Breaking
► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► समस्तीपुर में पुलिस पर भारी पड़ा आरोपी, कीचड़ में लोटकर काटा गदर - VIDEO ► फेसबुक का बड़ा बदलाव: अब ऐप खोलते ही दिखेगी फुल-स्क्रीन रील्स फीड ► वाराणसी से डिजिटल पिंडदान: मॉरिशस और यूरोप के नागरिकों ने ऑनलाइन किया त्रिपिंडी श्राद्ध ► मालेगांव के सरकारी अस्पताल में गहराया ऑक्सीजन संकट, थमी सांसें ► चार दिनों से बिजली गुल: गुस्से में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सीताद्वार उपकेंद्र पर दिया धरना ► ग्वालियर जू घूमने गया था पति, पत्नी को मिला मौका; CCTV फुटेज देख पैरों तले खिसक गई जमीन ► चंदौली के नमो घाट पर गूंजेगा आसमान का गर्जन, भव्य एयर शो को लेकर प्रशासन सख्त ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► समस्तीपुर में पुलिस पर भारी पड़ा आरोपी, कीचड़ में लोटकर काटा गदर - VIDEO ► फेसबुक का बड़ा बदलाव: अब ऐप खोलते ही दिखेगी फुल-स्क्रीन रील्स फीड ► वाराणसी से डिजिटल पिंडदान: मॉरिशस और यूरोप के नागरिकों ने ऑनलाइन किया त्रिपिंडी श्राद्ध ► मालेगांव के सरकारी अस्पताल में गहराया ऑक्सीजन संकट, थमी सांसें ► चार दिनों से बिजली गुल: गुस्से में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सीताद्वार उपकेंद्र पर दिया धरना ► ग्वालियर जू घूमने गया था पति, पत्नी को मिला मौका; CCTV फुटेज देख पैरों तले खिसक गई जमीन ► चंदौली के नमो घाट पर गूंजेगा आसमान का गर्जन, भव्य एयर शो को लेकर प्रशासन सख्त

वाराणसी के ढेरही टोल प्लाजा पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, सड़क पूरी हुए बिना टैक्स वसूली पर भड़की आग

वाराणसी के ढेरही टोल प्लाजा पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, सड़क पूरी हुए बिना टैक्स वसूली पर भड़की आग

वाराणसी के आंचल में इन दिनों एक बड़ा प्रशासनिक और स्थानीय विवाद सुलग उठा है। मामला शहर के बहुचर्चित ढेरही टोल प्लाजा का है, जहां बुधवार को हालात उस वक्त पूरी तरह बेकाबू हो गए जब सैकड़ों की संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए। किसानों का यह गुस्सा किसी सामान्य मुद्दे को लेकर नहीं था, बल्कि उनकी सीधी मांग थी कि जब तक सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से मुकम्मल नहीं हो जाता, तब तक एक भी रुपया टोल टैक्स के रूप में नहीं वसूला जाएगा। 'सड़क नहीं तो टैक्स नहीं' के गगनभेदी नारों से पूरा टोल प्लाजा गूंज उठा और देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े टकराव में तब्दील हो गया।

अधूरे निर्माण पर टोल वसूली का पेच

मौजूदा समय में सड़क परिवहन के मोर्चे पर बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने का दावा भले ही जोरों पर किया जा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। किसानों का तर्क बिल्कुल स्पष्ट और तार्किक है। उनका कहना है कि जिस सड़क के एवज में वाहन चालकों और स्थानीय किसानों से भारी-भरकम टोल वसूला जा रहा है, वह सड़क अभी तक अपने निर्माण के शुरुआती या अधूरे चरणों में ही है। धूल फांकती अधूरी सड़कों पर सफर करने के लिए जेब ढीली करना किसानों और आम जनता के लिए किसी आर्थिक प्रताड़ना से कम नहीं है।

सुबह सवेरे से ही ढेरही टोल प्लाजा के आसपास किसानों का जुटना शुरू हो गया था। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। देखते ही देखते यह भीड़ आक्रोशित हो गई और टोल बैरियरों को पार कर अंदर तक पहुंच गई।

पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प

विरोध प्रदर्शन के उग्र रूप धारण करने की आशंका को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था। जैसे ही किसानों ने टोल प्लाजा पर कब्जा जमाना शुरू किया, पुलिस ने उन्हें रोकने के प्रयास किए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।

तनाव का यह माहौल तब और गहरा गया जब प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख किसान नेता अजीत सिंह को पुलिस ने हिरासत मैं ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लेने की प्रक्रिया के दौरान माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया जब किसान नेता द्वारा कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़कने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई। इस नाटकीय घटनाक्रम ने मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ा दिए और फौरन कड़े कदम उठाते हुए किसान नेता को हिरासत में लेकर स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया गया। किसानों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का गंभीर आरोप भी लगाया है।

राजनीतिक पारा चढ़ा: विधायक टी. राम का बड़ा बयान

इस पूरे घटनाक्रम ने तूल पकड़ा जब राजनीतिक हलकों से भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। अजगरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक टी. राम खुलकर किसानों के समर्थन में मैदान में उतर आए। उन्होंने एक तीखा बयान देते हुए एलान किया कि जब तक क्षेत्र में सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसानों के लिए इस टोल को पूरी तरह से फ्री रखा जाना चाहिए।

विधायक के इस मुखर समर्थन के बाद से स्थानीय किसानों में एक नई उम्मीद की किरण जरूर जगी है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच एक वाकयुद्ध सा छिड़ गया है। जनता अब असमंजस में है कि आखिर किसकी बात को अंतिम माना जाए।

प्रशासन का पक्ष: 16 किलोमीटर के नियम का हवाला

एक तरफ जहां किसान और स्थानीय विधायक सड़क पूरा होने तक एक इंच भी टोल न देने पर अड़े हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का अपना तर्क है। वाराणसी के संयुक्त मजिस्ट्रेट ने मीडिया और जनता के सामने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि नियमों के मुताबिक 16 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद ही टोल वसूली का प्रावधान लागू किया जाता है। प्रशासन की ओर से यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि जो वसूली हो रही है, वह तयशुदा कानूनी और तकनीकी पैमानों के तहत ही संचालित की जा रही है।

आगे की राह और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

ढेरही टोल प्लाजा पर घटी इस घटना के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय या हिंसात्मक घटना को समय रहते टाला जा सके।

  • मुख्य मांग: सड़क का निर्माण पूरी तरह खत्म होने के बाद ही टोल टैक्स वसूला जाए।
  • वर्तमान स्थिति: किसान नेता अजीत सिंह पुलिस हिरासत में हैं और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
  • प्रशासनिक रुख: 16 किलोमीटर की शर्त के आधार पर टोल प्रक्रिया को वैध ठहराया जा रहा है।
  • जनप्रतिनिधि की भूमिका: विधायक टी. राम ने सड़क पूरी होने तक टोल फ्री करने की मांग का समर्थन किया है।

फिलहाल, बुधवार की इस घटना ने एक बार फिर देश के बुनियादी ढांचे के विकास और आम जनता पर पड़ने वाले उसके वित्तीय बोझ के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। किसान अपनी जिद पर अड़े हैं कि जब तक सड़क चकाचक नहीं होगी, तब तक वे अपनी जेब नहीं कटने देंगे। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस सुलगते मुद्दे का क्या सर्वमान्य हल निकालता है, क्योंकि किसानों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो उनका यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →