त्योहारों और शादियों के सीजन से ठीक पहले स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। आम जनता की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। ताजा मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंटों पर अचानक छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान जो खुलासे हुए, वे वाकई चौंकाने वाले और किसी की भी सेहत बिगाड़ने के लिए काफी हैं।
मिडवे और श्रीलीला पैलेस पर फूटा खाद्य विभाग का गुस्सा
सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने जिला मुख्यालय पर स्थित लोकप्रिय होटलों और भोजनालयों का रुख किया। इस दौरान जब टीम ने 'मिडवे' रेस्टोरेंट की रसोई और स्टोर रूम की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। स्टोर में बड़े पैमाने पर सड़ी हुई और बदबूदार गोभी पाई गई, जिसका इस्तेमाल ग्राहकों के लिए भोजन तैयार करने में किया जाने वाला था।
यही नहीं, जब टीम ने शहर के ही दूसरे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान 'श्रीलीला पैलेस' की किचन का मुआयना किया, तो वहां खुलेआम सेहत से खिलवाड़ होता मिला। रेस्टोरेंट में ऐसा जला हुआ और काला पड़ चुका तेल इस्तेमाल किया जा रहा था, जो बार-बार गर्म करने के कारण ज़हर बन चुका था। अधिकारियों ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए इस खतरनाक और जहरीले तेल को मौके पर ही नष्ट करवाया, ताकि यह किसी भी ग्राहक की थाली तक न पहुंच सके।
ग्रेवी, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपल
सिर्फ सड़ी हुई सब्जियां और जला हुआ तेल ही नहीं, बल्कि इन जगहों पर साफ-सफाई के मानकों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। किचन में चारों तरफ गंदगी का अंबार था और मक्खियां भिनभिना रही थीं। खाद्य विभाग की टीम ने एहतियात के तौर पर कई संदग्धि खाद्य पदार्थों के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं।
- पनीर: मिलावट की आशंका के चलते पनीर का सैंपल लिया गया।
- ग्रेवी: कई दिनों से बनाकर रखी गई पुरानी ग्रेवी के नमूने भरे गए।
- मसाले और तेल: कुकिंग ऑयल और इस्तेमाल होने वाले मसालों की शुद्धता की जांच के लिए सैंपल सील किए गए।
इन सभी नमूनों को अब भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सड़े हुए खाद्य पदार्थ और बार-बार गर्म किया गया जला हुआ तेल इंसान के शरीर में जाकर कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों को न्योता देता है। रेस्टोरेंट संचालक चंद पैसों के मुनाफे के चक्कर में आम आदमी के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं। राजगढ़ में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य होटल और ढाबा संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। कई छोटे-बड़े ढाबे और रेस्टोरेंट संचालक अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से फरार होते नजर आए।
प्रशासन की चेतावनी: आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में यह सिलसिला और भी तेजी से चलेगा। होटलों, मैरिज गार्डन्स, स्वीट मार्ट और किराना स्टोर्स पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाया गया या अमानक सामग्री बेची या परोसी जाती पकड़ी गई, तो बिना किसी नरमी के सीधे लाइसेंस निरस्त करने और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार की औचक कार्रवाई से एक बात तो तय है कि प्रशासनिक सख्ती से ही सही, लेकिन होटल कारोबारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आम नागरिकों से भी यह अपील की जा रही है कि वे बाहर खाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत खाद्य विभाग को इसकी सूचना दें।