वाराणसी में पिछले कुछ घंटों से जारी झमाझम बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। बादलों की लुकाछिपी और लगातार बरस रहे पानी के कारण शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और त्वरित कदम उठाया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और लगातार बिगड़ते मौसम के मिजाज को देखते हुए वाराणसी में शनिवार, 26 सितंबर 2026 को कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को स्थगित रखने का फैसला किया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर लिया गया बड़ा फैसला
प्रशासन की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह आदेश वाराणसी जिले की सीमा के भीतर आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे से बचाने के लिए जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद यह निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह precautionary step उठाया गया है ताकि अभिभावक और बच्चे किसी भी अनचाही मुश्किल में न फंसें।
किन-किन स्कूलों पर लागू होगा यह आदेश?
अक्सर अभिभावकों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या यह आदेश उनके बच्चे के स्कूल पर भी लागू होता है या नहीं। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) वाराणसी ने संयुक्त रूप से स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है:
- परिषदीय विद्यालय (Basic Education Board Schools)
- सभी मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल (Recognized and Aided Schools)
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबंधित शिक्षण संस्थान
- इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (ICSE) बोर्ड के विद्यालय
- अन्य सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर के बोर्ड से संचालित स्कूल
स्पष्ट है कि बोर्ड चाहे कोई भी हो, वाराणसी जिले की सीमा के अंतर्गत आने वाला हर एक स्कूल शनिवार को छात्रों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।
क्या शिक्षकों और कर्मचारियों को भी मिलेगी छुट्टी?
यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है कि क्या इस अवकाश का लाभ शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को भी मिलेगा? प्रशासन के आदेश के मुताबिक, यह बंदी सिर्फ छात्र-छात्राओं के लिए है। यानी कक्षाएं संचालित नहीं होंगी और बच्चों को स्कूल नहीं आना है। हालांकि, विद्यालयों में तैनात शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी (Non-teaching staff) अपने तय समय पर विद्यालय पहुंचेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, स्कूल स्टाफ को स्कूल पहुंचकर पेंडing विभागीय कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। डिजिटल रिकॉर्ड, प्रशासनिक कामकाज और स्कूल के अन्य जरूरी कार्यों को निपटाने के लिए शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि इस अवकाश का सदुपयोग कागजी और अन्य औपचारिक कार्यों को पूरा करने में किया जा सके।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी: आदेश का हो सख्ती से पालन
जिला शिक्षा अधिकारियों ने जिले के सभी स्कूल प्रबंधनों और प्रधानाध्याਪकों को सख्त हिदायत दी है कि इस आदेश का पालन पूरी कड़ाई के साथ किया जाए। यदि कोई भी विद्यालय प्रशासन इस नियम की अवहेलना करते हुए शनिवार को स्कूल खोलता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
मौसम के इस मिजाज को देखते हुए अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को घरों में ही रखें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें। वाराणसी में जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन और फिसलन की समस्या बढ़ सकती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन के इन दिशा-निर्देशों का पूरा सहयोग करें। आगे की स्थिति मौसम के अगले अपडेट पर निर्भर करेगी, जिसके अनुसार प्रशासन द्वारा आगामी दिनों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।