राजधानी पटना में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पटना के पीरबहोर थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान चोरी की दो मोटरसाइकिलों के साथ दो शातिर चोरों को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पड़ोसी जिले के रहने वाले हैं और वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। इस कार्रवाई के बाद इलाके के वाहन चोरों में हड़कंप मच गया है।
काली घाट मोड़ के पास हुई संदिग्धों की गिरफ्तारी
घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीरबहोर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काली घाट मोड़ के समीप नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस की यह टीम आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्धों की बारीकी से जांच कर रही थी। इसी दौरान, पुलिस को चकमा देकर निकलने की कोशिश कर रहे दो युवकों पर जवानों की नजर पड़ी।
काली घाट मोड़ की तरफ से दरभंगा हाउस रोड की ओर दो युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ रहे थे। जैसे ही उनकी नजर सामने मुस्तैद पुलिस बल पर पड़ी, उनके होश उड़ गए। बचने के लिए उन्होंने हड़बड़ाहट में अपनी बाइक को तेजी से मोड़कर भागने का असफल प्रयास किया। हालांकि, वहां तैनात सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन घेराबंदी कर दी और दोनों को खदेड़कर दबोच लिया।
सारण जिले के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पकड़े गए दोनों आरोपियों से जब पूछताछ की गई और उनकी पहचान टटोली गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। गिरफ्तार युवकों की पहचान चंद्रमोहन सिंह और अरविंद कुमार के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 28 वर्ष बताई जा रही है। ये दोनों मूल रूप से बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। राजधानी पटना में आकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देना यह दर्शाता है कि इनका दायरा सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर सुरक्षित थाने ले आई। थाने में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों के पास से बरामद संदिग्ध मोटरसाइकिलों के इंजन नंबर, चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर का मिलान पुलिस डेटाबेस से कराया गया।
सत्यापन में दोनों मोटरसाइकिलें निकलीं चोरी की
पुलिस रिकॉर्ड और तकनीकी सत्यापन के दौरान जो खुलासे हुए, उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया। जांच में पता चला कि दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की हैं और उनके संबंध में पहले से ही थाने में मुकदमे दर्ज हैं।
- पहली बाइक: पीरबहोर थाना कांड संख्या 693/26 के तहत चोरी की गई दर्ज पाई गई।
- दूसरी बाइक: पीरबहोर थाना कांड संख्या 694/26 के तहत दर्ज वाहन चोरी के मामले से संबंधित निकली।
एक ही जगह से एक ही समय पर दो अलग-अलग मामलों से जुड़ी चोरी की बाइक बरामद होना यह साबित करता है कि ये शातिर किसी बड़े आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा हैं।
अंतरप्रांतीय और बड़े गिरोह के खुलासे की उम्मीद
पीरबहोर थाना पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हिरासत में दोनों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा सके। शुरुआती पूछताछ में चोरों ने कई अहम सुराग दिए हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब आगे की दबिश की योजना बना रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों से मिलने वाली जानकारियों और कड़ियों को जोड़ने पर पटना और आसपास के जिलों में सक्रिय एक बड़े वाहन चोर सिंडिकेट का पर्दाफाश जल्द ही किया जा सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ये लोग चोरी की इन बाइकों को कहां खपाते थे और इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।