त आरोपी ने भारी मात्रा में नशा कर रखा था, जिसकी वजह से वह बेकाबू हो गया था।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास और दर्ज हैं कई केस
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पकड़ा गया आरोपी शुभम जाटव कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ पहले से ही कई थानों में कुल 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह आदतन अपराधी है और अक्सर इलाके में इस तरह की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहता है।
इतने सारे मामलों के बावजूद उसका खुलेआम इस तरह हथियार लेकर घूमना और पुलिस पर हमला करना कानून-व्यवस्था की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि आखिर इतनी आपराधिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद वह किस तरह खुलेआम घूम रहा था और उसे इस घटना की प्रेरणा कहां से मिली।
हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
इंदौर पुलिस प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी शुभम जाटव के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) समेत भारतीय दंड संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत नया संगीन मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से खून से सना हुआ वह चाकू भी बरामद कर लिया है, जिससे उसने हेड कॉन्स्टेबल पर जानलेवा हमला किया था।
चूंकि आरोपी को भी घटना के दौरान चोटें आई हैं और उसकी नशे की हालत को देखते हुए उसे पुलिस कस्टडी में ही एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इस पूरे षड्यंत्र और उसके अन्य साथियों के बारे में गहन पूछताछ की जा सके।
इलाके में सुरक्षा और नशे के कारोबार पर उठे गंभीर सवाल
इस दुस्साहसिक घटना के बाद इमली बाजार और आसपास के स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी रोष और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि व्यस्त बाजारों में इस तरह सरेआम धारदार हथियार लेकर घूमना और पुलिस पर हमला कर देना असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों को साफ दिखाता है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और उन तमाम ठिकानों पर सख्त कार्रवाई की जाए जहां अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। बहरहाल, हेड कॉन्स्टेबल पवन सिसोदिया की इस अदम्य साहस और कर्तव्य परायणता की गूंज पूरे पुलिस विभाग में है, और हर कोई उनकी सलामती की दुआ कर रहा है।