Breaking
► 2028 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: डोनाल्ड ट्रंप ने जेडी वेंस की उम्मीदवारी पर तोड़ी चुप्पी ► एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर अमोल मजूमदार का बड़ा बयान, बीसीसीआई के साथ खड़े हैं कोच ► दिवाली-छ छठ पर घर जाना हुआ आसान, इन 3 राज्यों के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें ► MCB में 12 हाथियों का तांडव: अमृतधारा गांव खाली, दहशत में ग्रामीण ► भारतीय महिला टीम का बड़ा कदम, मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार ► आखिर क्यों लिखा होता है ट्रकों के पीछे हॉर्न ओके प्लीज? यह है असली इतिहास ► बैडमिंटन में भारत का डंका: तन्वी पत्री ने जीता एशिया अंडर-17 का खिताब ► Ganesh Chaturthi 2026: आज से शुरू हुआ महामहोत्सव, इस शुभ मुहूर्त में करें बप्पा की स्थापना ► मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस: 200 करोड़ से बस इंचभर दूर, जानें 10वें दिन का हाल ► बॉलीवुड के लीजेंड्री प्रोड्यूसर जी.पी. सिप्पी: 'शोले' से लेकर 'सीता और गीता' तक की 5 बेहतरीन फिल्में ► 2028 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: डोनाल्ड ट्रंप ने जेडी वेंस की उम्मीदवारी पर तोड़ी चुप्पी ► एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर अमोल मजूमदार का बड़ा बयान, बीसीसीआई के साथ खड़े हैं कोच ► दिवाली-छ छठ पर घर जाना हुआ आसान, इन 3 राज्यों के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें ► MCB में 12 हाथियों का तांडव: अमृतधारा गांव खाली, दहशत में ग्रामीण ► भारतीय महिला टीम का बड़ा कदम, मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार ► आखिर क्यों लिखा होता है ट्रकों के पीछे हॉर्न ओके प्लीज? यह है असली इतिहास ► बैडमिंटन में भारत का डंका: तन्वी पत्री ने जीता एशिया अंडर-17 का खिताब ► Ganesh Chaturthi 2026: आज से शुरू हुआ महामहोत्सव, इस शुभ मुहूर्त में करें बप्पा की स्थापना ► मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस: 200 करोड़ से बस इंचभर दूर, जानें 10वें दिन का हाल ► बॉलीवुड के लीजेंड्री प्रोड्यूसर जी.पी. सिप्पी: 'शोले' से लेकर 'सीता और गीता' तक की 5 बेहतरीन फिल्में

राशन कार्ड ई-केवाईसी पर नया अपडेट, फिंगरप्रिंट न मैच होने पर तुरंत अपनाएं यह तरीका

राशन कार्ड ई-केवाईसी पर नया अपडेट, फिंगरप्रिंट न मैच होने पर तुरंत अपनाएं यह तरीका

देशभर के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर सामने आ रही है। यदि आपके पास भी राशन कार्ड है और आपने अभी तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी नहीं करवाई है, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सितंबर 2026 के इस दौर में, देश के अलग-अलग राज्यों से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि सभी लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। सोशल मीडिया और तमाम प्लेटफॉर्म्स पर इसको लेकर कई तरह की अफवाहें और जानकारियां तैर रही हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है और यदि कोटे की दुकान पर आपका अंगूठा या फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहा है, तो आपको क्या कदम उठाने चाहिए, आइए विस्तार से जानते हैं।

राशन कार्ड ई-केवाईसी: क्यों पड़ी इस प्रक्रिया की जरूरत?

सरकार द्वारा चलाई जा रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल पात्र और जीवित व्यक्तियों तक की खाद्यान्न सामग्री पहुंचे, ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए थे जहां मृत व्यक्तियों या अन्य जगहों पर शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम पर भी राशन उठाया जा रहा था। इन गड़बड़ियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए खाद्य मंत्रालय ने आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का रास्ता चुना है।

इस प्रक्रिया के तहत परिवार के प्रत्येक सदस्य को अपना फिंगरप्रिंट देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है। जिन लोगों ने तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके नाम राशन कार्ड से हटाए जाने का खतरा लगातार बना हुआ है। यही कारण है कि देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में इन दिनों राशन डीलर की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

फिंगरप्रिंट (अंगूठा) मैच न होने पर क्या करें? आम जनता की बड़ी समस्या का समाधान

ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान सबसे बड़ी और आम समस्या जो सामने आ रही है, वह है बुजुर्गों, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों और मेहनतकश मजदूरों के फिंगरप्रिंट का मशीन द्वारा रीड न किया जाना। लगातार शारीरिक श्रम करने या उम्र बढ़ने की वजह से उंगलियों के निशान (Biometric Prints) घिस जाते हैं, जिसकी वजह से पॉस (PoS) मशीन उनका अंगूठा स्वीकार नहीं करती। ऐसी स्थिति में लोग काफी परेशान हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि अब उनका राशन हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। लेकिन घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तय की हैं:

  • आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन: यदि आपके फिंगरप्रिंट काम नहीं कर रहे हैं, तो आप कोटेदार या नजदीकी खाद्य आपूर्ति केंद्र से संपर्क कर सकते हैं, जहां बायोमेट्रिक डिवाइस में आईआरआईएस स्कैनर का विकल्प होता है। आंखों की पुतली स्कैन करके आसानी से ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है।
  • मोबाइल ओटीपी (OTP) आधारित विकल्प: कुछ विशेष परिस्थितियों और तकनीकी प्रावधानों के तहत यदि बायोमेट्रिक पूरी तरह असफल रहता है, तो आधार से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए सत्यापन का विकल्प भी पोर्टल पर देखा जा सकता है।
  • सीएससी (CSC) या जिला कार्यालय: यदि राशन डीलर के पास आधुनिक मशीन उपलब्ध नहीं है, तो आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (Common Service Centre) पर जाकर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।

घर बैठे 'मेरा राशन 2.0 ऐप' से ऐसे चेक करें अपना ई-केवाईसी स्टेटस

आपको अपनी ई-केवाईसी का स्टेटस जानने के लिए बार-बार कोटे की दुकान के चक्कर लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने तकनीक को आसान बनाते हुए मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किए हैं:

  1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर जाएं।
  2. वहां से आधिकारिक 'Mera Ration 2.0' ऐप को अपने फोन में डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
  3. ऐप को ओपन करने के बाद अपने आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर की प्रविष्टि करें।
  4. लॉगिन करने के बाद आपको 'Beneficiary Verification' या 'e-KYC Status' का विकल्प दिखाई देगा।
  5. वहां क्लिक करते ही आपके परिवार के सभी सदस्यों की सूची सामने आ जाएगी, जिसके आगे यह साफ लिखा होगा कि किस सदस्य की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है और किसकी बाकी है।

अंतिम तिथि को लेकर क्या है ताजा अपडेट?

विभिन्न राज्यों में स्थानीय प्रशासनिक आदेशों के अनुसार ई-केवाईसी की तिथियों को समय-समय पर आगे बढ़ाया गया है ताकि कोई भी पात्र परिवार इस कल्याणकारी योजना से वंचित न रह जाए। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों और विभागीय सूत्रों का यही सुझाव है कि किसी भी आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना जितना जल्दी हो सके, इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। सोशल मीडिया पर चल रही तमाम भ्रामक खबरों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।

कोटेदारों के रवैये और मनमानी से ऐसे बचें

कई ग्रामीण अंचलों से यह शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं कि कुछ कोटेदार ई-केवाईसी के नाम पर आनाकानी कर रहे हैं या तकनीकी बहाने बनाकर लोगों को वापस भेज रहे हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा कोई असहज अनुभव होता है, तो आप चुप बैठने के बजाय सीधे अपने जिले के जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (DSO) कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी गरीब या हकदार का राशन बिना पुख्ता वजह के बंद नहीं किया जा सकता।

निष्कर्ष

राशन कार्ड हमारे देश के करोड़ों परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया है। ऐसे में थोड़ी सी जागरूकता और समझदारी दिखाकर आप संभावित बड़े नुकसान से बच सकते हैं। यदि आपके परिवार में भी किसी सदस्य का फिंगरप्रिंट मशीन पर नहीं आ रहा है, तो तुरंत आंखों के स्कैन (Iris Scan) या ओटीपी आधारित विकल्पों का सहारा लें और 'मेरा राशन' ऐप के जरिए अपना स्टेटस समय रहते जांचते रहें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अपने अधिकारों के प्रति हमेशा जागरूक रहें।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More