मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और क्षेत्रीय विकास को लेकर शासन स्तर पर लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, प्रदेश के अपेक्षाकृत नए जिलों में शुमार पांढुर्णा के चहुंमुखी विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों को उत्कृष्ट सुविधाएं देना और नए जिलों का तीव्र गति से विकास करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृषि और स्किल डेवलपमेंट के विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
पांढुर्णा के विकास को मिल रही नई रफ्तार
रविवार को पांढुर्णा जिले में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से 'हनुमान लोक' के आगामी चरणों के निर्माण कार्यों में आ रही प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को इन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में यह बात सामने आई कि क्षेत्र के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी अपार संभावनाओं को तलाशा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकेगी।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, पांढुर्णा जिले में अब तक कुल 112 करोड़ रुपये के विकास कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। इन प्रमुख विकास कार्यों में सांदीपनि विद्यालय पांढुर्णा, सांदीपनि विद्यालय सौंसर, पुलिस कंट्रोल रूम पांढुर्णा और जामसांवली स्थित चमत्कारिक हनुमान मंदिर के पहले चरण का निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा पांढुर्णा के सांदीपनि प्राथमिक विद्यालय को 'स्कूल सर्टिफिकेशन योजना' के तहत प्रतिष्ठित 'गोल्ड अवॉर्ड' से नवाजा गया है, जो यहां की शैक्षणिक गुणवत्ता को बयां करता है। वर्तमान में सौंसर के सांदीपनि विद्यालय में ही 1654 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
हनुमान लोक बनने से बदली स्थानीय अर्थव्यवस्था
पांढुर्णा के धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर उभरने के बाद से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका बेहद सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, हनुमान लोक के लोकार्पण के बाद से यहां की औसत मासिक आय 25 लाख रुपये से बढ़कर सीधे 60 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा, प्रथम चरण के तहत हनुमान लोक में बनाई गई 57 दुकानों की नीलामी से लगभग 11 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय प्राप्ति हुई है। शासन का यह स्पष्ट निर्देश है कि इस आय का एक-एक रुपया मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में विस्तार और उनके रखरखाव पर ही खर्च किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। छिंदवाड़ा-पांढुर्णा सांसद विवेक बंटी साहू, पूर्व मंत्री नाना भाऊ मोहोड़, पांढुर्णा विधायक निलेश ऊईके और सौंसर विधायक विजय रेवनाथ चौरे ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके अलावा जबलपुर संभाग के आयुक्त धनंजय सिंह, आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर नीरज वशिष्ठ, डीआईजी राकेश सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार समेत तमाम जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
सेवा सेतु अभियान और स्टॉल प्रदर्शनियों का अवलोकन
बैठक से इतर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांदीपनि स्कूल पांढुर्णा में आयोजित 'सेवा सेतु अभियान - सरकार आपके द्वार' शिविर का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स और प्रदर्शनियों ने सबका ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की जमकर तारीफ की।
- आयुर्वेदिक उत्पाद: वन विभाग के स्टॉल पर औषधीय उत्पादों की जानकारी ली गई।
- लघु उद्योग: अचार, टोमेटो सॉस और मसालों की निर्माण प्रक्रिया को सराहा गया।
- हस्तकला: आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा बनाए गए लिप्पन आर्ट और मोजेक आर्ट की तारीफ हुई।
- प्राकृतिक खेती: उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर जैविक सब्जियों और हल्दी का अवलोकन किया गया।
मेधावी छात्रों को मिली स्कूटी और विभिन्न योजनाओं के हितलाभ
कार्यक्रम के दौरान जन कल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत कक्षा 12वीं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को चाबियां सौंपी गईं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोरडोंगरी की छात्रा श्वेता साबले, छात्र दीपांशु पराड़कर और सांदीपनि स्कूल की छात्रा दिव्या करबे को स्कूटी प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इसके साथ ही कृषि उपकरणों के लिए अनुदान, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, और प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृति पत्र बांटे गए। जरूरतमंदों को श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर और ब्रेल किट जैसी सहायक सामग्री भी वितरित की गईं, जिससे आम जनता के चेहरों पर साफ खुशी झलकी।
बुजुर्गों का सम्मान और बच्चों के साथ आत्मीय पल
इस दौरे का एक बेहद भावनात्मक पहलू भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने 'सेवा मेरा योगदान' अभियान के तहत “हमारे वृद्ध, हमारा स्वाभिमान” और “हमारे बच्चे, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रमों में शिरकत की। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों का पांगढ़ और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया तथा उन्हें फलों की टोकरी भेंट कर उनका कुशलक्षेम पूछा। वहीं, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत पांढुर्णा पहुंचे बच्चों से उन्होंने स्नेहिल संवाद किया और उन्हें ड्राइंग किट, मिठाइयां व चॉकलेट्स वितरित कीं। पांढुर्णा जिले में चल रहे इन विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी पहलों से साफ है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्य प्रदेश के सबसे तेजी से उभरते जिलों में अपनी मजबूत पहचान बनाने जा रहा है।