शीर्षक: OROP में बड़े बदलाव: रक्षा मंत्रालय की 5 नई पेंशन टेबल और प्रीमेच्योर रिटायरमेंट पर AFT का ऐतिहासिक फैसला
रक्षा मंत्रालय (MoD) और सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) ने वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना के तहत पूर्व सैनिकों के हक में कुछ बेहद महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव किए हैं। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है, तो इन संशोधनों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।
इस लेख में हम रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी 5 प्रमुख पेंशन टेबलों (टेबल नंबर 11, 26, 48, 59 और 94) में किए गए संशोधन और प्रीमेच्योर (PMR) रिटायर होने वाले जवानों पर आए AFT के ऐतिहासिक फैसले का आसान विश्लेषण करेंगे।
1. रक्षा मंत्रालय का बड़ा कदम: 5 प्रमुख पेंशन टेबलों में संशोधन
रक्षा मंत्रालय ने विसंगतियों को दूर करने और पेंशन को अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए OROP की पांच विशेष पेंशन टेबलों को संशोधित किया है। ये टेबल अलग-अलग रैंक, सेवा अवधि और श्रेणियों के आधार पर पेंशन का निर्धारण करती हैं:
- टेबल नंबर 11: यह टेबल मुख्य रूप से नियमित जेसीओ/ओआर (JCOs/ORs) की पेंशन विसंगतियों को ठीक करने से जुड़ी है।
- टेबल नंबर 26: इसका संबंध विशेष सुरक्षा बलों, मानद (Honorary) रैंक धारकों या विशिष्ट श्रेणियों की पेंशन दरों में सुधार से है।
- टेबल नंबर 48 और 59: ये टेबल कमीशन अधिकारियों (Commissioned Officers) और युद्ध में घायल हुए सैनिकों (War Injury/Disability Pensioners) की संशोधित पेंशन दरों को दर्शाती हैं, ताकि उन्हें उनकी रैंक के अनुसार सही लाभ मिल सके।
- टेबल नंबर 94: यह विशेष रूप से फैमिली पेंशनर्स (पारिवारिक पेंशनभोगियों) के लिए है, ताकि शहीदों या दिवंगत पूर्व सैनिकों के परिवारों को बढ़ी हुई दरों का लाभ मिल सके।
नोट: इन संशोधित टेबलों के लागू होने से हजारों पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन और एरियर (बकाया) में सीधे तौर पर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पूर्व सैनिक पीसीडीए (PCDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी रैंक और सेवा के वर्षों के अनुसार नई गणना देख सकते हैं।
2. AFT का ऐतिहासिक फैसला: प्रीमेच्योर रिटायरमेंट (PMR) वालों को भी मिलेगा OROP
अब तक के नियमों के मुताबिक, जिन जवानों ने अपनी मर्जी से समय से पहले (Premature Retirement) सेवानिवृत्ति ली थी, उन्हें OROP के दायरे से बाहर रखा गया था। इसे लेकर पूर्व सैनिकों में काफी असंतोष था।
अब सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) ने इस भेदभावपूर्ण नीति को रद्द कर दिया है।
AFT के फैसले की मुख्य बातें:
- समानता का अधिकार: AFT ने माना कि जिन जवानों ने अपनी न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा (Minimum Pensionable Service) पूरी कर ली है, उन्हें सिर्फ प्रीमेच्योर रिटायरमेंट लेने के आधार पर OROP के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
- किसे होगा फायदा: इस फैसले से उन हजारों जवानों (विशेषकर जवानों और जेसीओ) को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्होंने अपनी पेंशन सेवा तो पूरी की, लेकिन पारिवारिक या व्यक्तिगत कारणों से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी।
- पेंशन और एरियर का रास्ता साफ: इस नीति के रद्द होने के बाद अब सरकार को इन प्रीमेच्योर रिटायर सैनिकों को भी OROP के तहत संशोधित पेंशन और पिछला बकाया (Arrears) देना होगा।
निष्कर्ष: पूर्व सैनिकों के लिए दोहरी खुशी
रक्षा मंत्रालय द्वारा 5 महत्वपूर्ण पेंशन टेबलों का संशोधन और AFT द्वारा प्रीमेच्योर रिटायरमेंट नीति को रद्द करना, पूर्व सैनिक समुदाय के लिए एक बड़ी जीत है। इससे न सिर्फ पेंशन की विसंगतियां दूर होंगी, बल्कि उन जवानों को भी न्याय मिलेगा जो सालों से OROP के लाभ की आस लगाए बैठे थे।