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LPU के बाहर भीषण बवाल: नेशनल हाईवे पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी से मची अफरा-तफरी

LPU के बाहर भीषण बवाल: नेशनल हाईवे पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी से मची अफरा-तफरी

पंजाब के जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) का परिसर इन दिनों जबरदस्त तनाव और हंगामे की गिरफ्त में है। शनिवार की शाम से शुरू हुआ यह विवाद रविवार, 27 सितम्बर 2026 तक आते-आते एक विक्राल रूप ले चुका है। यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर एक छात्रा के साथ कथित अनहोनी और रेप की अफवाह ने ऐसा तूल पकड़ा कि हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि उग्र भीड़ ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, जमकर तोड़फोड़ की और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

अफ़वाह से भड़की आग और देखते ही देखते सड़कों पर उतरे छात्रघटना की शुरुआत शनिवार को तब हुई जब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल और कैंपस के अंदर एक गंभीर घटना को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई। देखते ही देखते सोशल मीडिया और छात्र समूहों के जरिए यह बात जंगल की आग की तरह फैल गई कि एक छात्रा के साथ गंभीर अपराध हुआ है। हालांकि, प्रबंधन और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार यह महज एक अफवाह थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गुस्से से तमतमाए छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और न्याय की मांग को लेकर मुख्य गेट पर इकट्ठा होने लगे।

देखते ही देखते छात्रों का यह गुस्सा अनुशासन की सीमाओं को लांघ गया। सैकड़ों की संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर निकल आए और सीधे जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर आ डटे। हाईवे पर अचानक हुए इस भारी हंगामे और चक्काजाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दूर तक गाड़ियों के पहिए थम गए, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस बल के साथ सीधी झड़प

प्रदर्शन का यह दौर जल्द ही हिंसक वारदातों में तब्दील हो गया। उग्र छात्रों ने हाईवे पर बैरिकेड्स तोड़ने शुरू कर दिए। आरोप है कि भीड़ ने कुछ सार्वजनिक संपत्ति और पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया, लेकिन आक्रोशित छात्रों के तेवर देखकर पुलिस के भी पसीने छूट गए।

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने जब हल्का बल प्रयोग किया, तो हालात और ज्यादा बिगड़ गए। छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस पूरी भगदड़ और झड़प में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कुछ छात्रों को भी मामूली चोटें आई हैं।

प्रशासन और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की अपील, शांति बनाए रखने की गुजारिश

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन लगातार यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें सिर्फ एक अफवाह हैं और बिना किसी ठोस सबूत के इस तरह का हिंसक प्रदर्शन कानूनन जुर्म है।

उधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के प्रबंधन की तरफ से भी एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। प्रबंधन ने छात्रों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी पढ़ाई एवं अनुशासन पर ध्यान केंद्रित करें। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि छात्रों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह से स्थानीय पुलिस और प्रशासन के संपर्क में हैं।

सोशल मीडिया की भूमिका और फेक न्यूज का खतरनाक सच

यह पूरी घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि कैसे सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे फैलाई जाने वाली अफवाहें कुछ ही घंटों में एक बड़े सामाजिक और प्रशासनिक संकट का रूप ले सकती हैं। इस मामले में भी शुरुआती जांच संकेत दे रही है कि किसी निहित स्वार्थ या शरारत के तहत एक झूठी कहानी रची गई, जिसे छात्रों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए हवा दी गई।

साइबर सेल की टीमें अब उन सोशल मीडिया हैंडल्स और ग्रुप्स की पहचान करने में जुट गई हैं, जिन्होंने इस अफवाह को सबसे पहले हवा दी थी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फेक न्यूज फैलाने वालों और हिंसा में शामिल उपद्रवियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मौजूदा हालात और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आज यानी रविवार, 27 सितम्बर 2026 की रात तक LPU कैंपस और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पंजाब पुलिस के जवानों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को दोबारा होने से रोका जा सके। नेशनल हाईवे पर यातायात को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस हर आने-जाने वाले वाहन और संदिग्ध व्यक्ति की कड़ी चेकिंग कर रही है।

अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं और लगातार यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपडेट ले रहे हैं। स्थिति अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं कही जा सकती, हालांकि पुलिस और प्रशासन का दावा है कि वे हालात पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होगी।

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गुंजा पांडेय

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Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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