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PM मोदी आज करेंगे सेमीकॉन इंडिया 2026 का शंखनाद, 52 देशों के दिग्गज होंगे शामिल

PM मोदी आज करेंगे सेमीकॉन इंडिया 2026 का शंखनाद, 52 देशों के दिग्गज होंगे शामिल

दुनियाभर की टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की निगाहें आज भारत की राजधानी नई दिल्ली पर टिकी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 सितंबर 2026 को देश के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर महाकुंभ 'सेमीकॉन इंडिया 2026' का भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में इस आयोजन को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस मेगा इवेंट में दुनिया भर के तकनीकी दिग्गजों, नीति निर्माताओं और निवेशकों का जमावड़ा लगा है। भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोग करने वाला देश नहीं, बल्कि चिप डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक नई वैश्विक ताकत बनकर उभर रहा है। आइए जानते हैं इस आयोजन से जुड़ी हर एक बड़ी बात जो आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था और तकनीकी भविष्य को पूरी तरह बदल सकती है।

52 देशों की दिग्गज कंपनियों का महाकुंभ

सेमीकॉन इंडिया 2026 का पैमाना इस बार बेहद बड़ा है। इस तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में कुल 52 देशों की प्रमुख टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। अमेरिका, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय देशों की नामी-गिरामी कंपनियां भारत में अपने निवेश और भविष्य की रणनीतियों पर खुलकर चर्चा करेंगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़ी इन कंपनियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि वैश्विक निवेशक चीन से हटकर भारत को एक सुरक्षित और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। इस सम्मेलन के दौरान कई बड़े एमओयू (समझौता ज्ञापनों) पर हस्ताक्षर होने की भी पूरी उम्मीद है।

मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्ल्ड का सफर

पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत इस सेक्टर को देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। आज के इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के तकनीकी विजन को दुनिया के सामने रखेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य भारत को चिप निर्माण के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि ऑटोमोबाइल, स्मार्टफोन, मेडिकल डिवाइस और डिफेंस सेक्टर जैसी अहम इंडस्ट्रीज के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

  • ग्लोबल सप्लाई चेन: भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक मजबूत और भरोसेमंद स्तंभ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
  • स्किल डेवलपमेंट: देश के युवाओं को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक में कुशल बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम्स पर जोर दिया जाएगा।
  • आरएंडडी (R&D) को बढ़ावा: चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भारत के टैलेंट को ग्लोबल प्लेटफॉर्म देने के लिए नए रिसर्च सेंटर्स की स्थापना की जाएगी।

क्यों खास है साल 2026 का यह आयोजन?

मौजूदा समय में सेमीकंडक्टर किसी भी देश की इकॉनमी का 'डिजिटल क्रूड ऑयल' बन चुके हैं। कार से लेकर मिसाइल तक, और एसी से लेकर स्मार्टफोन तक, हर स्मार्ट गैजेट के संचालन के लिए चिप्स की जरूरत होती है। साल 2020 के बाद से वैश्विक स्तर पर जिस तरह सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी, उसके बाद से हर देश अपनी खुद की चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करना चाहता है।

भारत ने इस मौके को बेहद बारीकी से भुनाया है। आज जब दुनिया के 52 देशों के प्रतिनिधि नई दिल्ली में एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं, तो यह साफ हो गया है कि दुनिया का भरोसा अब भारतीय नीतियों और यहां के स्थिर राजनीतिक माहौल पर अटूट है।

अर्थव्यवस्था और रोजगार पर होगा गहरा असर

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री केवल एक तकनीकी क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह लाखों हाई-पेइंग नौकरियां पैदा करने की क्षमता रखता है। गुजरात, असम, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पहले से ही सेमीकंडक्टर फैब और ओटैट (ATMP) यूनिट्स पर तेजी से काम चल रहा है। 'सेमीकॉन इंडिया 2026' के जरिए इन प्रोजेक्ट्स को और अधिक गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले पांच से दस सालों में भारत इस सेक्टर में ग्लोबल लीडर्स की कतार में खड़ा नजर आएगा। आज के इस उद्घाटन समारोह के बाद, अगले तीन दिनों तक देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में भविष्य की चुनौतियों और उनके समाधानों पर मंथन करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन और वैश्विक कंपनियों का यह महासम्मेलन तय करेगा कि आने वाले कल की डिजिटल दुनिया की नींव किस तरह से रखी जाएगी। इस कार्यक्रम से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

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नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer (स्थानीय खबरें)

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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