भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज यानी सोमवार, 28 सितंबर 2026 का दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ। बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर भूचाल आ गया और बिकवाली के भारी दबाव के चलते प्रमुख सूचकांक धੜाम हो गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में ही 1000 से अधिक अंकों की भारी गिरावट के साथ लाल निशान में ट्रेड करता दिखा, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी मनोवैज्ञानिक स्तर 23,000 के अहम समर्थन को तोड़कर नीचे फिसल गया।
इस अचानक आई सुनामी ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई को कुछ ही मिनटों में साफ कर दिया। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं, जिन्होंने निवेशकों के सेंटीमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है।
बाजार में क्यों मची यह तबाही? जानिए बड़े कारण
शेयर बाजार में इस भारी गिरावट के पीछे किसी एक घटना का हाथ नहीं है, बल्कि कई नकारात्मक संकेत एक साथ मिल गए हैं। आइए जानते हैं वे कौन से मुख्य कारण हैं जिनकी वजह से आज बाजार बुरी तरह टूट गया:
- वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत: एशियाई बाजारों से लेकर अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट तक में पिछले सत्र में सुस्ती और कमजोरी का रुख देखा गया था, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है।
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार भारतीय शेयरों में बिकवाली का दौर जारी है। वे लगातार अपने फंड्स निकालकर सुरक्षित ठिकानों की तरफ रुख कर रहे हैं।
- महंगाई और ब्याज दरों की चिंता: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों के रुख और महंगाई के मोर्चे पर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
- तकनीकी स्तर पर मुनाफावसूली: पिछले कुछ हफ्तों में बाजार ने शानदार तेजी दिखाई थी, जिसके बाद आज उच्च स्तर पर निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) की।
दिग्गज शेयरों का बुरा हाल, रिलायंस और एचडीएफसी टूटे
आज के इस भारीि क्रैश में बाजार के दिग्गज शेयरों का बुरा हाल रहा। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), और बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) जैसे मार्केट के हेवीवेट शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इन शेयरों के टूटने का सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा, क्योंकि बेंचमार्क इंडेक्स में इन कंपनियों का भारांक (Weightage) सबसे ज्यादा होता है।
ऑटो, बैंकिंग, आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई। निवेशकों के पोर्टफोलियो में देखते ही देखते भारी गिरावट आ गई, जिससे रिटेल निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया है।
एक्सपर्ट्स की सलाह: इस गिरावट में क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अचानक गिरावट से निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, मौजूदा माहौल में जोखिम बहुत बढ़ गया है, इसलिए किसी भी नए निवेश से पहले बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें:
- पैनिक में आकर शेयर न बेचें: यदि आपने लंबी अवधि के लिए मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश किया है, तो बाजार के इस उतार-चढ़ाव से घबराकर अपने शेयर औने-पौने दामों में न बेचें।
- सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट (SIP) जारी रखें: म्यूचुअल फंड के जरिए एसआईपी करने वाले निवेशकों के लिए यह समय औसत (Averageing) करने का बेहतरीन मौका हो सकता है, लेकिन अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
- लॉन्ग टर्म विजन रखें: भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी पहलू मजबूत हैं, इसलिए शॉर्ट टर्म की उठापटक से डरने के बजाय लॉन्ग टर्म के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का बादल छाया हुआ है और निवेशकों की नजरें आने वाले दिनों में आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई हैं। देखना यह होगा कि क्या बाजार जल्द ही इस रिकवरी की कोशिश करता है या फिर मंदी का यह दौर अभी कुछ और दिन जारी रहेगा।