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लखनऊ में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: CEC के इस्तीफे की मांग पर भिड़े पुलिस और कार्यकर्ता

लखनऊ में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: CEC के इस्तीफे की मांग पर भिड़े पुलिस और कार्यकर्ता

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को राजनीतिक पारा उस वक्त अचानक से चढ़ गया, जब कांग्रेस पार्टी के तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने जोरदार हल्ला बोला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई नेताओं को चोटें आने की खबर है। यह पूरा घटनाक्रम राजधानी के प्रमुख राजनीतिक केंद्रों पर चर्चा का विषय बन गया है।

कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ विरोध मार्च

शुक्रवार को सुबह से ही लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था। मौसम खराब होने और लगातार हो रही बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जोश में कोई कमी नहीं आई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के आह्वान पर हजारों की संख्या में कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए।

इस विरोध प्रदर्शन की कमान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने संभाल रखी थी। इन नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय से लेकर प्रदेश चुनाव आयुक्त कार्यालय की तरफ कूच किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे थे।

'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारों से गूंजा इलाका

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था। मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं की जुबान पर सबसे प्रमुख नारा 'वोट चोर गद्दी छोड़' था। इस दौरान पूरा इलाका राजनीतिक नारों से गूंज उठा। खराब मौसम और बारिश भी प्रदर्शनकारियों के कदमों को रोक नहीं पाई।

नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर उनके कई गंभीर सवाल हैं, जिनका जवाब चुनाव आयोग द्वारा नहीं दिया जा रहा है। इसी के विरोध में यह मार्च निकाला गया था।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प

जैसे ही कांग्रेस नेताओं का जुलूस तयशुदा रास्ते से आगे बढ़ा, पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा रखी थी। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोकने का कड़ा प्रयास किया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग की कोशिश की।
  • सुरक्षाकर्मियों और कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
  • पुलिस ने कई नेताओं को सड़क पर घसीटते हुए और जबरन हिरासत में लेकर प्रदर्शन को खत्म करवाने का प्रयास किया।
  • बारिश के बीच चली इस खींचतान से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी भारी दबाव देखा गया।

कई नेता हुए घायल, डॉक्टर नीरज त्रिपाठी को भी आई चोट

इस तीखी झड़प और पुलिस के साथ हुई खींचतान के दौरान कई कांग्रेस नेताओं को गंभीर चोटें आईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी भी पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान घायल हो गए। उन्हें और अन्य चोटिल कार्यकर्ताओं को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।

घायल नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है।

शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने खींचा सबका ध्यान

इस पूरे प्रदर्शन में प्रदेश के बड़े चेहरों की मौजूदगी ने इसे एक राष्ट्रीय स्तर की बहस का रूप दे दिया है। राजेंद्र पाल गौतम, अजय राय और आराधना मिश्रा मोना ने मोर्चा संभालते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज

लखनऊ की इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी इसे जनता के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

फिलहाल, इस प्रदर्शन के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बड़े राजनीतिक घमासान के आसार नजर आ रहे हैं।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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