प्रयागराज की धरती पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन की रडार पर चल रहे वांछित अभियुक्तों पर लगातार एक्शन जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए माफिया अतीक अहमद के करीबी माने जाने वाले खालिद जफर के अवैध ठिकाने को नेस्तनाबूद कर दिया। कालिंदीपुरम इलाके में स्थित उसका यह अवैध कार्यालय पिछले एक दशक से सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर चलाया जा रहा था, जिस पर अब प्रशासन का पीला पंजा पूरी तरह से गरज चुका है।
दस साल से सरकारी जमीन पर चल रहा था अवैध कब्जा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, खालिद जफर ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण की लगभग 200 वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इस जमीन पर पिछले 10 वर्षों से रियल एस्टेट से जुड़ा एक कार्यालय संचालित किया जा रहा था। कानून के शिकंजे से बेपरवाह होकर आरोपी इस संपत्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन, उमेश पाल हत्याकांड में नाम आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन ने उसकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी, जिसके बाद इस अवैध निर्माण का काला चिट्ठा खुलकर सामने आ गया।
शुक्रवार सुबह प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ कालिंदीपुरम क्षेत्र में पहुंचा। कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। जोनल अधिकारी सूरज पटेल की सीधी निगरानी में प्रवर्तन दल ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान तीन भारी-भरकम बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने कुछ ही घंटों में इस अवैध इमारत को जमींदोज कर दिया।
माफिया नेटवर्क पर प्रशासन की लगातार चोट
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के तेवर पूरी तरह से सख्त हैं। जांच में यह बात सामने आई थी कि खालिद जफर सीधे तौर पर माफिया अतीक अहमद के करीबियों में शामिल रहा है। हत्याकांड में उसकी संलिप्तता पाए जाने के बाद से ही कानून एजेंसियों की नजर उसकी हर गतिविधि पर टिकी हुई थी। व्यक्तिगत संपत्तियों के साथ-साथ उसके द्वारा खड़े किए गए अवैध कारोबारों और साम्राज्य को एक-एक करके तहस-नहस किया जा रहा है ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ फिर से स्थापित किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य को गहरी चोट पहुंचती है। अवैध कब्जों के जरिए अकूत संपत्ति जुटाने वाले तत्वों पर यह बुलडोजर एक्शन एक स्पष्ट संदेश है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और गलत तरीके से अर्जित की गई संपत्ति लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रह सकती।
कसारी-मसारी में भी गरजा बुलडोजर, 30 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
महज एक कार्यालय को गिराने तक ही यह अभियान सीमित नहीं रहा। पीडीए के प्रवर्तन दल ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए कालिंदीपुरम और कसारी-मसारी इलाकों में भी ताबड़तोड़ छापे मारे। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में लगभग 30 बीघा से अधिक भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग की गई थी, जिसे जमींदोज कर दिया गया है। बिना किसी वैध अनुमति के कॉलोनियां बसाने और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
इस बड़े पैमाने पर चली ध्वस्तीकरण कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में भारी हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के सख्त कदमों से शहर में अवैध कब्जों की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और आम जनता को राहत मिलेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की कानूनी प्रक्रिया
ध्वस्तीकरण स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय थानों की पुलिस के साथ-साथ पीएसी बल के जवानों को भी तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खालिद जफर और इस हत्याकांड से जुड़े अन्य वांछित अभियुक्तों की अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। यदि कहीं भी अन्य बेनामी संपत्तियां या अवैध निर्माण पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी बहुत जल्द इसी तरह का बुलडोजर एक्शन देखने को मिलेगा।
उमेश पाल हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था, और इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार और न्यायपालिका दोनों ही स्तरों पर तेजी से काम हो रहा है। एक तरफ जहां पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को नेस्तनाबूद करने में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।