उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक भीषण सड़क हादसे में चार युवा क्रिकेट खिलाड़ियों की जान चली जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। यह दर्दनाक घटना उस वक्त घटी जब ये सभी खिलाड़ी एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बाद अपनी कार से वापस अपने घर लौट रहे थे। रफ्तार का यह कहर इतनी भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और किसी को भी संभलने का मौका तक नहीं मिला।
क्रिकेट का रोमांच मातम में बदला
मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया और आसपास के इलाकों के रहने वाले ये युवा खेल के प्रति अपने जुनून के लिए जाने जाते थे। रविवार की देर रात ये सभी एक नजदीकी जिले में आयोजित क्रिकेट मैच खेलने गए थे। मैच समाप्त होने के बाद जीत की खुशी और उत्साह के साथ वे अपनी कार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होने वाला है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सफर के दौरान उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे एक भारी-भरकम ट्रक में पीछे से जोरदार तरीके से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से ट्रक के पिछले हिस्से में घुस गया। स्थानीय लोगों और एक्सप्रेस-वे पर गश्त कर रही सुरक्षा टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
हाथों में खेल का सामान और आंखों में भविष्य के सपने लिए इन युवाओं का सफर इस तरह खत्म होगा, किसी ने नहीं सोचा था। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि एक्सप्रेस-वे के दूर तक के हिस्से में सन्नाटा छा गया। जब पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला, तो अंदर का नजारा बेहद विचलित करने वाला था।
- हादसे का समय: बीती देर रात पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का इलाका।
- शिकार बने युवा: सभी मृतक स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले उभरते हुए खिलाड़ी थे।
- वजह: तेज रफ्तार और संभवत: झपकी आने के कारण अनियंत्रित हुई कार।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और एक्सप्रेस-वे प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। गैस कटर और अन्य उपकरणों की सहायता से बमुश्किल कार के दरवाजों को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को इस मनहूस घटना की सूचना दे दी गई है।
परिजनों के रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में जैसे ही इस दुर्घटना की खबर पहुंची, चूल्हे तक नहीं जले। खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने युवाओं की आकस्मिक मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और सतर्कता को लेकर उठ रहे सवाल
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर इस तरह की दुर्घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। अक्सर तेज रफ्तार वाहन चालकों की जरा सी चूक या थकान के कारण काल के गाल में समा जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय सफर करते वक्त विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। लगातार गाड़ी चलाने से चालकों को हल्की झपकी (Microsleep) आ जाती है, जो अक्सर इस तरह के घातक हादसों का कारण बनती है।
सफर के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- लंबी दूरी तय करते समय रास्ते में पर्याप्त विश्राम अवश्य करें।
- एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) का कड़ाई से पालन करें।
- रात के वक्त आगे चल रहे भारी वाहनों से उचित दूरी बनाए रखें।
- यदि थकान महसूस हो, तो वाहन को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर तरोताजा होने के बाद ही आगे बढ़ें।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। ट्रक चालक की क्या कोई लापरवाही थी या कार की रफ्तार ही मुख्य वजह थी, इन तमाम बिंदुओं पर तफ्तीश जारी है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के नियमों की पालना करने की सख्त जरूरत को रेखांकित कर दिया है।