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तिलक नगर थप्पड़ कांड: हाथ मिलाने से शुरू हुई बात FIR तक कैसे पहुंची?

तिलक नगर थप्पड़ कांड: हाथ मिलाने से शुरू हुई बात FIR तक कैसे पहुंची?

हाथों की गर्मजोशी से हुई शुरुआत जब अचानक तल्खी और फिर गाल पर पड़े थप्पड़ में बदल जाए, तो सियासी पारा चढ़ना लाजिमी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाके यानी तिलक नगर में इन दिनों कुछ ऐसा ही सियासी भूचाल आया हुआ है। सड़क के मुआयने के लिए उतरे एक मंत्री और एक विधायक के बीच की यह जंग अब थाने की चौखट और कानूनी पन्नों तक पहुंच चुकी है। सड़क की क्वालिटी को लेकर शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा हर गुजरते घंटे के साथ और अधिक दिलचस्प और गर्माता जा रहा है।

मुस्कुराहट के साथ हुई थी शुरुआत

घटना की पटकथा पश्चिमी दिल्ली के व्यस्त माने जाने वाले तिलक नगर इलाके में लिखी गई। रोहिणी में आयोजित एक कार्यक्रम से अपनी गाड़ी से लौट रहे मंत्री प्रवेश वर्मा जब अचानक इस इलाके में सड़क के कामकाज का जायजा लेने के लिए रुके, तो वहां का माहौल सामान्य लग रहा था। कुछ ही देर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक जरनैल सिंह भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। कैमरों के सामने दोनों नेताओं ने तल्खियों को दरकिनार करते हुए मुस्कुराते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाया। लेकिन यह शिष्टाचार महज कुछ पन्नों का ही मेहमान साबित हुआ और चंद मिनटों में ही हालात पूरी तरह पलट गए।


जब हाथों से उखड़ गई सड़क की परतें

विधायक जरनैल सिंह ने मौके पर पहुंचते ही क्षेत्र की सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया और अपने फोन में पहले के कुछ वीडियो दिखाने शुरू किए। उनका आरोप था कि नियमों के मुताबिक सड़क की मोटाई कम से कम 70 मिलीमीटर होनी चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है और यहां 20 मिलीमीटर की परत भी कायदे से नहीं डाली जा रही है।

बात बढ़ती देख मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक तरह से चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो सड़क उखाड़कर दिखाएं। फिर क्या था, विधायक जरनैल सिंह ने घुटने के बल बैठकर ताजी डामर से बनी सड़क की परत को अपने हाथों से खींचना शुरू कर दिया। हैरान करने वाली बात यह रही कि सड़क मक्खन की तरह उधड़ने लगी और नीचे से कंकड़-पत्थर बाहर आ गए। विधायक ने टूटे हुए टुकड़ों को हाथों में उठाकर सीधे तौर पर सरकार के विकास कार्यों और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।

लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान गरमाया मामला और चला हाथ

जिस वक्त यह सब कुछ हो रहा था, उसी दौरान विधायक जरनैल सिंह की सोशल मीडिया टीम के लिए काम करने वाला 22 वर्षीय साहिब सिंह अपने फोन से इस पूरे वाकये की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा था। आरोप है कि जैसे ही वीडियो में निर्माण कार्य की कलई खुलनी शुरू हुई, मंत्री प्रवेश वर्मा अपना आपा खो बैठे। साहिब का आरोप है कि मंत्री ने अचानक उनका फोन झपट लिया और तैश में आकर उन्हें जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।

पीड़ित युवक का कहना है कि उसने व्यक्तिगत तौर पर मंत्री से कुछ भी नहीं कहा था, वह सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सोशल मीडिया के लिए रिकॉर्डिंग कर रहा था। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की की।

मंत्री का पलटवार: 'गाली-गलौज और कमीशनखोरी का खेल'

दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम पर मंत्री प्रवेश वर्मा का पक्ष बिल्कुल अलग कहानी बयां करता है। मंत्री का साफ तौर पर कहना है कि जरनैल सिंह अपनी योजना के तहत कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं को लेकर आए थे और वहां जानबूझकर माहौल खराब किया गया। उनके अनुसार, भीड़ में मौजूद एक कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गालियां दीं, जिससे उनका गुस्सा स्वाभाविक रूप से फूट पड़ा।

प्रवेश वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग सरकारी कामकाज में जानबूझकर बाधा उत्पन्न कर रहे थे और इसके पीछे उनकी असली मंशा सड़क निर्माण के नाम पर अवैध कमीशन वसूलने की थी, जिसका पर्दाफाश होने पर वे नाटक कर रहे हैं।

सड़क से थाने और फिर राजनीति के गलियारों तक गूंज

इस थप्पड़ कांड के सामने आते ही दिल्ली की राजनीति में भूचाल आ गया। 'आप' के तमाम दिग्गज नेता तुरंत तिलक नगर थाने के बाहर जमा हो गए और मंत्री के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सोमवार को सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के कई बड़े नेता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इस मामले में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मंत्री के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की, तो वहीं दूसरी ओर सरकारी काम में बाधा डालने और अन्य आरोपों के तहत विधायक जरनैल सिंह और उनके समर्थकों पर भी दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली गईं।

केजरीवाल की एंट्री और प्रधानमंत्री पर सीधा निशाना

मामले की गंभीरता को देखते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद मंगलवार को तिलक नगर पहुंचे और खुद उस उखड़ी हुई सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने इस पूरी घटना को लेकर केंद्र सरकार और सीधे तौर पर प्रधानमंत्री पर करारा हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए अब इस तरह की गुंडागर्दी का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने युवा वर्ग (Gen Z) के समर्थन का हवाला देते हुए तीखी टिप्पणियां कीं और मंत्री को तुरंत पद से हटाकर गिरफ्तार किए जाने की मांग दोहराई।

पुराने विवादों की फेरहिस्ट और प्रशासनिक चुप्पी


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रवेश वर्मा के लिए विवादों में आना कोई नया अनुभव नहीं है। इससे पहले साल 2022 में भी यमुना घाट के निरीक्षण के दौरान दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी के साथ उनकी तीखी झड़प का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। हालांकि, इस ताज़ा घटनाक्रम के बाद से राज्य की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस तरह की खामोशी अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे मामलों को बढ़ावा दे रही है।तिलक नगर का यह थप्पड़ कांड अब केवल एक सड़क के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आने वाले दिनों में दिल्ली की सियासत का एक बड़ा हथियार बनता हुआ नजर आ रहा है। देखना यह होगा कि इस राजनीतिक दंगल में आगे कौन से नए कानूनी और सियासी मोड़ आते हैं।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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