Breaking
► नागोया में खेल महाकुंभ से पहले अफरातफरी: खिलाड़ियों को कमरे के लिए इंतजार और लंबी यात्रा का सामना ► Asian Games 2026: सेमीफाइनल से ठीक पहले पाकिस्तान को तगड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी लौटी वतन ► IND vs AFG 3rd T20I: दिल्ली में टॉस का रोमांच, अफगान कप्तान ने लिया चौंकाने वाला फैसला ► अभिषेक शर्मा का तूफानी कारनामा, मात्र 30 गेंदों में जड़ा सबसे तेज टी-20 शतक ► नाशिक में अनोखा प्रदर्शन: आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान नेता ने अफसर के दफ्तर में छोड़े श्वान ► प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन: देश और दुनिया में जश्न का माहौल ► मठकुट्टा गांव में मुकेश कुमार शर्मा का जनसंपर्क अभियान, जनता ने सुनी उनकी बात ► सितंबर में कार खरीदें या त्योहारी सीजन का इंतजार करें? बड़ा डिस्काउंट देखने से पहले जान लें ये 5 बातें ► लखनऊ की सड़कों पर फिर सहमा इंसान: युवती को कार से कुचलने की सनसनीखेज कोशिश ► Apache RTR 160 4V vs 200 4V: सिर्फ ₹8,550 के लिए 200cc लेना समझदारी? ► नागोया में खेल महाकुंभ से पहले अफरातफरी: खिलाड़ियों को कमरे के लिए इंतजार और लंबी यात्रा का सामना ► Asian Games 2026: सेमीफाइनल से ठीक पहले पाकिस्तान को तगड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी लौटी वतन ► IND vs AFG 3rd T20I: दिल्ली में टॉस का रोमांच, अफगान कप्तान ने लिया चौंकाने वाला फैसला ► अभिषेक शर्मा का तूफानी कारनामा, मात्र 30 गेंदों में जड़ा सबसे तेज टी-20 शतक ► नाशिक में अनोखा प्रदर्शन: आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान नेता ने अफसर के दफ्तर में छोड़े श्वान ► प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन: देश और दुनिया में जश्न का माहौल ► मठकुट्टा गांव में मुकेश कुमार शर्मा का जनसंपर्क अभियान, जनता ने सुनी उनकी बात ► सितंबर में कार खरीदें या त्योहारी सीजन का इंतजार करें? बड़ा डिस्काउंट देखने से पहले जान लें ये 5 बातें ► लखनऊ की सड़कों पर फिर सहमा इंसान: युवती को कार से कुचलने की सनसनीखेज कोशिश ► Apache RTR 160 4V vs 200 4V: सिर्फ ₹8,550 के लिए 200cc लेना समझदारी?

पीएम मोदी के जन्मदिन पर नई सौगात: मुरली मनोहर श्रीवास्तव की पुस्तक 'मोदी युग का भारत' लॉन्च

पीएम मोदी के जन्मदिन पर नई सौगात: मुरली मनोहर श्रीवास्तव की पुस्तक 'मोदी युग का भारत' लॉन्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के विशेष अवसर पर साहित्य और पत्रकारिता जगत को एक बेहद अहम और दस्तावेजी सौगात मिली है। बिहार के बक्सर जिले के ऐतिहासिक शहर डुमरांव से ताल्लुक रखने वाले प्रसिद्ध लेखक और वरिष्ठ पत्रकार मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने अपनी नवीनतम पुस्तक ‘मोदी युग का भारत’ पाठकों के सामने प्रस्तुत कर दी है। यह पुस्तक समकालीन भारत के राजनीतिक और विकासात्मक परिदृश्य को गहराई से समझने का एक अनूठा प्रयास है।

बदलाव के 12 साल और नीतिगत फैसलों का दस्तावेजीकरण

यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान हुए नीतिगत बदलावों, विकास कार्यों और उनके व्यापक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालती है। लेखक ने इसे केवल सरकारी आंकड़ों या योजनाओं की फेहरिस्त बनाने के बजाय एक जीवंत दस्तावेज का रूप दिया है। इसमें उन तमाम पहलुओं को छुआ गया है, जिन्होंने बीते एक दशक में भारत की तस्वीर बदलने का काम किया है।

किताब के पन्नों को पलटने पर ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए देश को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम से लेकर सुदूर गांवों तक फैली डिजिटल क्रांति की गूंज साफ सुनाई देती है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) का अभूतपूर्व विस्तार, बदलती हुई भारतीय अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की मजबूत होती धमक को भी बेहद करीने से उकेरा गया है।

योजनाओं की सूची से आगे बढ़कर 'प्रभाव' का विश्लेषण

‘मोदी युग का भारत’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सतही चर्चाओं से परे जाकर योजनाओं के व्यावहारिक प्रभावों का विश्लेषण करती है। लेखक ने यह परखने की कोशिश की है कि इन नीतियों का असल असर देश के आम नागरिक, ग्रामीण जीवन, युवाओं और महिलाओं की जिंदगी पर किस प्रकार पड़ा है।

  • मेक इन इंडिया: इसे केवल एक औद्योगिक नीति के रूप में नहीं, बल्कि देश की विनिर्माण क्षमता और रोजगार सृजन से जोड़कर देखा गया है।
  • डिजिटल क्रांति: तकनीक को केवल एक साधन न मानकर, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक आम आदमी की पहुंच को सुगम बनाने वाले क्रांतिकारी कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
  • महिला सशक्तीकरण: समाज के हर पायदान पर महिलाओं की बदलती भूमिका और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले प्रयासों को प्रमुखता दी गई है।

वैश्विक पटल पर बदलती भारत की छवि

देश के भीतर हो रहे बदलावों के साथ-साथ यह पुस्तक भारत की विदेश नीति और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती साख को भी केंद्र में रखती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने जिस तरह अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अपनी स्वतंत्र और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है, उसका सिलसिलेवार जिक्र इस किताब में मिलता है। लेखक ने कूटनीति को केवल बैठकों और समझौतों तक सीमित न रखकर इसे राष्ट्रीय हितों और वैश्विक शांति के व्यापक परिप्रेक्ष्य में परिभाषित किया है।

सबसे दिलचस्प अध्याय: 2047 का विकसित भारत

इस पूरी पुस्तक का सबसे दूरदर्शी और प्रेरणादायक हिस्सा वह है, जिसमें लेखक ने वर्ष 2047 के भारत की परिकल्पना की है। जब देश अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत का स्वरूप क्या होगा? यह सवाल आज की युवा पीढ़ी और नीति-निर्माताओं दोनों के लिए सबसे अहम है।

लेखक का मानना है कि आज लिए जा रहे नीतिगत फैसले और बुनियादी ढांचे के विकास में किए जा रहे निवेश ही आने वाले दशकों की दिशा तय करेंगे। तकनीक, विनिर्माण, आर्थिक वृद्धि और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलते हुए भारत किस प्रकार 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन सकता है, इसका एक ब्लूप्रिंट इस पुस्तक में झलकता है।

लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव की अनूठी लेखकीय यात्रा

मुरली मनोहर श्रीवास्तव का रचनाकर्म किसी एक दायरे में बंधा नहीं रहा है। इतिहास, संस्कृति, और राजनीति जैसे विविध विषयों पर उनकी पकड़ उनकी पिछली रचनाओं में भी साफ झलकती है। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के जीवन पर आधारित उनकी पुस्तक, 'वीर कुंवर सिंह की प्रेमकथा', और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लिखी गई 'विकास पुरुष' जैसी किताबें उनके गंभीर शोध को दर्शाती हैं। इसके अलावा 'वंदेमातरम्' पुस्तिका का संपादन कर उन्होंने राष्ट्रीय चेतना से जुड़े मुद्दों को भी स्वर दिया है।

उनका मुख्य लेखन-दर्शन यह मानता है कि किसी की आलोचना करने से ज्यादा उसकी सकारात्मक विशेषताओं को आत्मसात करना अधिक महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि उनकी रचनाओं में नकारात्मकता के बजाय समाज के निर्माण और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के तत्व प्रधान होते हैं।

बिहार की मिट्टी से राष्ट्रीय विमर्श तक

डुमरांव जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के समकालीन मुद्दों पर लिखना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। 'मोदी युग का भारत' इस कड़ी में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह पुस्तक पाठकों को केवल सूचनाएं नहीं देती, बल्कि उन्हें सोचने के लिए मजबूर करती है कि एक राष्ट्र के रूप में हम कहां खड़े हैं और भविष्य की राहें हमें कहां ले जा रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर यह पुस्तक राष्ट्र के नाम एक ऐसा विचारोत्तेजक उपहार है, जो वर्तमान की सफलताओं का लेखा-जोखा तो पेश करती ही है, साथ ही आने वाले कल के भारत को गढ़ने का एक वैचारिक मार्ग भी प्रशस्त करती है।

About the Author

रोली सिंह

रोली सिंह

Writer (स्थानीय खबरें)

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

Read More