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हिसार में कचरा प्रबंधन के बदले कड़े नियम, होटल-अस्पतालों को अब अनिवार्य रूप से करना होगा रजिस्ट्रेशन

हिसार में कचरा प्रबंधन के बदले कड़े नियम, होटल-अस्पतालों को अब अनिवार्य रूप से करना होगा रजिस्ट्रेशन

शहरों में लगातार बढ़ते कचरे के अंबार और पर्यावरण के सामने पैदा हो रही गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। इसी कड़ी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Rules 2026) के तहत एक नया और बड़ा कदम उठाया गया है। अब हिसार शहर के बड़े होटलों, अस्पतालों और आवासीय सोसायटियों को अपने यहां निकलने वाले कचरे का आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर भारी जुर्माना और प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

अक्टूबर 2026 के इन नए दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य शहर में कचरे के सोर्स पर ही उसका वर्गीकरण और सही निस्तारण सुनिश्चित करना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन नए नियमों के दायरे में कौन-कौन सी संस्थाएं आएंगी और इसके लिए क्या विशेष मापदंड तय किए गए हैं।

किसे कराना होगा अनिवार्य रजिस्ट्रेशन?

प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार, यह नियम उन सभी बड़े वाणिज्यिक और आवासीय संस्थानों पर लागू होते हैं जो बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करते हैं। इस दायरे में मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियां आती हैं:

  • शहर के सभी बड़े और मध्यम श्रेणी के होटल व रेस्तरां।
  • अस्पताल, नर्सिंग होम और बड़े हेल्थकेयर सेंटर।
  • बड़ी हाउसिंग सोसायटियां और गेटेड कम्युनिटीज।
  • शैक्षणिक संस्थान और बड़े व्यावसायिक परिसर।

इन संस्थानों के प्रबंधकों को अब नगर निगम या संबंधित स्थानीय निकाय के पोर्टल पर जाकर अपने कचरे का पूरा ब्योरा देना होगा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्या हैं कचरा और संसाधनों की सीमाएं?

Solid Waste Rules 2026 के तहत कुछ विशेष मानक (Thresholds) तय किए गए हैं, जो यह तय करते हैं कि कौन सा संस्थान 'बल्क वेस्ट जनरेटर' (Bulk Waste Generator) की श्रेणी में आएगा। इन मानकों को समझना हर संस्थान के लिए बेहद जरूरी है:

1. कचरे की मात्रा (100 किलो की सीमा)

यदि किसी होटल, अस्पताल या सोसायटी से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे की कुल मात्रा 100 किलोग्राम या उससे अधिक है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से इस नई व्यवस्था के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसमें गीला और सूखा कचरा दोनों शामिल हैं।

2. क्षेत्रफल का दायरा (20 हजार वर्गमीटर)

वे सभी आवासीय सोसायटियां या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जिनका कुल क्षेत्रफल 20,000 वर्ग मीटर (या उससे अधिक) है, वे स्वतः ही इस नियम के दायरे में आ जाएंगे। ऐसे परिसरों को अपने परिसर के भीतर ही कचरे के कंपोस्टिंग या वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी।

3. पानी की खपत (40 हजार लीटर की सीमा)

नए नियमों में जल खपत को भी एक मानक बनाया गया है। जिन संस्थानों में रोजाना पानी की खपत 40,000 लीटर या उससे अधिक है, उन्हें भी इस कचरा प्रबंधन नियम का सख्ती से पालन करना होगा और इसका रिकॉर्ड रखना होगा।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और पारदर्शिता

प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम पर जोर दिया है। संस्थानों को अब लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है।

  • संबद्ध विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • 'Solid Waste Registration 2026' के पोर्टल लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • संस्थान का नाम, पूरा पता, रोजाना निकलने वाले कचरे का अनुमानित वजन, जल खपत का ब्योरा और क्षेत्रफल की जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • सभी विवरण सही पाए जाने पर संस्थान को एक डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम से यह मॉनिटर करना आसान हो जाएगा कि कौन सा संस्थान अपने कचरे का सही प्रबंधन कर रहा है और कौन नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की जिम्मेदारी

विशेषज्ञों का मानना है कि हिसार जैसे तेजी से विकसित होते शहर में कचरा प्रबंधन एक विकट समस्या बनता जा रहा था डम्पिंग जोन ओवरफ्लो हो रहे थे और आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैल रहा था। Solid Waste Rules 2026 के लागू होने से न केवल कचरे के निष्पादन में वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाएगा, बल्कि रीसाइक्लिंग की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि आने वाले दिनों में विशेष टीमें गठित की जाएंगी जो इन होटलों, अस्पतालों और सोसायटियों का औचक निरीक्षण करेंगी। यदि कोई संस्थान बिना रजिस्ट्रेशन के कचरा फेंकता पाया गया, तो उस पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उनके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

निष्कर्ष

हिसार के सभी संबंधित होटल संचालकों, अस्पताल प्रशासनों और हाउसिंग सोसायटी की कमेटियों के लिए यह समय की मांग है कि वे बिना किसी देरी के इन नए नियमों को समझें और समय सीमा के भीतर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करा लें। स्वच्छ और हरित शहर के निर्माण में यह कदम एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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