आगामी गणेशोत्सव को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में रविवार, 13 सितंबर 2026 को शहर के थाना कोतवाली परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरभर की गणेश उत्सव समितियों के साथ समन्वय स्थापित करना और त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना था।
'श्रद्धा के साथ उत्सव, जिम्मेदारी के साथ आयोजन' का संकल्प
थाना कोतवाली जगदलपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तमाम गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और आयोजकों की यह बैठक सीएसपी जगदलपुर सुमित कुमार धोत्रे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर की विशेष उपस्थिति भी रही। बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसे एक बेहद खास थीम “श्रद्धा के साथ उत्सव, जिम्मेदारी के साथ आयोजन” के तहत आगे बढ़ाया गया।
प्रशासन का साफ संदेश था कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा और शहर की शांति से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और सहकार का प्रतीक है, जिसे हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ निभाना चाहिए।
पंडालों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश
बैठक में गणेश पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम और अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। समितियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष रूप से ध्यान देने को कहा गया है:
- सीसीटीवी कैमरे और रोशनी: हर मुख्य गणेश पंडाल और उसके आस-पास के परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही रात के समय सुरक्षा के मद्देनजर पुख्ता प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
- फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी: शॉर्ट सर्किट जैसी अनहोनी से बचने के लिए विद्युत सुरक्षा के तमाम इंतजाम पुख्ता करने होंगे। साथ ही पंडालों में आग बुझाने वाले उपकरणों (फायर सेफ्टी मेजर्स) की उपलब्धता भी रखनी होगी।
- स्वयंसेवकों की तैनाती: भीड़ नियंत्रण और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समितियों को अपने स्तर पर पर्याप्त संख्या में जिम्मेदार और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्वच्छता प्रबंधन: पंडालों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखना और कचरा प्रबंधन का उचित ध्यान रखना भी आयोजकों की जिम्मेदारी होगी।
विसर्जन यात्रा और डीजे संचालन के नए नियम
गणेश विसर्जन के दौरान अक्सर शहर में भारी भीड़ और यातायात बाधित होने की समस्याएं सामने आती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने विसर्जन को लेकर भी सख्त गाइडलाइन तय की है:
विसर्जन रैलियों के लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही निर्धारित मार्ग, समय और स्थल का सभी समितियों को सख्ती से पालन करना होगा। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे पर कड़ी नजर
त्योहारों के दौरान लाउडस्पीकर और डीजे के बेतरतीब इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए न्यायालयों और सक्षम प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि डीजे या साउंड सिस्टम पर किसी भी प्रकार के अश्लील, आपत्तिजनक और फूहड़ गीतों का प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित समिति के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
स्टंट और हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध
विसर्जन रैलियों और जुलूसों के दौरान कई बार युवा जोश में आकर खतरनाक स्टंट करते हैं या हथियारों का प्रदर्शन करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है। प्रशासन ने इस पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। बैठक में दो टूक शब्दों में कहा गया कि विसर्जन रैली के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन, खतरनाक करतब या ऐसी कोई भी गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी जिससे शहर की शांति भंग हो।
इसके अलावा, यदि पंडाल या विसर्जन के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना नजर आती है, तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
समितियों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
जगदलपुर की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों ने प्रशासन की इन पहलों का स्वागत किया है। उन्होंने एक स्वर में यह आश्वासन दिया कि वे शासन-प्रशासन के सभी नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे और शहर में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित वातावरण में गणेशोत्सव संपन्न कराएंगे। समितियों ने पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की बात कही है।
बस्तर पुलिस की आम जनता से अपील
बस्तर पुलिस की ओर से जिले के सभी नागरिकों और गणेश उत्सव समितियों से यह अपील की गई है कि वे गणेशोत्सव को पूरी श्रद्धा, उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। त्योहार की खुशियों के बीच सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि यह उत्सव सभी के लिए आनंददायक साबित हो सके।