पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मेरठ-सहारनपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही सामाजिक और राजनीतिक लामबंदी का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में 118 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित संगठन अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (उत्तर प्रदेश) ने बड़ा दांव खेलते हुए श्री पंचशील गुर्जर को अपना पूर्ण और आधिकारिक समर्थन देने का ऐलान किया है।
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का बड़ा फैसला
संगठन द्वारा जारी आधिकारिक समर्थन पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट से चुनावी मैदान में उतर रहे पंचशील गुर्जर को महासभा की प्रांतीय इकाई का पूरा सहयोग रहेगा। महासभा का मानना है कि शिक्षित युवाओं और स्नातकों की आवाज को विधान परिषद तक पहुंचाने के लिए पंचशील एक मजबूत और योग्य चेहरा हैं।
"पंचशील गुर्जर लंबे समय से समाज, युवाओं और शिक्षित वर्ग के हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। संगठन को पूरा विश्वास है कि वे विधान परिषद में स्नातकों के हकों की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।"
- अमरजीत चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा
कौन हैं पंचशील गुर्जर?
गौतम बुद्ध नगर जनपद के सुनपुरा गांव के निवासी और स्वर्गीय रामपाल सिंह के सुपुत्र पंचशील गुर्जर की पहचान पश्चिमी यूपी में एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता और संगठनात्मक नेतृत्वकर्ता के रूप में होती है।
- सामाजिक सक्रियता: क्षेत्र में युवाओं के मार्गदर्शन और शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत।
- क्षेत्रीय पकड़: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत पूरे बेल्ट के प्रबुद्ध वर्ग में सीधी पैठ।
- मुख्य एजेंडा: रोजगार के अवसर, युवाओं की सहभागिता और स्नातक समाज के संवैधानिक अधिकारों की वकालत।
मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट का सियासी गणित
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट हमेशा से सबसे प्रबुद्ध और संवेदनशील सीटों में से एक मानी जाती है। इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मेरठ, सहारनपुर, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
इस सीट पर चुनाव का मुख्य केंद्र बिंदु दलीय राजनीति से इतर निम्नलिखित ज्वलंत मुद्दों पर टिका होता है:
- स्नातक पास युवाओं के लिए स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर।
- उच्च शिक्षा संस्थानों में फीस ढांचा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुधार।
- क्षेत्रीय विकास में शिक्षित युवाओं की सीधी भागीदारी।
क्या होगा इस समर्थन का असर?
वर्ष 1908 में स्थापित अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गहरा सामाजिक प्रभाव है। संगठन ने अपने सभी जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे पंचशील गुर्जर के पक्ष में प्रचार अभियान को गति दें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गुर्जर महासभा के इस खुले समर्थन से पंचशील गुर्जर के पक्ष में एक मजबूत सामाजिक और बौद्धिक माहौल तैयार होगा, जिससे मेरठ-सहारनपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।