नेपाल की राजधानी काठमांडू इस समय कुदरत के एक भीषण और विकराल प्रकोप की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण देश के बाकी हिस्सों से काठमांडू को जोड़ने वाले सभी प्रमुख और जीवनरेखा कहे जाने वाले राजमार्ग पूरी तरह से ठप हो गए हैं। पहाड़ों से दरकती चट्टानों और मलबे के सैलाब ने आवाजाही के हर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सड़कों पर वाहनों लंबी कतारें लग गई हैं।
प्रमुख राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह से ठप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों से काठमांडू आने-जाने वाले तीन सबसे महत्वपूर्ण मार्ग—पृथ्वी राजमार्ग, कान्ति लोकपथ और बीपी राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारी स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं, लेकिन लगातार गिरते मलबे के कारण राहत और बचाव कार्यों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस से मिली शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि धादिंग जिले के कुख्यात कृष्णभीर इलाके समेत करीब आधा दर्जन से ज्यादा संवेदनशील स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
धादिंग में हालात सबसे ज्यादा गंभीर
धादिंग जिला पुलिस कार्यालय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुमित खड्का ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कृष्णभीर समेत कुल सात अलग-अलग जगहों पर रात के समय पहाड़ों से भारी पत्थरों और मिट्टी का मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके चलते यह पूरा इलाका देश की राजधानी से कट गया है।
हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार की शाम से ही पृथ्वी राजमार्ग पर एहतियात के तौर पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। स्थानीय प्रशासन की यह योजना थी कि शुक्रवार की सुबह पांच बजे मौसम का जायजा लेने के बाद यातायात को दोबारा सुचारू कर दिया जाएगा। हालांकि, कुदरत के तेवर कुछ और ही थे। रातभर हुई मूसलाधार बारिश और सुबह होते-होते नए स्थानों पर हुए भूस्खलन ने प्रशासन के इन सभी प्रयासों पर पानी फेर दिया।
अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाई गई पाबंदियां
हालात की नजाकत को भांपते हुए धादिंग जिला प्रशासन कार्यालय ने शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सख्त सूचना जारी की। इस आदेश के मुताबिक, अगले आदेश तक पृथ्वी राजमार्ग पर सभी प्रकार के व्यावसायिक और निजी वाहनों के चलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- पृथ्वी राजमार्ग अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
- कान्ति लोकपथ और बीपी राजमार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
- यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने किसी भी ढिलाई से साफ इंकार किया है।
मुख्य जिला अधिकारी (CDO) लक्ष्मी पांडे गौतम ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में पूर्ण सहयोग दें। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले कुछ और दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। संभावित जोखिम और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यह कठोर निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को टाला जा सके।
पुराने जख्म फिर हुए हरे
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, कृष्णभीर क्षेत्र पहले से ही एक बेहद संवेदनशील और भूस्खलन संभावित (Landslide-prone) क्षेत्र रहा है। याद दिला दें कि बीते 26 अगस्त को त्रिशूली नदी में आए उफान और उसके कटाव के कारण इसी कृष्णभीर क्षेत्र में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था। उस समय भारी मशक्कत और करीब दो सप्ताह के कड़े संघर्ष के बाद एक अस्थायी डायवर्जन तैयार कर किसी तरह यातायात को बहाल किया गया था।
लेकिन ताजा और लगातार हो रही बारिश ने उसी डायवर्जन और उसके आसपास के अन्य हिस्सों को एक बार फिर नेस्तनाबूद कर दिया है। पानी के तेज बहाव और लगातार गिरती चट्टानों के आगे वह अस्थायी व्यवस्था टिक नहीं पाई।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और जनता के लिए निर्देश
प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर उन लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है जो सड़क मार्ग से यात्रा करने की योजना बना रहे थे। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, लोग अपने घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सफर करना मौत को दावत देने जैसा साबित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में कब कौन सी चट्टान खिसक जाए, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन होता जा रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पूरी निगाह रखे हुए है और जैसे ही मौसम में सुधार होगा और सड़कों से मलबा हटाने का काम सुरक्षित तरीके से पूरा किया जाएगा, यातायात को बहाल करने पर अगला निर्णय लिया जाएगा। तब तक के लिए काठमांडू की ओर जाने वाले या वहां से बाहर निकलने वाले हर यात्री को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।