मनोरंजन जगत को झकझोर देने वाले चर्चित दिशा सालियान मामले में एक बार फिर से सनसनीखेज मोड़ आ गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि मृतका के पिता ने कई गंभीर और बड़े आरोप लगाए हैं।
सीबीआई के सामने चार घंटे चला मैराथन बयान
जांच एजेंसी के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के अधिकारियों के सामने अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया है। यह पूछताछ कोई छोटी-मोटी औपचारिकता नहीं थी, बल्कि चार घंटे से भी अधिक समय तक चली मैराथन सिटिंग रही। इस दौरान पिता ने अपनी बेटी की मौत से जुड़े कई अनकहे पहलुओं और संदिग्ध परिस्थितियों पर खुलकर बात की।
सतीश सालियान ने एजेंसी के सामने अपनी बात रखते हुए बेहद गंभीर और चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके बयानों के आधार पर ही सीबीआई ने अब अपनी जांच का दायरा और अधिक व्यापक कर दिया है।
'मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वह सिर्फ आत्महत्या नहीं'
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीबीआई की एफआईआर और पिता की ओर से दिए गए बयानों में इस बात पर जोर दिया गया है कि मामला सिर्फ एक सामान्य आत्महत्या का नहीं है। सतीश सालियान ने अपनी शिकायत और बयानों में गंभीर आरोप दोहराते हुए कहा है कि उनकी बेटी के साथ जो कुछ हुआ, वह बेहद भयावह था।
- परिवार लगातार इस बात पर अड़ा है कि दिशा की मौत के पीछे गहरी साजिश थी।
- शुरुआती दौर की पुलिसिया कार्रवाई और रिपोर्ट से परिवार कभी संतुष्ट नहीं रहा।
- पिता ने कई बड़े और प्रभावशाली राजनेताओं व हस्तियों के नाम और उनके संलिप्त होने के शक का जिक्र किया है।
राजनीतिक गलियारों में क्यों तेज हुई हलचल?
चूंकि इस मामले में शुरू से ही कई सियासी दलों के बड़े नेताओं के नाम उछलते रहे हैं, इसलिए सीबीआई की यह औपचारिक एफआईआर और पिता का बयान राजनीतिक हलकों में भूचाल लाने के लिए काफी है। आने वाले दिनों में कुछ बड़े राजनेताओं और हाई-प्रोफाइल चेहरों से भी पूछताछ किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जांच एजेंसी अब उन सभी कड़ियों को आपस में जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो उस मनहूस रात मुंबई की एक ऊंची इमारत से गिरने से पहले और बाद की घटनाओं से जुड़ी हुई थीं। फॉरेंसिक रिपोर्ट, उस रात पार्टी में मौजूद लोगों की लिस्ट और कॉल डिटेल्स को दोबारा खंगाला जा रहा है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
सीबीआई अब उन सभी गवाहों और सबूतों को जुटाने में लगी है, जो इस केस को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचा सकें। परिवार की लंबी कानूनी लड़ाई और लगातार उठ रही आवाज़ के बाद अब जाकर केंद्रीय एजेंसी की ओर से ठोस कानूनी कदम (FIR) उठाया गया है, जिससे न्याय की उम्मीद एक बार फिर जग गई है।
देशभर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बहुचर्चित मामले में अब कोई बड़ा पर्दाफाश होगा या फिर जांच किसी नए मोड़ पर जाएगी। ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।