राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के खुहड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरवा गांव में ससुराल पक्ष की प्रताड़ना का शिकार हुई एक विवाहिता की जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के परिवारवालों ने ससुराल पक्ष पर पुश्तैनी जमीन हड़पने के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश के तहत विवाहिता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति, ससुर, सास और जेठानी को दस्तयाब कर लिया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
हत्या के प्रयास का मामला बदला हत्या की धाराओं में
खुहड़ी थानाधिकारी भागुराम ने इस सनसनीखेज मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती चरण में यह मामला भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से झुलसी विवाहिता को पहले जैसलमेर और फिर हालत नाजुक होने पर जोधपुर रेफर किया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान विवाहिता ने आखिरकार दम तोड़ दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए फौरन धाराओं में संशोधन किया और इसे हत्या के गंभीर प्रकरण में तब्दील कर दिया।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान हिना के रूप में हुई है, जिसके पिता पुरखाराम भील एक सरकारी शिक्षक हैं और माणपिया गांव के निवासी हैं। दुखी पिता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
21 सितंबर की वह खौफनाक रात
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हिना की शादी 29 जून 2012 को कोरवा गांव निवासी भगवानाराम के साथ हुई थी। शादी की शुरुआती कुछ समय तो ठीक बीते, लेकिन उसके बाद से ही ससुराल के लोगों ने हिना को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। परिवार का आरोप है कि मायके से कार लेकर आने के लिए भी उस पर लगातार दबाव बनाया जाता था और उसे तरह-तरह की यातनाएं दी जाती थीं।
बीती 21 सितंबर की रात करीब एक बजे के बाद यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने सोते वक्त या सुनियोजित तरीके से हिना के ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और आग के हवाले कर दिया। आग की इस भीषण चपेट में आने से हिना 90 प्रतिशत से अधिक झुलस गई थी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और बाद में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने संघर्ष करते हुए दम तोड़ दिया।
पुश्तैनी जमीन हड़पने का खौफनाक षड्यंत्र
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। मृतका के परिजनों ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि मुख्य रूप से पुश्तैनी जमीन को हड़पने की नीयत से यह पूरा षड्यंत्र रचा गया था। परिजनों का कहना है कि हिना की जेठानी ने उसे धोखे से गर्भपात कराने वाली दवाइयां और कुछ संदिग्ध चीजें दी थीं, जिससे उसका स्वास्थ्य लगातार गिरता चला गया। जब इन साजिशों के बावजूद बात नहीं बनी, तो आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसे रास्ते से हटाने के लिए उसे जिंदा जला दिया।
प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई
घटना की भयावहता को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। खुहड़ी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति भगवानाराम, उसके ससुर, सास और जेठानी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य अहम खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे यह साफ हो सके कि इस जघन्य अपराध में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
जैसलमेर में किसानों के लिए जागरूकता अभियान: असली और नकली कीटनाशकों की पहचान
एक अन्य महत्वपूर्ण विकास क्रम में, जैसलमेर जिले के ब्रह्मसर गांव में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'टिड्डी-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र' की ओर से एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती किसानी के दौरान इस्तेमाल होने वाले असली और नकली कीटनाशकों के बीच का फर्क समझाना था ताकि वे आर्थिक नुकसान और फसल की बर्बादी से बच सकें।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के प्रभारी अधिकारी अमित कुमार मीणा ने प्राकृतिक खेती के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के लिए मित्र कीटों का संरक्षण बहुत जरूरी है, इसलिए रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए।
वैज्ञानिकों ने दिए जरूरी सुझाव
- पैकिंग और सील की जांच: वैज्ञानिक सहायक पवन सिंह पनौरा ने किसानों को सलाह दी कि वे बाजार से कीटनाशक खरीदते समय हमेशा उसकी पैकेजिंग, सील और उस पर दिए गए लीफलेट को अच्छी तरह जांच लें।
- क्यूआर कोड और बैच नंबर: उत्पाद की शुद्धता और वैधता परखने के लिए पंजीकरण संख्या, बैच नंबर और उस पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करके पूरी जानकारी अवश्य हासिल करें।
- दस्तावेज और बिल: खरीदारी करते समय मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट देखने के साथ ही दुकानदार से जीएसटी पक्का बिल लेना अनिवार्य बताया गया।
- बीज और मृदा उपचार: वैज्ञानिक सहायक विकाश कुमार मीना ने 'ट्राइकोडर्मा' के माध्यम से बीज और भूमि के उपचार की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग हमेशा अंतिम विकल्प के रूप में ही किया जाना चाहिए।
- कीट नियंत्रण: बुवाई से पहले खेत की मिट्टी का उपचार करने तथा खरीफ फसलों के प्रमुख कीटों, रोगों और विशेषकर कपास की गुलाबी सुंडी की निगरानी व समय पर रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस जागरूकता कार्यक्रम में कृषि सखी लीला, रामू, ममता सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारियों को बेहद उपयोगी बताया।