आगामी पावन नवरात्र पर्व को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है। त्यौहार के दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला और मंडल स्तर पर युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में मीरजापुर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और विशेष तौर पर नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
मंडलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मीरजापुर मंडल के विकास कार्यों, लंबित परियोजनाओं और आगामी नवरात्र मेले की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेले के शुरू होने से पहले सभी बुनियादी जरूरतें जैसे कि सड़कें, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई के काम शत-प्रतिशत पूरे हो जाएं।
अधिकारियों के साथ हुई इस मैराथन बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच), जल निगम और विभिन्न नगर निकायों के नुमाइंदे शामिल हुए। सभी विभागों से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई।
सड़कों की खस्ताहाली पर प्रशासन सख्त
तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी खराब सड़कों का मुद्दा बैठक के केंद्र में रहा। मंडलायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि मीरजापुर और विंध्याचल क्षेत्र की सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य नवरात्र शुरू होने से पहले ही हर हाल में पूरा कर लिया जाए। सड़कों में पड़े गड्ढों को भरने और उनकी रीसर्फेसिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है।
भरूहना चौराहे से विंध्याचल-अष्टभुजा मार्ग की खराब स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि काम में लापरवाही बरतने वाले संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति पहले ही भेजी जा चुकी है। वहीं, मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से नए ठेकेदार की व्यवस्था की जाए और युद्ध स्तर पर इस प्रमुख मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाए ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जल निगम को विशेष निर्देश: नई खुदाई पर रोक
त्यौहार के दिनों में सड़कों पर जलभराव और आवागमन बाधित होने की समस्या से निपटने के लिए जल निगम (नगरीय) को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। मंडलायुक्त ने आदेश दिया है कि नवरात्र के दौरान किसी भी नए स्थान पर सड़क की खुदाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा, जिन इलाकों में पहले से ही पाइपलाइन या अन्य कार्यों के लिए सड़कें खोदी गई हैं, उनकी मरम्मत और पैचवर्क का काम त्योहार से पहले हर, हाल में पूरा कर लिया जाए। यदि किसी भी स्तर पर कार्य में हीला-हवाली या देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
लंबित विकास परियोजनाओं की समीक्षा
केवल नवरात्र की तैयारियों तक ही यह बैठक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें मंडल भर की तमाम अटकी हुई परियोजनाओं पर भी विस्तार से मंथन किया गया। बैठक के दौरान मीरजापुर जिले की 21, सोनभद्र की 8 और भदोही जिले की 13 लंबित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं विभिन्न कारणों से रुकी हुई हैं, उनके तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए, ताकि जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेलों और बड़े उत्सवों के दौरान कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए बैठक में सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा खाका खींचा गया। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष चर्चा हुई:
- रूट डायवर्जन: भारी वाहनों के शहर के भीतर प्रवेश को रोकने और यातायात सुचारू रखने के लिए प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान तैयार करना।
- शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठकें: क्षेत्र में आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय संभ्रांत नागरिकों और शांति समितियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित करना।
- विसर्जन स्थल: आगामी आयोजनों और मेलों को देखते हुए सुरक्षित विसर्जन स्थलों का पहले से ही चिन्हांकन कर लेना और वहां पर गोताखोरों तथा बैरिकेडिंग की पुख्ता व्यवस्था करना।
प्रशासन की अपील और आम जनता के लिए संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नवरात्र मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है ताकि इस बार का मेला पूरी तरह से सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित हो सके। स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे विकास कार्यों के दौरान प्रशासन का सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।