देश के सबसे आधुनिक और वर्ल्ड-क्लास रेलवे स्टेशनों में शुमार भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब प्लेटफॉर्म पर मवेशियों के घूमने का एक वीडियो सामने आया। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस हाई-टेक स्टेशन पर आवारा पशुओं की मौजूदगी ने न केवल रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
शताब्दी एक्सप्रेस के करीब टहलती दिखीं भैंसें
सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि देश की प्रतिष्ठित और हाई-स्पीड ट्रेनों में शुमार शताब्दी एक्सप्रेस के ठीक पास दो भैंसें आराम से टहल रही हैं। जिस जगह पर यह मवेशी घूम रहे थे, वह यात्रियों के आने-जाने का मुख्य क्षेत्र है। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, वरना ट्रेन की आवाजाही के वक्त यह स्थिति किसी बड़े रेल हादसे का कारण बन सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, स्टेशन परिसर में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद आवारा मवेशियों का प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाना यह साबित करता है कि सुरक्षा के दावों और हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तथा स्टेशन प्रबंधन की लापरवाही पर जमकर सवाल उठा रहे हैं।
450 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सुरक्षा पर उठे सवाल
आपको बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को हाल ही में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इस पूरे रीडवलपमेंट प्रोजेक्ट पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस स्टेशन को देश के पहले विश्व स्तरीय (World-Class) रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है, जहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलने का दावा किया जाता है।
लेकिन, जब इस तरह के आधुनिक और हाई-सिक्योरिटी जोन में जानवर बेरोकटोक घूमने लगें, तो करोड़ों रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगना लाजिमी है। यात्रियों का कहना है कि जहां एक ओर स्टेशन में प्रवेश के लिए कड़े नियम और चेकिंग गेट बनाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर प्लेटफॉर्म तक मवेशियों का पहुंच जाना प्रशासनिक लचर व्यवस्था को उजागर करता है।
यात्रियों में आक्रोश और सुरक्षा का बड़ा मुद्दा
इस घटना के बाद से नियमित सफर करने वाले यात्रियों में भारी रोष है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई और सुरक्षा के कड़े दावे सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आते हैं। यदि समय रहते इन आवारा मवेशियों को रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो यह यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
- सुरक्षा में सेंध: हाई-टेक स्टेशन पर मवेशियों का प्रवेश गंभीर चूक।
- यात्री सुरक्षा खतरे में: शताब्दी एक्सप्रेस के नजदीक घूम रही थीं भैंसें।
- प्रशासनिक लापरवाही: लाखों यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था फेल।
रेलवे प्रशासन की सफाई और आगे की कार्रवाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच के बाद स्टेशन परिसर के एंट्री पॉइंट्स की सुरक्षा और कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इस घटना ने यह दिखा दिया है कि देश के प्रीमियम स्टेशनों पर भी बुनियादी स्तर की समस्याओं से पार पाना अभी बाकी है।
अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे बोर्ड या स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या कड़े कदम उठाता है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न दोहराई जा सके और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।