जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियानों के तहत सुरक्षाबलों ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय सुरक्षा बलों ने एक भीषण मुठभेड़ के दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा घाटी में शांति और स्थिरता बहाली की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
चार साल से सक्रिय आतंकी मॉड्यूल का पूरी तरह सफाया
शीर्ष अधिकारियों ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि हाशिम मूसा के मारे जाने के साथ ही एक बहुत बड़ा और खतरनाक आतंकी अध्याय समाप्त हो गया है। मूसा के खातमे के बाद, साल 2022 से केंद्र शासित प्रदेश (UT) में सक्रिय चार वरिष्ठ लश्कर कमांडरों के उस पूरे गिरोह का अब पूरी तरह से सफाया हो चुका है, जो पिछले कुछ वर्षों में कई सनसनीखेज हमलों के पीछे मुख्य रूप से जिम्मेदार था।
खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने एक विशेष क्षेत्र में घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन (CASO) शुरू किया था। खुद को घिरता देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने बेहद सूझबूझ और पेशेवर रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की और अंततः खूंखार कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराने में सफलता प्राप्त की।
घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
हाशिम मूसा और उसके सहयोगियों के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह गुट लंबे समय से सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की फिराक में था। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के पूरी तरह से नेस्तनाबूद होने से क्षेत्र में आतंकवाद की कमर टूट गई है और युवाओं को बरगलाने वाले नेटवर्क को करारा झटका लगा है।
- ऑपरेशन की मुख्य बातें: सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर मुठभेड़ हुई।
- आतंकी की पहचान: मारा गया आतंकवादी हाशिम मूसा लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर था।
- बड़ा प्रभाव: 2022 से सक्रिय चार शीर्ष कमांडरों का यह पूरा मॉड्यूल अब समाप्त हो चुका है।
आम जनता और सुरक्षाबलों के लिए राहत की खबर
पिछले कुछ समय से इस गिरोह ने कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देकर घाटी में डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। सुरक्षाबलों की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों का क्या हस्र होता है। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे।
फिलहाल, इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुरक्षाबल पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वहां कोई अन्य संदिग्ध छुपा हुआ न हो। इस बड़ी सफलता के बाद देश भर में सुरक्षाबलों की बहादुरी की सराहना की जा रही है।