पति की मौत के बाद पत्नी का आंसुओं से भीगा चेहरा, अंतिम संस्कार में सब्र का बांध टूटना और फिर पवित्र नदी में अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार जाना... यह सब देखकर किसी को भी उस पर दया आ जाएगी। लेकिन जब पर्दे के पीछे का सच सामने आया, तो देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की पवित्रता और भरोसे की बुनियाद को हिलाकर रख दिया है। यह कहानी है 27 साल के महेश मीणा की, जिसकी मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक गहरी और खौफनाक साजिश साबित हो रही है।
अस्पताल की राह में उजड़ गई दुनिया
यह खौफनाक दास्तान शुरू होती है 5 अगस्त की सुबह से। महेश अपनी पत्नी कविता को दवाई दिलाने के लिए बाइक पर घर से निकला था। बगरू के बोराज इलाके से दवा लेने के बाद जब दोनों देर शाम तक घर नहीं लौटे, तो परिवार की बेचौनी बढ़ने लगी। छोटे भाई मनीष ने जब भाभी कविता को फोन किया, तो उसने जल्द लौटने की बात कहकर टाल दिया।
लेकिन कुछ ही देर बाद एक ऐसा फोन आया जिसने पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। कविता ने फोन पर बताया कि महेश की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है और वह विश्वकर्मा इलाके में 14 नंबर पुलिया के पास आकर उन्हें ले जाए। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो महेश सड़क किनारे बेसुध पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में सबको यही लगा कि यह किसी बीमारी या अचानक तबीयत बिगड़ने से हुआ नेचुरल डेथ का मामला है।
पिता की जिद और CCTV ने खोल दिए सारे राज
मृतक के पिता बाबूलाल मीणा का दिल इस कहानी को मानने को तैयार नहीं था। उन्होंने पुलिस के भरोसे बैठने के बजाय खुद अपने दूसरे बेटे के साथ मिलकर घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए। इस बात की भनक उन्होंने अपनी बहू कविता तक को नहीं लगने दी।
जब सीसीटीवी फुटेज सामने आए, तो सच किसी फिल्मी कहानी से कम डरावना नहीं था। कविता के बताए गए घटनाक्रम और कैमरों में कैद तस्वीरों में जमीन-आसमान का फर्क था।
- फुटेज में कविता अकेले महेश को बाइक पर लाती नहीं दिख रही थी।
- एक बाइक पर कविता किसी अन्य युवक के पीछे बैठी नजर आई।
- दूसरी बाइक पर दो युवक महेश को बीच में बैठाकर ले जाते दिखे।
पिता की छानबीन के बाद जिन लड़कों के नाम सामने आए, उनमें गणेश, अजय मीणा और गोलू प्रजापत शामिल थे। परिवार का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर महेश को जहर दिया और उसकी हत्या की सुनियोजित साजिश रची।
9 साल पुराना अफेयर और हरिद्वार यात्रा का नाटक
मामले की परतें उघड़ीं तो पता चला कि कविता का गणेश नाम के युवक के साथ कथित तौर पर पिछले 9 साल से अफेयर चल रहा था। शादी के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना हुआ था। आरोप है कि कविता कई बार गणेश के साथ घर छोड़कर भी जा चुकी थी। बीच में पति महेश रोड़ा बन रहा था, इसलिए उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना लिया गया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जब परिजनों ने हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के दौरान कविता को ये सारे सीसीटीवी फुटेज दिखाए, तो उसका रवैया पूरी तरह बदल गया। एक वायरल वीडियो में परिजन जब उससे पूछताछ कर रहे हैं, तो वह बेपरवाह होकर हंसती नजर आ रही है। वीडियो में उसके मुंह से यह भी निकला— 'मैं तो फंस गई, अब घर वाले मुझे मार देंगे।'
पुलिस की जांच और न्याय की गुहार
घटना के 12 दिन बाद यानी 16 अगस्त को विश्वकर्मा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनी कलयुगी बहू और उसके साथियों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
इस मामले पर डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि शुरुआत में प्राकृतिक मौत मानते हुए मर्ग दर्ज की गई थी, लेकिन परिजनों के सबूत और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला बदल गया। पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और वायरल वीडियो, कॉल डिटेल्स तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गहराई से जांच की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. महेश मीणा की मौत का मामला कब और कहां का है?
यह मामला राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा और बगरू थाना इलाके का है, जो 5 अगस्त को सामने आया था।
2. परिवार को शक कैसे हुआ?
मृतक के पिता बाबूलाल मीणा ने पुलिस की तरह खुद घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे पत्नी कविता और अन्य युवकों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
परिजनों की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी कविता और उसके तीन साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।